दिल्ली पुलिस द्वारा राजस्थान के युवा नेता पारस गुर्जर की गिरफ्तारी: "हक की आवाज उठाना गुनाह है तो मैं गुनाहगार हूँ"
दिल्ली में राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रमुख नेता पारस गुर्जर को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वे भारतीय युवा कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की रिहाई की मांग को लेकर 4 दिनों से 'न्याय सत्याग्रह' में शामिल थे। शांतिपूर्ण धरना के दौरान हुई झड़प में उन्हें चोट आई। गिरफ्तारी के बाद पारस ने कहा, "युवाओं-किसानों के हक की आवाज उठाना गुनाह है तो मैं गुनाहगार हूं।" उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई और लोकतंत्र की रक्षा पर जोर दिया तथा जेल की सजा मंजूर होने की बात कही। वे राजस्थान युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद के मजबूत दावेदार हैं।
नई दिल्ली: भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रमुख नेता और प्रदेश अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार पारस गुर्जर को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना गुरुवार को हुई, जब पारस गुर्जर अपने साथियों के साथ शांतिपूर्ण 'न्याय सत्याग्रह' में शामिल थे।
पारस गुर्जर पिछले चार दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए थे और उदय भानु चिब की रिहाई की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर भी उन्होंने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। गिरफ्तारी के समय पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें पारस गुर्जर को चोटें आईं। उन्होंने पुलिस के बर्बरतापूर्ण व्यवहार की कड़ी निंदा की है।
गिरफ्तारी के बाद मीडिया से बातचीत में पारस गुर्जर ने कहा, "युवाओं और किसानों के हक और अधिकार की आवाज उठाना गुनाह है तो मैं गुनाहगार हूँ। इस देश में बेरोजगारी और महंगाई दिन-ब-दिन बढ़ रही है, सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। भारत के लोकतंत्र, संविधान और युवाओं के हक की रक्षा के लिए मुझे जेल की सजा मंजूर है।"
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह गिरफ्तारी उस बड़े विरोध प्रदर्शन से जुड़ी है, जिसमें भारतीय युवा कांग्रेस ने हाल ही में दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट' के दौरान 'शर्टलेस प्रोटेस्ट' किया था। इस प्रदर्शन के विरोध में दिल्ली पुलिस ने उदय भानु चिब सहित कई युवा कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया है। पारस गुर्जर इस पूरे मामले में उदय भानु चिब की रिहाई के लिए सक्रिय थे और 'न्याय सत्याग्रह' का हिस्सा बने हुए थे।
पारस गुर्जर राजस्थान में छात्र राजनीति से अपना सफर शुरू करने वाले युवा नेता हैं। उन्होंने सरपंच के रूप में भी काम किया है और वर्तमान में राजस्थान युवा कांग्रेस में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार माने जाते हैं।
यह घटना युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच मोदी सरकार के खिलाफ आक्रोश को और बढ़ा रही है, जहां वे आरोप लगा रहे हैं कि सरकार विरोध की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। पारस गुर्जर की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थक और युवा कांग्रेस कार्यकर्ता उनकी रिहाई की मांग तेज कर रहे हैं।