बीकानेर छात्रा हत्याकांड पर सियासत तेज पूर्व मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग!
बीकानेर के रणजीतपुरा में नाबालिग छात्रा के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद प्रदेशभर में आक्रोश फैल गया है। मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए और सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं मुख्यमंत्री से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और कठोर सजा सुनिश्चित करने की मांग तेज हो गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
बीकानेर (राजस्थान) 23 फ़रवरी 2026 :- राजस्थान के बीकानेर जिले के रणजीतपुरा क्षेत्र में नाबालिग छात्रा के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या की दर्दनाक घटना को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। परीक्षा देने घर से निकली छात्रा के साथ हुई इस जघन्य वारदात ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।
घटना से प्रदेशभर में आक्रोश
जानकारी के अनुसार नाबालिग छात्रा परीक्षा देने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने तलाश शुरू की और बाद में छात्रा का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म और हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। लोगों ने महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की है।
अशोक गहलोत ने सरकार पर साधा निशाना
मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध की घटनाएं चिंता का विषय बन चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा हालात में आम नागरिक, खासकर बेटियां, खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। गहलोत ने सरकार से अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
मुख्यमंत्री से त्वरित कार्रवाई की मांग
घटना को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग उठी है। जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि आरोपियों को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों पर रोक लग सके और समाज में कड़ा संदेश जाए।
कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर बहस
इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश में महिला सुरक्षा, ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस निगरानी और छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा तंत्र मजबूत करने, नियमित गश्त बढ़ाने और त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच प्राथमिकता के आधार पर जारी है और सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।