मेवाराम के सवाल पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले- साथ लेकर चलेंगे: नियुक्ति के बाद पहली बार ली मीटिंग, दिल्ली रैली को लेकर भी हुई चर्चा

बाड़मेर में नवनियुक्त जिला कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा ने पहली बैठक ली। मेवाराम जैन व अमीन खान की अनुपस्थिति पर चर्चा हुई, जिस पर गोदारा ने कहा कि वे सभी को साथ लेकर चलेंगे। कार्यकर्ताओं ने नए अध्यक्ष का जोरदार स्वागत किया और दिल्ली में होने वाली कांग्रेस रैली के लिए बड़ी संख्या में शामिल होने का संकल्प लिया।

Dec 8, 2025 - 11:16
मेवाराम के सवाल पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले- साथ लेकर चलेंगे: नियुक्ति के बाद पहली बार ली मीटिंग, दिल्ली रैली को लेकर भी हुई चर्चा

बाड़मेर, 8 दिसंबर 2025: राजस्थान के बाड़मेर जिले में कांग्रेस पार्टी की आंतरिक गतिविधियों में नया अध्याय जोड़ा गया है। नवनियुक्त जिला अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा ने अपनी नियुक्ति के ठीक बाद पहली महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया, जिसमें पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। यह बैठक न केवल नए नेतृत्व की शुरुआत का प्रतीक बनी, बल्कि पार्टी में एकजुटता और समावेशिता पर भी गहन चर्चा का केंद्र रही। बैठक का मुख्य विषय शिव के पूर्व विधायक अमीन खान और बाड़मेर के पूर्व विधायक मेवाराम जैन की अनुपस्थिति बना, जिस पर जिलाध्यक्ष गोदारा ने स्पष्ट संदेश दिया कि वे सभी को साथ लेकर चलेंगे। इसके अलावा, दिल्ली में होने वाली प्रस्तावित रैली को लेकर भी रणनीतिक चर्चा हुई, जो पार्टी की आगामी योजनाओं का हिस्सा है।

बैठक का आयोजन और जोरदार स्वागत बाड़मेर जिला मुख्यालय के हृदय स्थल, महाबार रोड पर स्थित शुभम गार्डन में रविवार को यह बैठक आयोजित की गई। यह स्थान स्थानीय स्तर पर सामाजिक और राजनीतिक आयोजनों के लिए जाना जाता है, और इस बार यह कांग्रेस के नए दौर की शुरुआत का साक्षी बना। नवनियुक्त जिला अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा के नेतृत्व में हुई इस कमेटी बैठक में जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों—बाड़मेर, बायतु, शिव और गुड़ामालानी—के प्रमुख पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष, वार्ड सदस्य और सैकड़ों कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचे। बैठक की शुरुआत ही उत्साहपूर्ण रही। जैसे ही गोदारा सभागार में प्रवेश किए, कार्यकर्ताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट और नारों के साथ उनका स्वागत किया। "कांग्रेस जिंदाबाद, लक्ष्मण सिंह गोदारा जिंदाबाद" जैसे नारे गूंजते रहे। कई पदाधिकारियों ने मंच पर आकर गोदारा को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और फूलमालाओं से उनका अभिनंदन किया। यह स्वागत समारोह करीब 20 मिनट तक चला, जिसमें वरिष्ठ नेता और युवा कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग संबोधित करते हुए पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और नए नेतृत्व के प्रति विश्वास व्यक्त किया।

गोदारा का संकल्प: पार्टी के भरोसे पर खरा उतरेंगे बैठक को संबोधित करते हुए लक्ष्मण सिंह गोदारा ने भावुक अंदाज में अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने कहा, "पार्टी ने मुझ पर भरोसा जताया है, और मैं इसे कभी निराश नहीं करूंगा। मैं पूरे मनोयोग से कार्य करूंगा ताकि बाड़मेर जिला कांग्रेस मजबूत बने और आने वाले चुनावों में शानदार प्रदर्शन करे।" गोदारा ने अपने भाषण में पार्टी के मूल सिद्धांतों—समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और गरीब-किसान हित—पर जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जाति-धर्म के भेदभाव भूलकर एकजुट होकर काम करें। गोदारा का यह पहला सार्वजनिक संबोधन था, और इसमें उन्होंने अपनी पृष्ठभूमि का भी जिक्र किया। एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले गोदारा ने बताया कि वे जमीनी स्तर के मुद्दों से अच्छी तरह वाकिफ हैं, जैसे कि बाड़मेर के सूखाग्रस्त इलाकों में पानी की समस्या, बेरोजगारी और किसानों की कर्जमाफी। उन्होंने वादा किया कि जिला स्तर पर इन मुद्दों पर लगातार अभियान चलाया जाएगा।

अनुपस्थिति का मुद्दा: मेवाराम जैन पर चर्चा, गोदारा का स्पष्ट संदेश बैठक का सबसे चर्चित हिस्सा शिव के पूर्व विधायक अमीन खान और बाड़मेर के पूर्व विधायक मेवाराम जैन की अनुपस्थिति रहा। दोनों ही वरिष्ठ नेता जिले की राजनीति में प्रभावशाली माने जाते हैं, और उनकी गैरमौजूदगी ने कई कार्यकर्ताओं के बीच सवाल खड़े कर दिए। बैठक के दौरान कई पदाधिकारियों ने इस पर खुलकर चर्चा की। एक कार्यकर्ता ने तो सीधे सवाल उठाया कि "मेवाराम जैन जैसे दिग्गज नेता क्यों नहीं आए? क्या पार्टी में आंतरिक कलह तो नहीं है?"इस सवाल पर लक्ष्मण सिंह गोदारा ने संयमित लेकिन दृढ़ स्वर में जवाब दिया। उन्होंने कहा, "मैं सभी को साथ लेकर चलने का वादा करता हूं। अमीन खान और मेवाराम जैन जैसे अनुभवी नेताओं का सहयोग मेरे लिए अमूल्य है। उनकी अनुपस्थिति शायद किसी व्यक्तिगत कारण से रही होगी, लेकिन मैं व्यक्तिगत रूप से उनसे संपर्क करूंगा और उन्हें पार्टी की गतिविधियों में शामिल करूंगा। पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं चलेगी; हम सब एक परिवार हैं।" गोदारा के इस बयान पर सभागार में तालियां गूंजीं, और यह स्पष्ट हो गया कि नए अध्यक्ष समावेशी दृष्टिकोण अपनाने को प्रतिबद्ध हैं।मेवाराम जैन के संदर्भ में चर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि वे बाड़मेर की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। पूर्व विधायक रह चुके जैन ने कई चुनावों में कांग्रेस को मजबूत समर्थन दिया है, लेकिन हाल के वर्षों में पार्टी के आंतरिक विवादों से वे कुछ दूरी बना चुके थे। कार्यकर्ताओं का मानना है कि गोदारा का यह रुख पार्टी को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगा।

दिल्ली रैली पर रणनीति: आगामी योजनाओं की रूपरेखा बैठक का एक अन्य प्रमुख एजेंडा दिल्ली में होने वाली कांग्रेस की प्रस्तावित रैली था। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली इस रैली में बाड़मेर जिले से बड़े पैमाने पर कार्यकर्ताओं को ले जाने का फैसला लिया गया। गोदारा ने बताया कि यह रैली पार्टी के राष्ट्रीय मुद्दों—जैसे कि महंगाई, बेरोजगारी और किसान आंदोलन—पर केंद्रित होगी। बैठक में जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों से प्रतिनिधिमंडलों का गठन किया गया, जो रैली में भाग लेंगे। चर्चा के दौरान यह भी तय हुआ कि रैली से पहले जिले में छोटे-छोटे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक कार्यकर्ता जुड़ सकें। एक पदाधिकारी ने सुझाव दिया कि रैली के लिए विशेष बसें और रहने-खाने की व्यवस्था की जाए, जिस पर सहमति बनी। गोदारा ने कार्यकर्ताओं से कहा, "यह रैली हमारी ताकत दिखाने का अवसर है। बाड़मेर से हजारों की संख्या में जाकर हम केंद्र सरकार को संदेश देंगे।"