सड़क पर मिले दूसरे युवक की भी दर्दनाक मौत: हादसे में बाइक को कोई नुकसान नहीं, फिर भी दो दोस्तों की जान चली गई; परिजनों ने हत्या का शक जताया

कोटा के छाबड़ा में 30 सितंबर को बाइक स्लिप हादसे में घायल दानमल भील ने 9 दिन बाद कोटा अस्पताल में दम तोड़ा; बाइक बिना नुकसान के मिली, परिजनों ने हत्या का शक जताया।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
November 9, 2025 • 1:25 PM  510
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राजस्थान
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सड़क पर मिले दूसरे युवक की भी दर्दनाक मौत: हादसे में बाइक को कोई नुकसान नहीं, फिर भी दो दोस्तों की जान चली गई; परिजनों ने हत्या का शक जताया
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सड़क पर मिले दूसरे युवक की भी दर्दनाक मौत: हादसे में बाइक को कोई नुकसान नहीं, फिर भी दो दोस्तों की जान चली गई; परिजनों ने हत्या का शक जताया

कोटा (राजस्थान), 9 नवंबर 2025:

राजस्थान के कोटा जिले के छाबड़ा थाना क्षेत्र में 30 सितंबर को हुई एक सड़क दुर्घटना ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। पहले हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई थी, वहीं दूसरे युवक ने 9 दिनों तक अस्पताल में जूझने के बाद आज इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों की मौत के बावजूद उनकी बाइक पर कोई निशान तक नहीं मिला। इस संदिग्ध परिस्थिति को देखते हुए मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है और पुलिस से गहन जांच की मांग की है। मृतक युवक मक्का बेचने के लिए घर से निकले थे, जो इस घटना को और भी दुखद बना देता है।

घटना की पूरी कथा: सड़क पर मिली बाइक और घायल युवक घटना 30 सितंबर की है, जब नारायणपुर गांव के दो स्थानीय युवक—दानमल भील (उम्र लगभग 28 वर्ष) और मांगीलाल भील (उम्र लगभग 25 वर्ष)—अपनी बाइक पर सवार होकर छाबड़ा बाजार की ओर जा रहे थे। दोनों मक्का (मकई) की फसल बेचने के इरादे से घर से निकले थे। रास्ते में काकरा गांव के पास पहुंचते ही अचानक उनकी बाइक सड़क किनारे खड़ी मिली। आसपास के लोगों ने देखा कि बाइक बिल्कुल सामान्य अवस्था में थी—कोई खरोंच, टूट-फूट या दुर्घटना का निशान तक नहीं। लेकिन दोनों युवक सड़क पर घायल अवस्था में पड़े हुए थे।मांगीलाल की हालत बेहद नाजुक थी। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन रास्ते में ही उनकी सांसें थम गईं। वहीं, दानमल को गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें तत्काल कोटा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां पिछले 9 दिनों से उनका इलाज चल रहा था। डॉक्टरों ने बताया कि दानमल को सिर और छाती में गंभीर चोटें आई थीं, साथ ही आंतरिक रक्तस्राव भी हो रहा था। आज सुबह अचानक उनकी हालत बिगड़ गई और वेंटिलेटर पर होने के बावजूद वे बच नहीं सके। दानमल की मौत के साथ ही इस हादसे में दोनों युवकों की जान चली गई।

परिजनों का शक: "यह हादसा नहीं, हत्या लगती है" मृतक दानमल के रिश्तेदार अमरलाल भील ने इस घटना पर गहरा शक जताया है। उन्होंने बताया, "दानमल और मांगीलाल दोनों ही स्वस्थ थे और बाइक अच्छी स्पीड में चला रहे थे। बाइक पर कोई नुकसान नहीं हुआ, फिर दोनों इतने घायल कैसे हो गए? यह कोई सामान्य स्लिपिंग हादसा नहीं लगता। हमें शक है कि किसी ने उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया हो।" अमरलाल ने आगे कहा कि दोनों युवक गांव के गरीब परिवार से थे और मक्का बेचकर थोड़े पैसे कमाने निकले थे। "वे शाम तक लौट आने वाले थे, लेकिन अब दोनों के शव घर लाए जा रहे हैं। हमारी फैमिली बर्बाद हो गई।"परिजनों का कहना है कि घटनास्थल पर कोई ब्रेक के निशान या टायर स्किड मार्क्स नहीं मिले, जो एक सामान्य बाइक स्लिप की स्थिति में जरूर होते। इसके अलावा, दोनों युवकों के कपड़ों पर खून के अलावा कोई मिट्टी या सड़क का मैल नहीं था, जो दुर्घटना के समय गिरने का संकेत देता। ये बातें मिलकर परिजनों के शक को और मजबूत कर रही हैं। दानमल की पत्नी राधा देवी ने रोते हुए कहा, "मेरा पति घर का इकलौता कमाने वाला था। दो छोटे बच्चे हैं, अब कौन संभालेगा? पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगों से पूछताछ करनी चाहिए।"

पुलिस की जांच: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार छाबड़ा थाना प्रभारी  ने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच में इसे सड़क हादसा ही माना जा रहा है, लेकिन परिजनों की शिकायत पर हत्या की धाराओं में भी केस दर्ज करने पर विचार किया जा रहा है। "हमने फॉरेंसिक टीम को बुलाया है और बाइक की मैकेनिकल जांच कराई जा रही है। दानमल के शव का पोस्टमॉर्टम कोटा में ही होगा, जिसकी रिपोर्ट आने पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।" पुलिस ने आसपास के गांवों में भी सर्वे शुरू कर दिया है ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिल सके।

गांव में शोक की लहर, प्रशासन ने मदद का आश्वासन दिया नारायणपुर गांव में आज शोक का माहौल है। दोनों युवकों के परिवारों में कोहराम मच गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मृतकों के परिवार को आर्थिक सहायता और नौकरी की मांग की है। जिला कलेक्टर ने भी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता योजना के तहत 4-4 लाख रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी। साथ ही, पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि यदि हत्या का कोई सुराग मिला तो दोषियों को कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए।

 

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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