अलवर के 2017 सामूहिक हत्याकांड का दर्द अब भी जिंदा: दोषी हनुमान प्रसाद की जेल में हुई शादी पर पीड़ित पक्ष ने जताया गुस्सा – "यह अन्याय है"

अलवर के 2017 के जघन्य हत्याकांड में संतोष शर्मा ने पूर्व प्रेमी हनुमान प्रसाद के साथ मिलकर पति और चार बच्चों की हत्या कर दी थी। हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार तबाह हो गया – सास-ससुर सदमे में मर गए, बचे तीन सदस्य मानसिक रूप से कमजोर हैं। अब उम्रकैद काट रहे हनुमान प्रसाद ने जेल में ही जयपुर के दुष्यंत शर्मा हत्याकांड की दोषी प्रिया सेठ से 23 जनवरी 2026 को पैरोल पर शादी रचा ली। पीड़ित पक्ष और पड़ोसी इसे अन्याय बताते हुए गुस्सा जाहिर कर रहे हैं, कह रहे हैं कि दोषियों को ऐसी छूट नहीं मिलनी चाहिए।

Jan 24, 2026 - 17:15
अलवर के 2017 सामूहिक हत्याकांड का दर्द अब भी जिंदा: दोषी हनुमान प्रसाद की जेल में हुई शादी पर पीड़ित पक्ष ने जताया गुस्सा – "यह अन्याय है"

राजस्थान के अलवर जिले में वर्ष 2017 का एक जघन्य हत्याकांड आज भी लोगों के जेहन में ताजा है। इस मामले में ताइक्वांडो खिलाड़ी संतोष शर्मा ने अपने पूर्व प्रेमी हनुमान प्रसाद और उसके साथियों के साथ मिलकर अपने पति बनवारी लाल, तीन बेटों, एक भतीजे (कुल पांच लोगों) की क्रूर हत्या कर दी थी। यह घटना 2-3 अक्टूबर 2017 की रात शिवाजी पार्क इलाके में हुई थी और पूरे राज्य में सनसनी फैला दी थी।

हत्या की रात संतोष ने परिवार के सदस्यों को नींद की गोलियां खिलाकर बेहोश किया और फिर चाकू से उनके गले रेत दिए गए। पीड़ित बनवारी लाल के अलावा उनके तीन छोटे बेटे और एक भतीजा (संतोष की छोटी बहन का बेटा) इस वारदात का शिकार बने। यह 2017 का सबसे चर्चित और क्रूर हत्याकांड माना गया।

परिवार का सफाया: सदमे में माता-पिता की मौत, बचे लोग मानसिक रूप से कमजोर

इस हत्याकांड ने पीड़ित परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया। हत्या के बाद बनवारी लाल के माता-पिता सदमे में चले गए। हत्याकांड के महज 4-6 महीने के अंदर ही बनवारी की मां बिरमा देवी और पिता मुरारी लाल की मौत हो गई। परिवार के सदस्यों के अनुसार, एक साल के अंदर कुल 7 अर्थियां उठीं – जिसमें 5 हत्याओं के साथ-साथ सदमे से दो बुजुर्गों की मौत शामिल है। 3 अक्टूबर 2017 को ही पांचों शवों की एक साथ अंतिम यात्रा निकली और चिताएं जलाई गईं।

आज पीछे बचे सिर्फ तीन लोग हैं – संतोष का देवर, उसकी छोटी बहन कविता (देवर की पत्नी) और उनका एक बेटा। तीनों ही मानसिक रूप से कमजोर हो चुके हैं। पड़ोसियों का कहना है कि कविता और देवर पहले से ही मानसिक रूप से कमजोर थे, जबकि बच्चा पूरी घटना को समझ भी नहीं पाता। परिवार में अब कोई समझदार व्यक्ति नहीं बचा है, जो बातों को संभाल सके। देवर, कविता और बच्चा फिलहाल रिश्तेदारी में कहीं गए हुए हैं।

दोषी हनुमान प्रसाद की जेल में शादी: पीड़ित पक्ष में आक्रोश

हनुमान प्रसाद, जो इस हत्याकांड में मुख्य दोषी है और उम्रकैद की सजा काट रहा है, ने हाल ही में जेल के अंदर ही एक अन्य दोषी से शादी रचा ली। 23 जनवरी 2026 को अलवर में उसने जयपुर के चर्चित दुष्यंत शर्मा हत्याकांड की दोषी प्रिया सेठ से पैरोल पर बाहर आकर शादी की। दोनों की मुलाकात जेल में हुई थी और वहां से प्रेम संबंध विकसित हो गया। दोनों को 15 दिनों की पैरोल मिली, जिसके दौरान यह विवाह संपन्न हुआ।

इस खबर से संतोष शर्मा के मूल गांव कठूमर (गारू) में गुस्सा फैल गया है। पीड़ित परिवार से जुड़े संतोष के चाचा के बेटे अशोक शर्मा ने कहा, "यह अन्याय है। पूरा परिवार खत्म हो गया। 5 लोगों की हत्या के बाद सास-ससुर सदमे में एक साल के अंदर मर गए। अब बचे लोग मानसिक रूप से टूट चुके हैं। दोषियों को ऐसी छूट देना गलत है।"पड़ोसी ओमप्रकाश ने भी यही भाव व्यक्त किया, "दोषियों को छूट देना बिल्कुल गलत है। यह जघन्य अपराध था। परिवार पूरी तरह बर्बाद हो गया, जबकि दोषी जिंदगी जी रहे हैं।"

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.