अजमेर: प्रॉपर्टी डीलर पर जानलेवा हमले के मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, रेलवे स्टेशन पर दबिश देकर पकड़े गए

अजमेर में प्रॉपर्टी डीलर मनोज नानकानी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों विपिन अरोड़ा (34) और मोहम्मद जावेद (23) को रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। अब तक कुल 14 आरोपी पकड़े जा चुके हैं।

Nov 18, 2025 - 13:41
अजमेर: प्रॉपर्टी डीलर पर जानलेवा हमले के मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, रेलवे स्टेशन पर दबिश देकर पकड़े गए

अजमेर, 18 नवंबर 2025: शहर के प्रमुख प्रॉपर्टी डीलर मनोज नानकानी पर हुए जानलेवा हमले के सिलसिले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हरीभाऊ उपाध्याय नगर पुलिस थाने की टीम ने रेलवे स्टेशन पर दबिश देकर दोनों को धर दबोचा। यह घटना उस व्यापक जांच का हिस्सा है, जिसमें पहले से ही 12 बदमाशों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें मुख्य आरोपी भी शामिल हैं। इस हमले के पीछे संपत्ति विवाद की आशंका जताई जा रही है, जो शहर की प्रॉपर्टी मार्केट में तनाव को दर्शाता है।

घटना का पृष्ठभूमि;  घटना की जड़ें अजमेर के प्रॉपर्टी सर्कल में गहरे संपत्ति विवादों से जुड़ी बताई जा रही हैं। मनोज नानकानी, जो शहर में एक जाना-माना प्रॉपर्टी ब्रोकर हैं, पर कुछ दिनों पहले एक सुनियोजित हमला किया गया था। हमलावरों ने उन पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला किया, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले के दौरान नानकानी को सिर और अन्य हिस्सों में चोटें आईं, जिसके कारण उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। पुलिस के अनुसार, यह हमला बदले की भावना से प्रेरित था, जो पुराने भूमि सौदों से उपजा है। नानकानी ने हमले के बाद दर्ज कराई शिकायत में कई नामजद आरोपी बताए थे, जिनमें से अधिकांश अब हिरासत में हैं।पुलिस जांच में सामने आया है कि हमला एक सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा था। आरोपी गुट ने नानकानी को निशाना बनाने के लिए पहले से ही योजना बनाई थी। घटना स्थल पर पहुंचे हमलावरों ने न केवल मारपीट की, बल्कि धमकी भी दी कि यदि संपत्ति विवाद सुलझा नहीं, तो ऐसी घटनाएं दोहराई जाएंगी। इस मामले ने स्थानीय प्रॉपर्टी डीलर्स के बीच दहशत पैदा कर दी है, और अब व्यापारिक संगठन सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

नई गिरफ्तारियां: रेलवे स्टेशन पर सघन दबिश सोमवार को हरीभाऊ उपाध्याय नगर थाना प्रभारी की अगुवाई में पुलिस टीम ने अजमेर रेलवे स्टेशन पर एक गुप्त सूचना के आधार पर दबिश दी। यहां से दो फरार आरोपी पकड़े गए, जो हमले के समय घटना स्थल पर मौजूद थे। इनमें से एक आरोपी विपिन अरोडा (उम्र 34 वर्ष) है, जो स्थानीय स्तर पर संपत्ति सौदों में सक्रिय रहा है और हमले के दौरान मुख्य हमलावरों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा था। दूसरा आरोपी मोहम्मद जावेद (उम्र 23 वर्ष) है, जो अपेक्षाकृत युवा होने के बावजूद इस गुट का हिस्सा था। जावेद पर हमले में सहयोग करने का आरोप है, जिसमें उसने नानकानी को पकड़कर रखा था।पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी फरार होने के बाद रेलवे स्टेशन के आसपास छिपे हुए थे और ट्रेनों के जरिए शहर से बाहर भागने की फिराक में थे। दबिश के दौरान दोनों के पास से हमले में प्रयुक्त हथियारों के सुराग और मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और मुख्य आरोपी से उनके संबंधों का खुलासा किया है। विपिन अरोडा पर पहले से ही छोटे-मोटे आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि जावेद का यह पहला बड़ा अपराध है।

पहले की कार्रवाई: 12 आरोपी पहले ही हिरासत में इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय रही है। हमले की सूचना मिलते ही थाना टीम ने छापेमारी शुरू कर दी थी, जिसमें 12 अन्य बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। इनमें मुख्य आरोपी भी शामिल हैं, जिन्होंने हमले की साजिश रची थी। पुलिस ने इनसे पूछताछ कर कई अहम सुराग हासिल किए, जो अब इस गिरोह को जड़ से उखाड़ फेंकने में मददगार साबित हो रहे हैं। कुल मिलाकर, मामले में नामजद 14 में से सभी आरोपी अब हिरासत में हैं, और पुलिस अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है।

पुलिस का बयान और आगे की जांच; एसएचओ हरीभाऊ उपाध्याय नगर ने बताया, "यह गिरफ्तारी हमारी सतत निगरानी और मुखबिरों की मदद से संभव हुई। आरोपी संपत्ति विवाद को लेकर हिंसा का सहारा ले रहे थे, लेकिन अब कानून अपना काम करेगा। हम नानकानी की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे और इस तरह के अपराधों पर लगाम लगाएंगे।" पीड़ित मनोज नानकानी ने अस्पताल से बयान देते हुए कहा, "पुलिस की कार्रवाई से राहत मिली है, लेकिन ऐसे विवादों को सुलझाने के लिए प्रशासन को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।"

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.