अजमेर में महिला कुक से रेप का सनसनीखेज मामला: 4 साल तक शादी का झांसा देकर ब्लैकमेल, अश्लील फोटो-वीडियो से डराया
अजमेर में घरेलू कुक ने 4 साल तक महिला को शादी का झांसा देकर बार-बार रेप किया और अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता रहा। पीड़िता ने शिकायत की तो किशनगढ़ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी।
अजमेर, 25 नवंबर 2025: राजस्थान के अजमेर शहर में एक बेहद दर्दनाक और शर्मनाक घटना सामने आई है, जहां एक महिला को उसके घरेलू कुक ने चार साल तक शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण किया। आरोपी ने पीड़िता की अश्लील तस्वीरें और वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप है। इस घटना ने न केवल पीड़िता के परिवार को हिलाकर रख दिया है, बल्कि पूरे समाज में महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू नौकरानियों की भर्ती को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। किशनगढ़ थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच तेजी से चल रही है।
पीड़िता की आपबीती: विश्वासघात की चरम सीमा पीड़िता एक 30 वर्षीय विवाहित महिला है, जो अजमेर के एक मध्यमवर्गीय परिवार में रहती है। उसके पति एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं, जबकि वह घर संभालने के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहती हैं। लगभग चार साल पहले, परिवार ने घरेलू कामकाज के लिए एक कुक की नियुक्ति की, जिसका नाम राजू (काल्पनिक नाम, वास्तविक नाम जांच के अधीन) बताया जा रहा है। आरोपी मूल रूप से अजमेर के ही एक गरीब इलाके का रहने वाला है और वह पीड़िता के घर में रोजाना काम करने आता था।शुरुआत में सब कुछ सामान्य लग रहा था। आरोपी ने खुद को एक ईमानदार और मेहनती व्यक्ति के रूप में पेश किया। धीरे-धीरे, उसने पीड़िता के साथ नजदीकी बढ़ानी शुरू की। वह अक्सर शादी का लालच देता, कहता कि वह एक अच्छा पति बनेगा और पीड़िता के जीवन को खुशहाल बना देगा। पीड़िता, जो पहले से विवाहित होने के बावजूद पारिवारिक दबावों से जूझ रही थीं, इस झांसे में फंस गईं। आरोपी ने इसका फायदा उठाया और कई मौकों पर पीड़िता का शारीरिक शोषण किया।पीड़िता ने बताया, "वह कहता था कि वह मेरा ख्याल रखेगा और हम साथ रहेंगे। लेकिन धीरे-धीरे उसकी सच्चाई सामने आने लगी।" चार साल के इस कालखंड में आरोपी ने कम से कम 20-25 बार पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया, जैसा कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है। यह सब पीड़िता के घर या आरोपी के बताए स्थानों पर हुआ। पीड़िता ने डर के मारे किसी को कुछ न बताया, लेकिन आरोपी की हरकतें बढ़ती गईं।
ब्लैकमेल का जाल: अश्लील सामग्री से डराया सबसे घिनौना मोड़ तब आया जब आरोपी ने पीड़िता की निजी तस्वीरें और वीडियो अपने फोन में कैद कर लिए। इन अश्लील सामग्रियों का इस्तेमाल वह ब्लैकमेल के लिए करने लगा। वह धमकी देता कि अगर पीड़िता ने उसकी बात न मानी या किसी को बताया, तो वह ये फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। न केवल पीड़िता के परिवार और रिश्तेदारों को, बल्कि पूरे समाज को ये भेज देगा।"वह कहता था कि मेरी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। मैं डर गई थी। रोज डर के साये में जी रही थी," पीड़िता ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया। आरोपी ने यह ब्लैकमेल न केवल शारीरिक संबंध बनाने के लिए इस्तेमाल किया, बल्कि कभी-कभी पैसे की मांग भी की। पीड़िता ने करीब 50-60 हजार रुपये भी आरोपी को विभिन्न बहानों से दिए, जो जांच में वसूलने की कोशिश की जा रही है। यह ब्लैकमेल का सिलसिला पिछले दो साल से चल रहा था, जिसने पीड़िता को मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ दिया।
पुलिस कार्रवाई: आरोपी फरार, जांच में जुटी टीमें घटना तब उजागर हुई जब पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर किशनगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत 22 नवंबर को दर्ज हुई, जिसमें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 (दुष्कर्म), 506 (आपराधिक धमकी), 354 (महिला की गरिमा का हनन) और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई।एसएचओ किशनगढ़ थाने ने बताया, "पीड़िता की शिकायत पर तुरंत एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी फरार है, लेकिन हमारी टीमें उसे जल्द गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही हैं। उसके फोन और डिवाइस जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है। ब्लैकमेल वाली सामग्री को ट्रेस करने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है।" पुलिस ने आरोपी के परिजनों से पूछताछ शुरू कर दी है और उसके ठिकानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। यदि अश्लील सामग्री वायरल होने की कोशिश हुई, तो आईटी एक्ट के तहत अतिरिक्त कार्रवाई होगी।
सामाजिक संदेश: महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल यह मामला अजमेर सहित राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों की कड़ी याद दिलाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू नौकरानियों की भर्ती में सतर्कता बरतनी चाहिए। एनजीओ 'महिला हेल्पलाइन' की संयोजिका मीरा शर्मा ने कहा, "ऐसे मामलों में महिलाओं को अकेले न छोड़ें। विश्वासघात का यह रूप समाज के लिए खतरा है। पीड़िताओं को तुरंत मदद लेनी चाहिए।"पीड़िता को अब काउंसलिंग दी जा रही है और परिवार को सुरक्षा प्रदान की गई है। पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई अन्य पीड़िता इस आरोपी से जुड़ी हो, तो आगे आए। यह घटना न केवल न्याय की मांग करती है, बल्कि समाज को जागरूक करने का माध्यम भी बनेगी।