अजमेर फैमिली मर्डर मिस्ट्री: पिता से नफरत इतनी कैसे बढ़ी कि बेटे ने पूरे परिवार को मौत के घाट उतार दिया
अजमेर के बोराड़ा इलाके में स्कॉर्पियो में जिंदा जलने की घटना हत्या निकली।
राजस्थान के अजमेर जिले के बोराड़ा थाना क्षेत्र में स्कॉर्पियो कार में चार लोगों के जिंदा जलने की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। शुरुआत में इसे सड़क हादसा माना जा रहा था, लेकिन कुछ ही घंटों की जांच में यह मामला एक सुनियोजित फैमिली मर्डर मिस्ट्री बनकर सामने आया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस खौफनाक वारदात को किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी के 17 वर्षीय बेटे ने अपनी मां और बहन के साथ मिलकर अंजाम दिया था।
10 घंटे पहले मांगी थी पुलिस सुरक्षा
मौत से महज 10 घंटे पहले पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर विधायकों, सांसदों और मंत्रियों से सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने अपने हक की लड़ाई के लिए पुलिस सुरक्षा देने की अपील भी की थी। लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि खतरा उनके ही घर के अंदर मौजूद है।
दूसरी शादी बनी विवाद की जड़
पुलिस जांच के अनुसार, रामसिंह चौधरी ने वर्ष 2005 में सुनीता चौधरी से पहली शादी की थी। दोनों के एक बेटा और एक बेटी हैं। इसके बाद वर्ष 2019 में उन्होंने सुरज्ञान नाम की महिला से प्रेम विवाह कर लिया। सुरज्ञान जिला परिषद सदस्य रह चुकी थीं और वकालत की पढ़ाई भी कर रही थीं।
दूसरी शादी के बाद परिवार में लगातार विवाद बढ़ने लगे। पहली पत्नी और उसके बच्चों को लगने लगा कि उन्हें परिवार में नजरअंदाज किया जा रहा है। घर में आए दिन झगड़े और तनाव का माहौल बना रहता था।
घरेलू हिंसा से बढ़ती गई नफरत
पूछताछ में आरोपी बेटे ने पुलिस को बताया कि उसका पिता शराब के नशे में मां, बहन और उसके साथ मारपीट करता था। उसने आरोप लगाया कि उसकी मां को अपमानित किया जाता था और पूरे परिवार को प्रताड़ित किया जाता था। इसी वजह से उसके मन में पिता के प्रति गहरी नफरत पैदा हो गई थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी कई बार अपने पिता को मारने की कोशिश भी कर चुका था। उसने खाने में जहर मिलाने और पहाड़ी से धक्का देने जैसे प्रयास किए थे, लेकिन हर बार असफल रहा।
ऑनलाइन मंगाया चाकू, फिर सोते समय किया हमला
जांच में सामने आया कि आरोपी बेटे ने हत्या की योजना पहले से बना रखी थी। उसने ऑनलाइन चाकू ऑर्डर किया था। 27 मई की रात घर में एक बार फिर झगड़ा हुआ। देर रात जब रामसिंह चौधरी शराब के नशे में सो गए, तब बेटे ने उन पर हमला कर दिया।
हमले के दौरान दूसरी पत्नी सुरज्ञान जाग गईं। राज खुलने के डर से आरोपी ने उनकी भी हत्या कर दी। शोर सुनकर दादी पूसी देवी और रिश्ते की बहन महिमा मौके पर पहुंचीं तो आरोपियों ने उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया।
हादसा दिखाने के लिए रची गई साजिश
हत्या के बाद आरोपियों ने पूरी वारदात को हादसा दिखाने की योजना बनाई। घर में खड़े ट्रैक्टर से डीजल निकाला गया और चारों शवों को स्कॉर्पियो में डालकर अराई रोड के किनारे ले जाया गया। वहां गाड़ी पर डीजल छिड़ककर आग लगा दी गई ताकि मामला सड़क हादसा लगे।
वारदात के बाद घर लौटकर फर्श और दीवारों को केमिकल से साफ किया गया ताकि खून के निशान मिटाए जा सकें। हालांकि फॉरेंसिक टीम ने वैज्ञानिक जांच के जरिए सच्चाई सामने ला दी।
इन 5 सुरागों ने खोला पूरा राज
पुलिस और FSL टीम को जांच में कई अहम सुराग मिले, जिनसे पूरा मामला खुल गया—
स्कॉर्पियो की पिछली सीटें फोल्ड मिलीं, जिससे पता चला कि शवों को सामान की तरह रखा गया था।
दूसरी पत्नी सुरज्ञान का शव गाड़ी से बाहर खेत में मिला, जबकि उनका गला कटा हुआ था।
घर की दीवारों और फर्श पर खून के निशान मिले।
ट्रैक्टर की टंकी से डीजल निकाले जाने के सबूत मिले।
पहली पत्नी सुनीता के हाथ पर ताजा कट के निशान पाए गए।
इन सभी सबूतों के आधार पर पुलिस ने मां, बेटी और नाबालिग बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें पूरा हत्याकांड सामने आ गया।
पुलिस कर रही आगे की जांच
फिलहाल पुलिस ने आरोपी नाबालिग बेटे को निरुद्ध कर लिया है, जबकि उसकी मां और बहन से पूछताछ जारी है। पुलिस इस पूरे मामले में इस्तेमाल किए गए हथियार, डिजिटल साक्ष्य और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है।
अजमेर का यह हत्याकांड राजस्थान के सबसे सनसनीखेज पारिवारिक अपराधों में शामिल हो गया है, जिसने रिश्तों के टूटते विश्वास और घरेलू विवादों की भयावह तस्वीर सामने रख दी है।