50 करोड़ का हार्ट इंस्टीट्यूट तैयार, फिर भी बंद! अशोक गहलोत का भजनलाल सरकार पर सवाल?
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में बने 50 करोड़ रुपये के हृदय रोग संस्थान को शुरू न करने पर भजनलाल शर्मा सरकार पर सवाल उठाए हैं। गहलोत ने आरोप लगाया कि तैयार होने के बावजूद संस्थान को जानबूझकर रोका जा रहा है, जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है और निजी अस्पतालों को फायदा मिल रहा है।
राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की मौजूदा भजनलाल शर्मा सरकार पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए जयपुर के प्रमुख सरकारी अस्पताल में तैयार एक बड़े प्रोजेक्ट को लेकर जवाब मांगा है।
क्या है पूरा मामला?
राजधानी जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक हृदय रोग संस्थान (कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट) तैयार किया गया है। यह संस्थान अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बताया जा रहा है और इसे प्रदेश के लाखों हृदय रोगियों के लिए राहत देने वाला प्रोजेक्ट माना जा रहा था।
लेकिन आरोप है कि पूरी तरह तैयार होने के बावजूद इस संस्थान को अब तक जनता के लिए शुरू नहीं किया गया है।
गहलोत का सीधा सवाल—“फीता काटने में देरी क्यों?”
अशोक गहलोत ने अपनी डिजिटल मुहिम ‘इंतज़ारशास्त्र’ के तहत सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार से पूछा कि:
जब संस्थान पूरी तरह तैयार है तो इसे चालू क्यों नहीं किया जा रहा?
क्या सरकार के पास उद्घाटन (फीता काटने) का समय भी नहीं है?
जनता के पैसे से बने इस प्रोजेक्ट को खाली क्यों रखा गया है?
उनका कहना है कि यह देरी सीधे तौर पर आम मरीजों को नुकसान पहुंचा रही है।
निजी अस्पतालों को फायदा पहुंचाने का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को केवल प्रशासनिक देरी नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक और आर्थिक सवाल के रूप में उठाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि:
सरकारी स्वास्थ्य प्रोजेक्ट्स को जानबूझकर रोका जा रहा है
ताकि मरीज मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करें
इससे निजी अस्पतालों को आर्थिक लाभ मिल रहा है
हालांकि, इन आरोपों पर सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
“जनता की सेहत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए”
अशोक गहलोत ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं जैसे संवेदनशील क्षेत्र में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा नहीं होनी चाहिए।
उनका आरोप है कि पिछली सरकार के समय शुरू किए गए प्रोजेक्ट्स को केवल श्रेय की राजनीति के कारण रोका जा रहा है, जो कि जनता के हितों के खिलाफ है।
SMS अस्पताल पर बढ़ता दबाव
सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल राजस्थान का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, जहां:
रोजाना हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं
पुराने कार्डियोलॉजी विभाग पर भारी दबाव है
वेटिंग लिस्ट लगातार बढ़ रही है
ऐसे में नया हृदय रोग संस्थान शुरू होने से:
मरीजों को तेजी से इलाज मिल सकता था
डॉक्टरों पर दबाव कम होता
गंभीर मरीजों की जान बचाने में मदद मिलती
‘इंतज़ारशास्त्र’ बना सियासी हथियार
गहलोत की ‘इंतज़ारशास्त्र’ सीरीज इन दिनों राजस्थान की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गई है।
इस अभियान के जरिए वे:
रोज एक नए प्रोजेक्ट का मुद्दा उठा रहे हैं
सरकार पर देरी और निष्क्रियता के आरोप लगा रहे हैं
अपनी सरकार के विकास कार्यों को उजागर करने की कोशिश कर रहे हैं
अब आगे क्या?
इस मुद्दे के सामने आने के बाद:
सोशल मीडिया पर लोगों ने सरकार से जवाब मांगना शुरू कर दिया है
स्वास्थ्य विभाग पर संस्थान जल्द शुरू करने का दबाव बढ़ सकता है
सरकार की प्रतिक्रिया आने के बाद ही असली स्थिति साफ होगी
50 करोड़ रुपये की लागत से बना हृदय रोग संस्थान अगर सच में तैयार होकर भी बंद पड़ा है, तो यह न सिर्फ प्रशासनिक सवाल है बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा भी है। अब देखना होगा कि भजनलाल शर्मा सरकार इस पर क्या जवाब देती है और यह संस्थान कब तक आम लोगों के लिए शुरू होता है।