बूंदी में 14 वर्षीय छात्रा की नहाते समय साइलेंट हार्ट अटैक से दर्दनाक मौत
राजस्थान के बूंदी जिले के बांसी कस्बे में 14 वर्षीय कक्षा 8वीं की छात्रा हर्षिता सोनी की छत पर बने बाथरूम में नहाते समय साइलेंट हार्ट अटैक से मौत हो गई। घर पर अकेली होने के कारण काफी देर तक बाहर न आने पर परिवार ने दरवाजा तोड़ा तो वह बेसुध पड़ी मिली। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हर्षिता पढ़ाई और खेल में होशियार थी, उसके अचानक निधन से परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा।
राजस्थान के बूंदी जिले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। देई थाना क्षेत्र के बांसी कस्बे में मंगलवार सुबह एक 14 वर्षीय स्कूली छात्रा की बाथरूम में नहाते समय अचानक साइलेंट हार्ट अटैक आने से मौत हो गई। छात्रा घर पर अकेली थी और काफी देर तक बाहर न आने पर परिवारवालों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अंत में दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो वह जमीन पर बेसुध पड़ी मिली।
मृतका की पहचान और परिवार की स्थिति मृतका छात्रा का नाम हर्षिता सोनी है। वह बांसी कस्बे की निवासी और महेश कुमार सोनी की बेटी थी। हर्षिता कक्षा 8वीं की होशियार छात्रा थी। परिजनों के अनुसार, वह पढ़ाई में बहुत अच्छी थी और खेलकूद में भी आगे रहती थी। दौड़ने और खेलने में वह काफी सक्रिय थी। उसका एक छोटा भाई भी है। हर्षिता के दादा ने बताया कि वह कभी बीमार नहीं पड़ती थी और पूरी तरह स्वस्थ थी।घटना के समय हर्षिता की मां घरेलू काम से कोटा गई हुई थीं, जबकि पिता महेश कुमार सोनी अपनी ज्वेलरी की दुकान पर गए थे। घर पर हर्षिता अकेली थी। सुबह घर के काम निपटाने के बाद वह छत पर बने बाथरूम में नहाने गई। काफी देर तक बाहर न आने और लगातार पानी बहने की आवाज आने पर परिवार को शक हुआ। उन्होंने दरवाजा खटखटाया और कई बार आवाजें लगाईं, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। आखिरकार परिवार ने बाथरूम का गेट तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो हर्षिता जमीन पर गिरकर बेसुध पड़ी मिली।
अस्पताल में हुई मौत की पुष्टि परिवार ने तुरंत हर्षिता को बांसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां तैनात चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कुमार कुमावत ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, हर्षिता को बेसुध हुए एक घंटे से अधिक समय बीत चुका था और शरीर में जीवन के कोई लक्षण नहीं थे। उसके शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं थे, इसलिए प्राथमिक जांच में साइलेंट हार्ट अटैक की संभावना जताई गई है। साइलेंट अटैक में अचानक दिल की धड़कन रुक जाती है और व्यक्ति को दर्द का एहसास भी नहीं होता, जिससे तुरंत मदद नहीं मिल पाती।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ हर्षिता की अचानक मौत की खबर से पूरे परिवार में कोहराम मच गया। बेटी की मौत का सदमा सहन न कर पाने के कारण उसकी मां की तबीयत भी बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। छोटा भाई और दादा-दादी भी सदमे में हैं। बांसी कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई है। पड़ोसी और रिश्तेदार परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।यह घटना एक बार फिर कम उम्र में हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों पर सवाल उठाती है। हाल के वर्षों में बच्चों और युवाओं में साइलेंट हार्ट अटैक की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। डॉक्टरों का कहना है कि तनाव, अनियमित जीवनशैली और अनदेखी स्वास्थ्य समस्याएं इसके पीछे हो सकती हैं, हालांकि हर्षिता के मामले में कोई पूर्व इतिहास नहीं बताया गया है।