अजमेर: करोड़ों की नई सीमेंटेड सड़क को बिना अनुमति खोद रही IGL कंपनी, PWD की शिकायत के बावजूद नहीं रुका काम
अजमेर।
पुष्कर रोड पर हाल ही में करोड़ों रुपए की लागत से बनी नई सीमेंटेड सड़क को इंडियन ऑयल-आदानी गैस लिमिटेड (IGL) कंपनी बिना किसी अनुमति के खोद रही है। सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) ने इसकी लिखित शिकायत मंगलवार को आनासागर पुलिस चौकी में दर्ज कराई, लेकिन बुधवार को भी खुदाई का काम जोर-शोर से जारी रहा। न तो पुलिस ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवाया और न ही PWD ने कोई सख्त कदम उठाया।
क्या है पूरा मामला? जगह: पुष्कर रोड, अद्वैत आश्रम के सामने ,सड़क: हाल ही में बनी उच्च गुणवत्ता वाली सीमेंट कंक्रीट (CC) सड़क ,कंपनी: IGL (इंडियन ऑयल-आदानी गैस लिमिटेड) ,काम: गैस पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़क खोदना ,खोदी गई लंबाई: करीब 300 फीट ,चौड़ाई: डेढ़ फीट ,तरीका: बिना PWD से NOC (No Objection Certificate) लिए सीधे सड़क तोड़ना। PWD के कार्यकारी अभियंता (सिटी) विपिन जिंदल ने आनासागर पुलिस चौकी में IGL के प्रोजेक्ट मैनेजर घनश्याम पाटीदार के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि कंपनी ने बिना अनुमति के नई सड़क को नुकसान पहुंचाया है।
मौके पर क्या दिखा? बुधवार दोपहर करीब 12 बजे जब दैनिक भास्कर की टीम मौके पर पहुंची तो: 8-10 मजदूर जेसीबी और फावड़े से सड़क खोदकर मिट्टी हटा रहे थे।अद्वैत आश्रम से पुष्कर की ओर करीब 300 फीट तक सड़क पूरी तरह टूट चुकी थी। मजदूरों ने बताया कि ठेकेदार ने उन्हें काम पर लगाया है, लेकिन ठेकेदार मौके पर नहीं था। ठेकेदार का प्रतिनिधि बोला: “हम कुछ नहीं बता सकते, ऊपर से ऑर्डर है। PWD अधिकारी का बयानअधिशासी अभियंता विपिन जिंदल से जब फोन पर बात की गई तो उन्होंने कहा:“हमने मंगलवार को ही आनासागर पुलिस में शिकायत दे दी थी। काम रोक दिया गया था। मुझे जानकारी नहीं कि फिर से काम शुरू हो गया। मैं मौके पर जानकारी लेता हूं, फिर उचित कार्रवाई की जाएगी।”
सिर्फ IGL ही नहीं, सब कर रहे मनमानी शहर में अवैध खुदाई की यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ महीनों में: IGL की गैस लाइन डालते समय कई बार जलदाय विभाग की पानी की पाइपलाइनें टूट चुकी हैं।जलदाय विभाग ने क्रिश्चियनगंज थाने में FIR तक दर्ज कराई थी ।नगर निगम को पत्र लिखकर IGL पर ढाई लाख रुपए जुर्माना लगाने को कहा गया था ।शहर में सीवर लाइन बिछाने के दौरान करीब 20 बार पानी की लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं। दूरसंचार कंपनियां और बिजली विभाग भी बिना अनुमति सड़कें खोद रही हैं। सबसे ताजा उदाहरण: भक्तिधाम के सामने रातों-रात डिवाइडर तोड़कर मोबाइल टावर की नींव डाल दी गई