पश्चिम बंगाल में शुभेंदु सरकार का पहला कैबिनेट विस्तार: 35 नए मंत्रियों ने ली शपथ, मंत्रिपरिषद में अब 41 मंत्री
पश्चिम Bengal में भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने पहले मंत्रिमंडल विस्तार में 35 नए मंत्रियों को शामिल किया।
पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद बनी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सरकार ने सोमवार को अपने कार्यकाल का पहला बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार किया। राजधानी कोलकाता स्थित लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आरएन रवि ने 35 नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
इस विस्तार के साथ ही पश्चिम बंगाल की मंत्रिपरिषद में मंत्रियों की कुल संख्या बढ़कर 41 हो गई है। नए मंत्रिमंडल में 13 नेताओं को कैबिनेट मंत्री, 3 नेताओं को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा 19 नेताओं को राज्य मंत्री बनाया गया है।
9 मई को शुभेंदु अधिकारी ने ली थी मुख्यमंत्री पद की शपथ
भाजपा विधायक दल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई 2026 को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निशीथ प्रमाणिक, अशोक कीर्तनिया और क्षुदीराम टुडू ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी।
सरकार गठन के करीब तीन सप्ताह बाद हुए इस पहले मंत्रिमंडल विस्तार को भाजपा सरकार के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
ये बने नए कैबिनेट मंत्री
मंत्रिमंडल विस्तार में जिन नेताओं को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, उनमें दीपक बर्मन, तपस रॉय, डॉ. शंकर घोष, मनोज कुमार उरांव, अर्जुन सिंह, गौरी शंकर घोष, स्वपन दासगुप्ता, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, कल्याण चक्रवर्ती, अजय पोद्दार, शस्व्द्दत मुखर्जी, दूध कुमार मंडल और अनुप कुमार दास शामिल हैं।
19 नेताओं को राज्य मंत्री बनाया गया
राज्य मंत्री के रूप में जोएल मुर्मु, हरे कृष्ण बेरा, आनंदमय बर्मन, अशोक डिंडा, नदियार चंद बाउरी, विशाल लामा, शांतनु प्रमाणिक, मौमिता विश्वास मिश्रा, उमेश राय, पूर्णिमा चक्रवर्ती, अमिया किस्कू, कलिता माझी, गर्मी दास घोष, बिराज बिस्वास, दीपांकर जाना, सुमना सरकार, डॉ. इंद्रनील खान, मालती रावा रॉय और राजेश महतो को मंत्रिमंडल में जगह मिली है।
स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री
कौशिक चौधरी, भास्कर भट्टाचार्य और दिवाकर घरामी को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। इन नेताओं को अपने-अपने विभागों का स्वतंत्र रूप से संचालन करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
संविधान के अनुसार अभी भी 3 पद खाली
संविधान के 91वें संशोधन के तहत किसी भी राज्य में मंत्रिपरिषद का आकार विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं, इसलिए राज्य में अधिकतम 44 मंत्री बनाए जा सकते हैं।
वर्तमान विस्तार के बाद मंत्रियों की संख्या 41 हो गई है, यानी अभी भी 3 पद खाली हैं। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार फिलहाल इन पदों को खाली रखा जा सकता है और भविष्य में जरूरत के अनुसार मंत्रिमंडल का और विस्तार किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने गृह और वित्त विभाग अपने पास रखा
सरकार गठन के बाद 11 मई को विभागों का बंटवारा किया गया था। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गृह, वित्त और अन्य महत्वपूर्ण विभाग अपने पास ही रखे हैं।
वहीं निशीथ प्रमाणिक को उत्तर बंगाल विकास, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दिलीप घोष को ग्रामीण विकास, पशु संसाधन विकास और कृषि विपणन विभाग मिला है। अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण और नगर निकाय विभाग दिए गए हैं।
अशोक कीर्तनिया को खाद्य एवं आपूर्ति तथा सहकारिता विभाग का जिम्मा मिला है, जबकि क्षुदीराम टुडू को जनजातीय विकास, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक मामले और मदरसा शिक्षा विभाग सौंपे गए हैं।
2026 विधानसभा चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए राज्य की सत्ता पर कब्जा किया। 293 सीटों के घोषित नतीजों में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 80 सीटों पर सिमट गई।
बाद में फालता विधानसभा सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान कराया गया, जहां भी भाजपा उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। इसके साथ ही भाजपा की सीट संख्या बढ़कर 208 हो गई।
वोट प्रतिशत की बात करें तो भाजपा को 45.85 प्रतिशत वोट मिले, जो 2021 की तुलना में 7.45 प्रतिशत अधिक हैं। वहीं टीएमसी का वोट शेयर घटकर 40.8 प्रतिशत रह गया, जो पिछले चुनाव की तुलना में 7.7 प्रतिशत कम है।
भाजपा की इस बड़ी जीत को पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। अब मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए शुभेंदु अधिकारी सरकार प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर अपनी पकड़ और मजबूत करने की कोशिश कर रही है।