बॉलीवुड फिल्ममेकर विक्रम भट्ट पर बड़ा धोखाधड़ी का आरोप: फर्जी वेंडरों के जरिए 30 करोड़ की ठगी, पत्नी के अकाउंट में ट्रांसफर होते थे पैसे

बॉलीवुड डायरेक्टर विक्रम भट्ट पर उदयपुर के डॉ. अजय मुर्डिया से फिल्म बनाने के नाम पर 30 करोड़ की ठगी का आरोप। गिरफ्तार को-प्रोड्यूसर ने खुलासा किया कि फर्जी वेंडरों के खातों में पैसे लेकर विक्रम की पत्नी श्वेताबरी भट्ट के अकाउंट में ट्रांसफर किए जाते थे। विक्रम भट्ट समेत 8 लोगों पर FIR, दो आरोपी पुलिस रिमांड पर।

Nov 22, 2025 - 12:43
बॉलीवुड फिल्ममेकर विक्रम भट्ट पर बड़ा धोखाधड़ी का आरोप: फर्जी वेंडरों के जरिए 30 करोड़ की ठगी, पत्नी के अकाउंट में ट्रांसफर होते थे पैसे

उदयपुर, 22 नवंबर 2025: उदयपुर के प्रमुख डॉक्टर और इंदिरा IVF सेंटर के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया के साथ हुई 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बॉलीवुड के प्रसिद्ध डायरेक्टर विक्रम भट्ट और उनके सहयोगियों पर फिल्म निर्माण के नाम पर ठगी का आरोप है। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार को-प्रोड्यूसर ने बताया कि फर्जी वेंडरों के खातों में पीड़ित से ऑनलाइन पेमेंट लिया जाता था, जो बाद में विक्रम भट्ट की पत्नी श्वेताबरी भट्ट के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाता था। यह मामला तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है, क्योंकि इसमें बॉलीवुड की चमक-दमक के पीछे छिपी काली करतूतें सामने आ रही हैं।

घटना का पृष्ठभूमि: कैसे फंसाया गया डॉक्टर को? डॉ. अजय मुर्डिया उदयपुर के एक सफल व्यवसायी और प्रसिद्ध फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट हैं। इंदिरा IVF सेंटर के माध्यम से वे महिलाओं की प्रजनन संबंधी समस्याओं में मदद करने के लिए जाने जाते हैं। कुछ महीनों पहले, विक्रम भट्ट ने डॉ. मुर्डिया से संपर्क किया और एक बॉलीवुड फिल्म प्रोजेक्ट के लिए निवेश का प्रस्ताव रखा। भट्ट ने दावा किया कि यह फिल्म 'बिग बजट प्रोडक्शन' होगी, जिसमें सितारों की भरमार होगी और कमाई 200 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। डॉ. मुर्डिया को लालच दिया गया कि उनका निवेश जल्द ही कई गुना हो जाएगा।विश्वास में आकर डॉ. मुर्डिया ने फिल्म के नाम पर कुल 30 करोड़ रुपये का निवेश किया। यह राशि विभिन्न चरणों में ट्रांसफर की गई, लेकिन फिल्म का कोई ठोस काम आगे नहीं बढ़ा। जब डॉ. मुर्डिया ने प्रोजेक्ट की प्रगति के बारे में पूछा, तो बहाने बनाए गए। आखिरकार, जब निवेश की राशि गायब होने का शक हुआ, तो उन्होंने उदयपुर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की, जो अब धोखाधड़ी के एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रही है।

को-प्रोड्यूसर का खुलासा: फर्जी वेंडरों का खेल पुलिस ने इस मामले में विक्रम भट्ट के को-प्रोड्यूसर महबूब अंसारी और वेंडर संदीप विश्वनाथ त्रिभुवन को गिरफ्तार किया है। दोनों को 18 से 23 नवंबर तक रिमांड पर लिया गया है, और लगातार पूछताछ हो रही है। पूछताछ के दौरान महबूब अंसारी ने कई राज खोले। उन्होंने बताया कि ठगी का तरीका बेहद चालाकी भरा था।फर्जी वेंडरों का इस्तेमाल: विक्रम भट्ट और उनके साथी असली फिल्म प्रोडक्शन के बजाय फर्जी वेंडरों (सप्लायर्स) के नाम पर पैसे मांगते थे। ये वेंडर कागजों पर तो मौजूद दिखाए जाते थे, लेकिन हकीकत में वे भट्ट के कंट्रोल में ही थे। डॉ. मुर्डिया से ऑनलाइन पेमेंट लिया जाता था, जो सीधे इन फर्जी खातों में जाता। पैसे का ट्रांसफर: ये पैसे फर्जी वेंडरों के खातों से तुरंत विक्रम भट्ट की पत्नी श्वेताबरी भट्ट के व्यक्तिगत बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए जाते। पुलिस के अनुसार, करोड़ों रुपये के ऐसे ट्रांसफर हुए, जिनकी जांच चल रही है। यह तरीका इसलिए अपनाया गया ताकि ट्रेल छिपाया जा सके और पैसे को 'लीगल' दिखाया जा सके। महबूब अंसारी ने यह भी कबूला कि विक्रम भट्ट खुद इस स्कीम का मास्टरमाइंड थे। वे मीटिंग्स में डॉक्टर को भरोसा दिलाते, जबकि पीछे से पैसे साफ करने का इंतजाम करते। संदीप त्रिभुवन, जो एक प्रमुख वेंडर के रूप में काम कर रहा था, ने भी इसी तरह के खुलासे किए हैं।

FIR और आरोपी: कौन-कौन फरार या गिरफ्तार? इस मामले में उदयपुर पुलिस ने कुल 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मुख्य आरोपी इस प्रकार हैं:आरोपी का नाम,विक्रम भट्ट,डायरेक्टर और मुख्य योजनाकार,श्वेताबरी भट्ट ,नामजद, जांच के दायरे में,महबूब अंसारी ,को-प्रोड्यूसर ,संदीप विश्वनाथ त्रिभुवन ,फर्जी वेंडर, अन्य 4 सहयोगी। FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि विक्रम भट्ट मुंबई में छिपे हो सकते हैं, और उनकी तलाश के लिए टीमें भेजी गई हैं। श्वेताबरी भट्ट के बैंक अकाउंट्स को फ्रीज करने की प्रक्रिया चल रही है।

पुलिस की जांच: और क्या हो सकता है खुलासा? उदयपुर के SSP (सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) ने बताया कि यह मामला केवल डॉ. मुर्डिया तक सीमित नहीं लगता। जांच में पता चला है कि विक्रम भट्ट और उनके नेटवर्क ने पहले भी कई निवेशकों को इसी तरह ठगा है। पुलिस डिजिटल ट्रेल्स, बैंक स्टेटमेंट्स और कॉल रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है। रिमांड पीरियड के दौरान महबूब और संदीप से फिल्म प्रोजेक्ट के फर्जी डॉक्यूमेंट्स, ईमेल्स और मीटिंग रिकॉर्ड्स बरामद किए गए हैं।पुलिस का अनुमान है कि कुल ठगी की राशि 30 करोड़ से अधिक हो सकती है, क्योंकि कुछ पेमेंट्स कैश में भी लिए गए थे। डॉ. मुर्डिया ने बयान दिया है कि उन्हें फिल्म की स्क्रिप्ट, कास्टिंग और शूटिंग शेड्यूल दिखाए गए थे, लेकिन सब कुछ फर्जी था।

बॉलीवुड पर सवाल: निवेशकों का भरोसा टूटा यह घटना बॉलीवुड में निवेश के जोखिमों को उजागर कर रही है। विक्रम भट्ट, जो '1920', 'हॉन्टेड', 'राख' जैसी हॉरर फिल्मों के लिए मशहूर हैं, अब विवादों के केंद्र में हैं। इंडस्ट्री के कई लोग हैरान हैं, क्योंकि भट्ट को क्रिएटिव डायरेक्टर के रूप में सम्मान मिला हुआ था। डॉ. मुर्डिया जैसे गैर-फिल्मी निवेशकों को लुभाने के लिए अक्सर ऐसे प्रोजेक्ट्स का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन यह केस सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार को सामने ला रहा है।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.