अमेरिका ने पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमानों के लिए 686 मिलियन डॉलर का अपग्रेड पैकेज प्रस्तावित किया: विस्तृत विश्लेषण

अमेरिका ने पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमानों को 686 मिलियन डॉलर (लगभग ₹5,800 करोड़) में अपग्रेड करने का प्रस्ताव अमेरिकी संसद को भेजा है। इसमें 92 लिंक-16 टैक्टिकल डेटा लिंक, नई एवियोनिक्स, क्रिप्टोग्राफिक डिवाइस और 2040 तक सेवा विस्तार शामिल है। संसद के पास 30 दिन में रोकने का अधिकार है।

Dec 11, 2025 - 18:37
अमेरिका ने पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमानों के लिए 686 मिलियन डॉलर का अपग्रेड पैकेज प्रस्तावित किया: विस्तृत विश्लेषण

वाशिंगटन/इस्लामाबाद, 11 दिसंबर 2025: अमेरिकी प्रशासन ने पाकिस्तान वायुसेना के F-16 लड़ाकू विमानों को आधुनिक बनाने के लिए एक प्रमुख रक्षा सौदे का प्रस्ताव रखा है। डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी (DSCA) ने 8 दिसंबर 2025 को अमेरिकी संसद को एक औपचारिक अधिसूचना भेजी है, जिसमें पाकिस्तान को 686 मिलियन डॉलर (लगभग 5,800 करोड़ रुपये) का अपग्रेड पैकेज देने की मंजूरी की घोषणा की गई है। यह कदम अमेरिका-पाकिस्तान के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करने का संकेत देता है, खासकर काउंटर-टेररिज्म अभियानों के संदर्भ में। हालांकि, यह प्रस्ताव अभी अंतिम नहीं है और अमेरिकी संसद के पास इसे रोकने या मंजूरी देने के लिए 30 दिनों का समय है। इस दौरान भारत जैसे क्षेत्रीय देशों की नजरें इस पर टिकी हुई हैं।

प्रस्ताव की पृष्ठभूमि और प्रक्रिया यह अपग्रेड पैकेज आर्म्स एक्सपोर्ट कंट्रोल एक्ट (AECA) के तहत आता है, जो अमेरिकी सरकार को विदेशी देशों को हथियार बेचने की अनुमति देता है। DSCA की अधिसूचना के अनुसार, अमेरिकी वायुसेना पाकिस्तान को एक "लेटर ऑफ ऑफर एंड एक्सेप्टेंस" (LOA) जारी करेगी। यदि पाकिस्तान इसे स्वीकार करता है, तो सौदा अंतिम रूप ले लेगा। अधिसूचना में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह बिक्री अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों को समर्थन देगी, क्योंकि इससे पाकिस्तान अमेरिकी और सहयोगी सेनाओं के साथ इंटरऑपरेबिलिटी (सहयोगी संचालन क्षमता) बनाए रख सकेगा।पाकिस्तान ने यह अपग्रेड 2021 में ही मांगा था, लेकिन द्विपक्षीय संबंधों में तनाव के कारण इसमें देरी हुई। हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली अमेरिकी सरकार ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर के साथ बैठकें कीं, जिसके बाद यह प्रस्ताव आगे बढ़ा। पाकिस्तानी मीडिया में इसे "रणनीतिक सफलता" के रूप में देखा जा रहा है, जबकि भारत इसे क्षेत्रीय सैन्य संतुलन पर प्रभाव डालने वाला मान रहा है।

अपग्रेड पैकेज के प्रमुख घटक कुल 686 मिलियन डॉलर के पैकेज में मेजर डिफेंस इक्विपमेंट (MDE) के लिए 37 मिलियन डॉलर और शेष 649 मिलियन डॉलर सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर तथा लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए आवंटित हैं। यह अपग्रेड पाकिस्तान के ब्लॉक-52 और मिड-लाइफ अपग्रेड (MLU) F-16 विमानों पर केंद्रित है, जो पाकिस्तानी वायुसेना का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।लिंक-16 टैक्टिकल डेटा लिंक सिस्टम: सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 92 यूनिट्स का लिंक-16 सिस्टम है, जो अमेरिका और नाटो देशों द्वारा उपयोग किया जाने वाला जाम-प्रूफ (जैम-रेजिस्टेंट) कम्युनिकेशन नेटवर्क है। यह रीयल-टाइम में सुरक्षित डेटा शेयरिंग की सुविधा देता है, जिससे युद्धक्षेत्र में समन्वय बढ़ेगा।अन्य प्रमुख उपकरण:नई एवियोनिक्स (उन्नत इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम)।क्रिप्टोग्राफिक डिवाइसेस (सुरक्षा एन्क्रिप्शन उपकरण)। मिशन प्लानिंग सॉफ्टवेयर और ऑपरेशनल फ्लाइट प्रोग्राम संशोधन। आइडेंटिफिकेशन फ्रेंड ऑर फो (IFF) सिस्टम।6 Mk-82 इनर्ट 500-पाउंड बम बॉडीज (केवल टेस्टिंग के लिए, हथियार नहीं)।स्पेयर पार्ट्स, टेस्ट इक्विपमेंट, सिमुलेटर्स, ट्रेनिंग मॉड्यूल्स और तकनीकी सहायता। यह पूरा पैकेज लॉकहीड मार्टिन कंपनी को सौंपा गया है, जो F-16 का मूल निर्माता है। कंपनी फोर्ट वर्थ, टेक्सास से संचालित है और अपग्रेड के साथ-साथ इंस्टॉलेशन तथा संचालन के लिए तकनीकी समर्थन भी प्रदान करेगी। DSCA ने स्पष्ट किया है कि इस सौदे के लिए पाकिस्तान में कोई अतिरिक्त अमेरिकी कर्मी तैनात करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, और इससे अमेरिकी रक्षा तैयारियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

अपग्रेड के लाभ और अमेरिकी तर्क अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, यह अपग्रेड पाकिस्तानी F-16 विमानों की सेवा अवधि को 2040 तक बढ़ा देगा। वर्तमान में इन विमानों में कई गंभीर फ्लाइट सेफ्टी मुद्दे हैं, जैसे पुरानी तकनीक से जुड़ी खराबियां, जिन्हें दूर किया जाएगा। इससे न केवल विमानों की दक्षता बढ़ेगी, बल्कि पाकिस्तानी पायलटों के लिए जोखिम भी कम होगा।DSCA की अधिसूचना में जोर दिया गया है कि यह सौदा "काउंटर-टेररिज्म प्रयासों" और "भविष्य की आकस्मिकताओं" के लिए पाकिस्तान की क्षमता मजबूत करेगा। पाकिस्तान को अमेरिकी और सहयोगी सेनाओं के साथ संयुक्त अभियानों, अभ्यासों और ट्रेनिंग में एकीकृत करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, DSCA ने आश्वासन दिया है कि "यह सौदा क्षेत्र में सैन्य संतुलन को किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं करेगा" – एक बयान जो स्पष्ट रूप से भारत की चिंताओं को संबोधित करता है।पाकिस्तान की ओर से एक राजनयिक स्रोत ने कहा, "यह अपग्रेड F-16 की शेल्फ लाइफ को 2040 तक बढ़ाएगा, जो हमारी वायुसेना के लिए महत्वपूर्ण है।" हालांकि, मई 2025 के भारत-पाकिस्तान हवाई संघर्ष के बाद पाकिस्तान ने JF-17 जैसे स्वदेशी विमानों पर अधिक निर्भरता बढ़ाई है, जिससे F-16 की भूमिका अपेक्षाकृत कम हुई है। फिर भी, यह अपग्रेड पाकिस्तानी वायुसेना को बहु-आयामी क्षमताएं प्रदान करेगा।

क्षेत्रीय प्रभाव और विवादास्पद पहलू यह सौदा दक्षिण एशिया में रणनीतिक संतुलन पर बहस छेड़ सकता है। भारत ने लंबे समय से अमेरिकी हथियारों की पाकिस्तान को बिक्री पर आपत्ति जताई है, खासकर F-16 जैसे उन्नत विमानों पर। हाल के हवाई संघर्ष में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी F-16 और JF-17 को नुकसान पहुंचाया था, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ा है। भारतीय मीडिया में इसे "ट्रंप प्रशासन का पाकिस्तान को इनाम" बताया जा रहा है, जबकि पाकिस्तानी पक्ष इसे "रणनीतिक प्रासंगिकता की बहाली" मान रहा है।अमेरिकी संसद में इसकी समीक्षा के दौरान कुछ विधायक आपत्ति दर्ज करा सकते हैं, लेकिन ऐतिहासिक रूप से ऐसे पैकेज बिना बड़े बदलाव के मंजूर हो जाते हैं। यदि मंजूरी मिलती है, तो यह अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में नई गर्मजोशी का संकेत होगा, जो अफगानिस्तान के बाद ठंडा पड़ा था।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.