प्रेमिका के लिए पत्नी की बेरहमी से हत्या: उदयपुर कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

उदयपुर के मावली कोर्ट ने प्रेमिका के साथ रहने के लिए पत्नी नीमा की पत्थर से कुचलकर हत्या करने वाले प्रेमलाल भील को फांसी की सजा सुनाई। कोर्ट ने अपराध को “विरल से विरलतम” श्रेणी में रखते हुए कहा – “गर्दन से तब तक लटकाया जाए जब तक मौत न हो जाए”।

Dec 10, 2025 - 10:58
प्रेमिका के लिए पत्नी की बेरहमी से हत्या: उदयपुर कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

उदयपुर, 10 दिसंबर 2025। मावली (उदयपुर) की अपर जिला एवं सेशन न्यायालय ने एक सनसनीखेज मामले में पति को पत्नी की हत्या के जुर्म में मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस जघन्य हत्याकांड को “विरल से विरलतम” (rarest of rare) श्रेणी का अपराध मानते हुए आरोपी प्रेमलाल भील (26) को फांसी पर लटकाने का आदेश दिया है। साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

कोर्ट का सख्त आदेश अपर जिला न्यायाधीश (एडीजे) राहुल चौधरी ने अपने फैसले में लिखा: “अभियुक्त प्रेमलाल को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मृत्युदंड से दंडित किया जाता है। कोर्ट आदेश देती है कि अभियुक्त को गर्दन से तब तक लटकाया जाए जब तक उसकी मृत्यु नहीं हो जाती।”तीन साल पहले हुआ था हत्याकांडघटना 14 जनवरी 2023 की है। उदयपुर जिले के पुलिस थाना घासा क्षेत्र के सिंधु के बीड़े नामक स्थान पर एक महिला का शव मिला था। मृतका का चेहरा और सिर भारी पत्थर से बुरी तरह कुचला हुआ था, जिससे उसकी शिनाख्त भी मुश्किल हो गई थी। बाद में परिजनों ने शिनाख्त की तो मृतका की पहचान नेगड़िया (राजसमंद) निवासी नीमा भील (26) के रूप में हुई।

प्रेमिका के लिए रची साजिश पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि नीमा की शादी करीब सात साल पहले खमनोर ब्लॉक के नेड़च गांव निवासी प्रेमलाल भील से हुई थी। दंपति के दो बच्चे (एक लड़का, एक लड़की) भी हैं।लगभग एक साल पहले प्रेमलाल ने “नाता प्रथा” में राजसमंद क्षेत्र की शांता नाम की महिला से दूसरी शादी कर ली थी। इस बात से नाराज नीमा बच्चों को लेकर मायके नेगड़िया चली गई थी और वहां मजदूरी करके बच्चों का पालन-पोषण कर रही थी।12 जनवरी 2023 को प्रेमलाल ने नीमा को फोन किया और राजसमंद के घोड़ा घाटी क्षेत्र में बुलाया। नीमा वहां गई, लेकिन इसके बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया। परिजनों ने जब तलाश की तो 14 जनवरी को घासा थाना क्षेत्र में उसका क्षत-विक्षत शव मिला।

पुलिस जांच और कोर्ट में सुनवाई नीमा के पिता भग्गा भील ने सबसे पहले देलवाड़ा थाने में बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।शव मिलने और परिजनों के शक के बाद पुलिस ने प्रेमलाल को हिरासत में लिया।जांच में प्रेमलाल का कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन और अन्य सबूतों से साबित हुआ कि उसने ही पत्नी की हत्या की थी ताकि वह बेरोक-टोक प्रेमिका शांता के साथ रह सके। कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाह पेश किए गए और 67 दस्तावेजी सबूत प्रस्तुत किए गए।लंबी सुनवाई और बहस के बाद मंगलवार को कोर्ट ने प्रेमलाल को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुना दी। 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.