उदयपुर के सायरा में बत्तीसी की रस्म से लौट रहे परिवार पर बदमाशों का हमला: बस रोकी, लोहे की रॉड-चाकू से मारपीट, लूट का प्रयास; शोर मचाने पर फरार

उदयपुर के सायरा में बत्तीसी की रस्म से लौट रही बस को बदमाशों ने टेंपो लगाकर रोका, लोहे की रॉड-चाकू से मारपीट कर लूटने की कोशिश की; शोर मचाने पर टेंपो छोड़कर फरार हो गए। बस में 37 यात्री थे, कई घायल। पुलिस को अभी शिकायत नहीं मिली।

Dec 9, 2025 - 14:07
उदयपुर के सायरा में बत्तीसी की रस्म से लौट रहे परिवार पर बदमाशों का हमला: बस रोकी, लोहे की रॉड-चाकू से मारपीट, लूट का प्रयास; शोर मचाने पर फरार

उदयपुर, 9 दिसंबर 2025। उदयपुर जिले के सायरा थाना क्षेत्र में सोमवार देर शाम एक बेहद सनसनीखेज वारदात हुई। गोगुंदा के मजावद गांव के रहने वाले वरदीचंद लोहार अपने परिवार और समाज के लोगों के साथ बत्तीसी की रस्म अदा करके सेमड़ से बस से लौट रहे थे। रास्ते में बदमाशों ने पहले से प्लानिंग के तहत टेंपो ट्रावेलर बस के आगे लगाकर जबरन रोका और फिर बस में घुसकर यात्रियों के साथ लूटपाट व बर्बर मारपीट की।

क्या हुआ पूरा वाकया? वरदीचंद लोहार ने बताया कि वे अपने बेटे के ससुराल (सेमड़) में बत्तीसी की रस्म निभाने गए थे। रस्म पूरी होने और खाना-पीना कर शाम करीब 7-8 बजे बस से मजावद गांव लौट रहे थे। बस में कुल 37 यात्री सवार थे – जिनमें 25 महिलाएं और 12 पुरुष शामिल थे। तरपाल बस स्टैंड पार करने के थोड़ी देर बाद पुलिया के पास अचानक एक सफेद रंग का टेंपो ट्रावेलर बस के ठीक आगे आकर रुक गया। बस ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया, लेकिन इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, टेंपो से 5 बदमाश उतरे और सीधे बस में घुस आए। बदमाशों के पास लोहे की रॉड (सरिया), चाकू और अन्य धारदार हथियार थे। उन्होंने सबसे पहले ड्राइवर को पीटा, फिर बस में मौजूद महिलाओं-पुरुषों पर टूट पड़े। वरदीचंद ने बताया, “वे चाकू दिखाकर बोले – सबकी जेब खाली करो, सोने-चांदी के गहने-पैसे निकालो। जो विरोध करता, उसे सरिया और लात-घूंसे मारते।”

शोर मचाने पर भागे बदमाश यात्रियों के चिल्लाने-चीखने की आवाज सुनकर पास से गुजर रहे कुछ राहगीर और आसपास के लोग दौड़कर बस की तरफ आए। लोगों को आता देख बदमाश घबरा गए और अपना टेंपो मौके पर ही छोड़कर अंधेरे में जंगल की तरफ भाग निकले। टेंपो को बाद में पुलिस ने कब्जे में ले लिया। हमले में वरदीचंद लोहार सहित कई लोग चोटिल हो गए। कुछ महिलाओं को भी गंभीर चोटें आईं। घायलों का प्राथमिक उपचार करवाया गया।

 पुलिस का रवैया हैरान करने वाला मामला सामने आने के बावजूद सायरा थाना पुलिस का रवैया बेहद लापरवाही भरा रहा। थानाधिकारी किशोर सिंह ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा, “हमारे पास अभी तक लूट या लूट के प्रयास की कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। कोई केस दर्ज नहीं हुआ है।” वहीं पीड़ित परिवार का कहना है कि वे इतने डरे हुए हैं कि अभी थाने जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। वे जल्द ही पूरी घटना की लिखित शिकायत देने की बात कह रहे हैं।

  क्षेत्र में दहशत का माहौल यह इलाका पहले भी लूटपाट और वाहन रोककर वारदातों के लिए कुख्यात रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तरपाल से सायरा-गोगुंदा मार्ग पर रात के समय अक्सर असामाजिक तत्व सक्रिय रहते हैं। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी रोष है और पुलिस पर चौकीदारों की गश्त बढ़ाने का दबाव बना रहे हैं।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.