उदयपुर: युवती से दुष्कर्म, अश्लील फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर 5 लाख की फिरौती मांगी, आरोपी ने ब्लैकमेलिंग के साथ मारपीट भी की
उदयपुर के गोवर्धन विलास में गिरीश कुमार ने युवती को नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किया, अश्लील फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर डाले और हटाने के लिए 5 लाख रुपये मांगे; ब्लैकमेल कर मारपीट भी की, पुलिस ने केस दर्ज कर तलाश शुरू की।
उदयपुर, 10 नवंबर 2025: राजस्थान के उदयपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक आरोपी ने एक युवती के साथ दुष्कर्म किया, उसके अश्लील फोटो और वीडियो बनाए तथा उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। इसके बाद पीड़िता को ब्लैकमेल करते हुए फोटो-वीडियो हटाने के बदले 5 लाख रुपये की मांग की गई। न केवल यह, आरोपी ने पीड़िता को धमकियां देकर मारपीट भी की। मामला गोवर्धन विलास इलाके का है और पीड़िता ने उदयपुर के सूरजपोल थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी गिरीश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता का दर्दभरा बयान: विश्वासघात की शुरुआत 2022 से पीड़िता ने अपनी शिकायत में विस्तार से घटना का जिक्र किया है। उसके अनुसार, साल 2022 में उसके साथ एक सड़क हादसा हो गया था, जिसके कारण वह दुर्घटना बीमा क्लेम के लिए कोर्ट के चक्कर काट रही थी। इसी दौरान आरोपी गिरीश कुमार से उसकी मुलाकात हुई। गिरीश ने खुद को एक विश्वसनीय व्यक्ति बताते हुए पीड़िता को कोर्ट केस में मदद करने का झांसा दिया। वह बार-बार संपर्क में आता रहा और विश्वास जीतने की कोशिश की।पीड़िता ने बताया कि गिरीश ने धीरे-धीरे उसके मनोबल को कमजोर किया और केस में सहायता का बहाना बनाकर उसे अपने फ्लैट पर बुलाया। वहां पहुंचते ही आरोपी ने कोल्ड ड्रिंक में नशीली दवा मिला दी। नशे के असर में बेहोश हो चुकी पीड़िता के साथ गिरीश ने दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, उसने इस दौरान पीड़िता के अश्लील फोटो और वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिए, जो बाद में उसके ब्लैकमेलिंग का हथियार बने।
ब्लैकमेलिंग का जाल: सोशल मीडिया पर अपमान और धमकियां दुष्कर्म के बाद आरोपी ने पीड़िता को अपने जाल में फंसा लिया। उसने फोटो और वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड कर दिया, जिससे पीड़िता का सामाजिक अपमान हुआ। आरोपी ने पीड़िता को फोन पर धमकाते हुए कहा कि ये सामग्री हटाने के लिए 5 लाख रुपये देने होंगे। अगर पैसे न दिए तो वीडियो को उसके परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों तक पहुंचा देगा।पीड़िता ने शिकायत में आगे बताया कि गिरीश ने ब्लैकमेलिंग के दौरान कई बार उसके साथ मारपीट भी की। वह उसे धमकाता रहा कि अगर पुलिस को बताया तो उसके जीवन का अंत हो जाएगा। आरोपी ने पीड़िता के मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न को जारी रखा, जिससे वह डर के साये में जीने लगी। लंबे समय तक चुप रहने के बाद, जब ब्लैकमेलिंग बर्दाश्त से बाहर हो गई, तो पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर सूरजपोल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस कार्रवाई: आरोपी फरार, जांच तेज सूरजपोल थाने की पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 (दुष्कर्म), 384 (वसूली), 506 (आपराधिक धमकी), 323 (मारपीट) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। एसएचओ (स्टेशन हाउस ऑफिसर) ने बताया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और सोशल मीडिया पर अपलोड की गई सामग्री को हटाने के लिए संबंधित प्लेटफॉर्म्स से संपर्क किया जा रहा है।आरोपी गिरीश कुमार निवासी उदयपुर का ही रहने वाला है और फिलहाल फरार है। पुलिस ने उसके फोन लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तलाश तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी पहले भी इसी तरह के मामलों में संलिप्त रहा है, जिसकी पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन दिया है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है।
समाज का आईना: महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार यह घटना उदयपुर सहित पूरे राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों की पोल खोलती है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग ब्लैकमेलिंग के मामलों को और जटिल बना रहा है। एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो
) के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में दुष्कर्म के मामले पिछले कुछ वर्षों में 20 प्रतिशत से अधिक बढ़े हैं। इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं कि क्या कानून और समाज मिलकर महिलाओं को सुरक्षित बना पा रहे हैं?