उदयपुर पुलिस की फिल्मी स्टाइल कार्रवाई: कीलों वाली पट्टी से रोकी तस्करों की स्कॉर्पियो, 468 किलो डोडा चूरा जब्त, बाजार मूल्य 90 लाख रुपये
उदयपुर की खेरोदा पुलिस ने एनएच-48 पर गुजरात नंबर वाली स्कॉर्पियो से 468 किलो डोडा चूरा (कीमत 90 लाख) जब्त किया। तस्करों ने नाकाबंदी देख रॉन्ग साइड में भागने की कोशिश की, लेकिन कांस्टेबल ने स्टॉप स्टिक (कीलों वाली पट्टी) बिछाकर टायर फोड़ दिया। टायर फटने के बाद भी तस्कर गाड़ी घसीटते रहे, फिर जंगल में फरार हो गए। गाड़ी से 5 फर्जी नंबर प्लेटें भी बरामद।
उदयपुर जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ खेरोदा थाना पुलिस ने एक बार फिर कमाल दिखाया है। एनएच-48 (उदयपुर-चित्तौड़गढ़ हाईवे) पर वाना चौराहे (या भटेवर/वना क्षेत्र) के पास नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने गुजरात नंबर वाली एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो को फिल्मी अंदाज में पकड़ा। तस्करों ने पुलिस को देखते ही गाड़ी रॉन्ग साइड में मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन कांस्टेबल की बहादुरी और सतर्कता से उनका प्लान फेल हो गया। पुलिस ने स्टॉप स्टिक (कीलों वाली पट्टी) बिछाकर गाड़ी के अगले टायर फोड़ दिए, जिसके बावजूद तस्कर काफी दूर तक गाड़ी घसीटते रहे, लेकिन अंत में पुलिस ने उन्हें घेर लिया।
घटना का पूरा विवरण
28 जनवरी 2026 की रात को खेरोदा थाना पुलिस ने नेशनल हाईवे-48 पर वाना चौराहे के पास नाकाबंदी लगाई हुई थी। मंगलवाड़ की ओर से उदयपुर की तरफ आ रही काले रंग की स्कॉर्पियो (गुजरात नंबर GJ 35 EH 4403) को रोकने का प्रयास किया गया। जैसे ही ड्राइवर ने पुलिस को देखा, उसने गाड़ी को अचानक रॉन्ग साइड में घुमाकर मंगलवाड़ की ओर भागने की कोशिश की।
थानाधिकारी सुरेश विश्नोई के अनुसार, कांस्टेबल कुलदीप ने तुरंत हिम्मत दिखाई और 'स्टॉप स्टिक' (कीलों वाली पट्टी) गाड़ी के आगे बिछा दी। इससे स्कॉर्पियो का अगला टायर मौके पर ही ब्लास्ट (फट) हो गया। टायर फटने के बावजूद तस्कर गाड़ी को घसीटते हुए काफी दूर तक ले गए, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा जारी रखा और उन्हें घेर लिया।
अंधेरे का फायदा उठाकर दो तस्कर गाड़ी छोड़कर जंगल की ओर भाग गए और फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगी हुई है और विभिन्न संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
जब्त माल और सबूत
गाड़ी की तलाशी में पुलिस को शानदार सफलता मिली:468 किलोग्राम (कुछ रिपोर्ट्स में 468.270 किलो) अवैध डोडा चूरा (पॉपी हस्क/अफीम का चूरा) जब्त किया गया।यह मादक पदार्थ 27 कट्टों (या 22 प्लास्टिक कट्टों) में भरा हुआ था। पिछली सीटों को हटाकर छिपाया गया था।बाजार में इसकी अनुमानित कीमत 90 लाख रुपये (कुछ जगहों पर 70-90 लाख के बीच बताई गई) है।गाड़ी से 5 अलग-अलग नंबरों वाली फर्जी नंबर प्लेटें बरामद हुईं, जिनका इस्तेमाल तस्कर विभिन्न जिलों में पुलिस को चकमा देने के लिए करते थे।स्कॉर्पियो वाहन को भी जब्त कर लिया गया है।
पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने फरार तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। स्कॉर्पियो के चेसिस नंबर के आधार पर असली मालिक का पता लगाया जा रहा है। मामले की जांच कानोड थानाधिकारी मुकेश चन्द कर रहे हैं।जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के निर्देशन में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान में यह बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस का कहना है कि ऐसे नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।