उदयपुर में नगर निगम की बड़ी कार्रवाई: ब्रह्मपोल क्षेत्र में 35 करोड़ की सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया
उदयपुर के ब्रह्मपोल क्षेत्र में नगर निगम ने ब्रह्मपोल मस्जिद के सामने 2 बीघा सरकारी जमीन (कीमत 30-35 करोड़) से वर्षों पुराना अतिक्रमण हटाया। जेसीबी से सामान और संरचनाएं हटाई गईं, कुछ स्थानीय विरोध के बावजूद कार्रवाई जारी रही और होम गार्ड तैनात किए गए। यह जमीन 2004 में UIT से निगम को मिली थी, और अभियान शहर की अन्य जमीनों पर भी चलेगा।
उदयपुर शहर के ब्रह्मपोल इलाके में नगर निगम ने सरकारी जमीन पर वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमण के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। यह कार्रवाई ब्रह्मपोल मस्जिद के ठीक सामने स्थित लगभग 2 बीघा (करीब 50,000 स्क्वायर फीट) जमीन पर की गई, जिसकी बाजार कीमत 30 से 35 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। यह जमीन मूल रूप से उदयपुर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट (UIT) की थी, जिसे 2004 में नगर निगम को हस्तांतरित कर दिया गया था।
कार्रवाई का विवरण: नगर निगम की टीम सुबह करीब 9 बजे मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीनों की मदद से अतिक्रमण हटाने का काम शुरू किया। यह ऑपरेशन दोपहर तक जोर-शोर से जारी रहा। अतिक्रमणकारियों ने यहां लोहे का भारी सामान, कंक्रीट के पत्थर, झाड़ियां, छोटे पेड़ और अन्य सामग्री रखकर वर्षों से कब्जा जमाया हुआ था। आधा दर्जन से अधिक लोगों ने इस जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा था। टीम ने सभी सामान को हटाकर जमीन को पूरी तरह मुक्त कराया।
विरोध और सुरक्षा व्यवस्था: कार्रवाई के दौरान स्थानीय स्तर पर कुछ विरोध देखने को मिला। पृथ्वीराज तेली सहित कुछ लोगों ने समाज के अन्य सदस्यों के साथ विरोध जताया। हालांकि, नगर निगम की टीम ने आयुक्त के सख्त निर्देशों का पालन करते हुए कार्रवाई जारी रखी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर होम गार्ड्स के जवान तैनात किए गए थे, जिससे कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई।
नगर निगम आयुक्त का बयान: नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि ब्रह्मपोल क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की शिकायतें लंबे समय से प्राप्त हो रही थीं। ये अतिक्रमण शहर की व्यवस्था और विकास के लिए चुनौती बन रहे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए टीम ने यह बड़ी कार्रवाई की। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यह अतिक्रमण हटाओ अभियान यहीं नहीं रुकेगा, बल्कि शहर की अन्य सरकारी जमीनों पर भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। यह कार्रवाई उदयपुर नगर निगम के चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाकर ट्रैफिक और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर करना है। इस तरह की कार्रवाइयों से सरकारी संपत्ति की रक्षा तो हो रही है, साथ ही शहरवासियों को भी राहत मिल रही है।