भाई की शादी के लिए निकले थे, चलती ट्रेन से मां-बेटी की दर्दनाक मौत: 4 दिन बाद झाड़ियों में मिले क्षत-विक्षत शव.

जालोर के एक बिजनेसमैन की 5 महीने की गर्भवती पत्नी और 4 साल की बेटी चलती ट्रेन से गिरकर मर गईं। परिवार आंध्र प्रदेश से भाई की शादी (22 नवंबर) में शामिल होने जालोर आ रहा था। हादसा मंगलवार शाम हुआ, शव 4 दिन बाद झाड़ियों में क्षत-विक्षत मिले। पुलिस इसे दुर्घटना मान रही है, जांच जारी।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
November 14, 2025 • 1:37 PM  14
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राजस्थान
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भाई की शादी के लिए निकले थे, चलती ट्रेन से मां-बेटी की दर्दनाक मौत: 4 दिन बाद झाड़ियों में मिले क्षत-विक्षत शव.
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14 Nov 2025
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भाई की शादी के लिए निकले थे, चलती ट्रेन से मां-बेटी की दर्दनाक मौत: 4 दिन बाद झाड़ियों में मिले क्षत-विक्षत शव.

जालोर, 14 नवंबर 2025: राजस्थान के जालोर जिले के एक सफल बिजनेसमैन का परिवार खुशी से भरा एक सफर दर्द और आंसुओं की कहानी में बदल गया। आंध्र प्रदेश में मोबाइल एक्सेसरीज का कारोबार करने वाले इस व्यापारी की 5 महीने की गर्भवती पत्नी और उनकी मासूम बेटी की चलती ट्रेन से गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना इतनी रहस्यमयी और हृदयविदारक थी कि शव चार दिनों तक गायब रहे, और आखिरकार झाड़ियों में क्षत-विक्षत हालत में मिले। यह हादसा न केवल एक परिवार को तोड़ गया, बल्कि पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया।

घटना का दर्दनाक विवरण: शादी की खुशी में छिपा था काला साया

जानकारी के अनुसार, बिजनेसमैन (नाम गोपनीय रखा गया है, लेकिन स्थानीय स्रोतों के मुताबिक वे जालोर के प्रमुख व्यापारी हैं) आंध्र प्रदेश के अपने कारोबार से परिवार सहित जालोर लौट रहे थे। 22 नवंबर को उनके साले (पत्नी के भाई) की शादी थी, जिसमें शामिल होने के लिए पूरा परिवार उत्साहित था। वे ट्रेन से यात्रा कर रहे थे, जो अहमदाबाद से जोधपुर रूट पर चल रही थी। मंगलवार शाम को, जब ट्रेन जालोर के पास से गुजर रही थी, अचानक एक भयानक हादसा हुआ।चश्मदीद यात्रियों के बयानों से पता चला है कि गर्भवती पत्नी (उम्र करीब 32 वर्ष) को ट्रेन में उबाल या अस्वस्थ महसूस हुआ। वे दरवाजे के पास खड़ी हुईं, तभी पैर फिसल गया और वे चलती ट्रेन से बाहर गिर पड़ीं। उनकी बेटी (उम्र 4 वर्ष), जो मां के पास खेल रही थी, भी उन्हें बचाने के प्रयास में साथ गिर गई।

 ट्रेन की रफ्तार इतनी तेज थी कि दोनों के चिल्लाने की आवाज भी यात्रियों तक साफ नहीं पहुंची। बिजनेसमैन ने तुरंत चेन पुलिंग की, लेकिन तब तक ट्रेन काफी दूर निकल चुकी थी।परिवार के अन्य सदस्यों ने बताया कि पत्नी की हालत पहले से नाजुक थी—5 महीने का गर्भ होने के कारण उन्हें यात्रा के दौरान थकान हो रही थी। डॉक्टरों ने बाद में पुष्टि की कि हादसे के कारण न केवल मां-बेटी की मौत हुई, बल्कि गर्भ में पल रहा बच्चा भी नहीं बच सका। यह घटना ट्रेन के जीआरपी (गवर्नमेंट रेलवे पुलिस) के लिए भी चुनौतीपूर्ण साबित हुई, क्योंकि रात का समय होने से तलाशी अभियान मुश्किल हो गया।

4 दिनों की बेचैनी: झाड़ियों में छिपे थे शव, मिला भयावह नजारा

हादसे के तुरंत बाद रेलवे पुलिस, स्थानीय पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। ट्रेन रुकने के बाद आसपास के रेल पटरी, खेतों और झाड़ियों की तलाशी ली गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बिजनेसमैन और उनके रिश्तेदार चार दिनों तक बिना सोए तलाश में लगे रहे। सोशल मीडिया पर भी अपील की गई, लेकिन व्यर्थ।आखिरकार, शनिवार सुबह एक किसान ने जालोर के आहोर रोड के पास घने झाड़ियों में कुछ संदिग्ध देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस को वहां भयानक दृश्य मिला—दोनों शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हालत में थे। जंगली जानवरों ने शवों को नुकसान पहुंचाया था, और गर्भवती महिला का पेट फट चुका था। शवों की पहचान कपड़ों और आभूषणों से हुई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि मौत गिरने और चोटों से हुई, लेकिन देरी से शवों को मिलने के कारण सड़न शुरू हो चुकी थी।पुलिस ने प्रारंभिक जांच में इसे दुर्घटना माना है, लेकिन बिजनेसमैन के बयान पर अब गहन पूछताछ हो रही है। क्या ट्रेन में कोई झगड़ा हुआ था? या स्वास्थ्य समस्या के कारण यह हादसा हुआ? ये सवाल अभी अनुत्तरित हैं। जीआरपी ने ट्रेन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं, जिसमें दरवाजे के पास हलचल दिखाई दे रही है।

परिवार का गहरा सदमा: व्यापार से लेकर घर तक सब बिखरा

बिजनेसमैन आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में मोबाइल एक्सेसरीज (चार्जर, कवर, ईयरफोन आदि) का सफल कारोबार चला रहे थे। वे जालोर के मूल निवासी हैं और साल में दो-तीन बार परिवार के साथ घर आते थे। इस हादसे ने न केवल उन्हें तोड़ दिया, बल्कि साले की शादी भी रद्द हो गई। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। बिजनेसमैन को सदमे में डाक्टरों ने दवा दी है, और वे बोलने की हालत में नहीं हैं।स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के लिए अंतिम संस्कार की व्यवस्था की। जालोर कलेक्टर ने शोक संतप्त परिवार को 5-5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। रेल मंत्रालय ने भी जांच के आदेश दिए हैं, ताकि ट्रेनों में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

सबक और सावधानियां: यात्रा में सतर्कता जरूरी

यह हादसा रेल यात्रा की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि चलती ट्रेन में दरवाजे बंद रखने, यात्रियों को सीट बेल्ट या हैंडल इस्तेमाल करने की सलाह दी जानी चाहिए। गर्भवती महिलाओं के लिए आरक्षित कोच और मेडिकल किट अनिवार्य होने चाहिए। जालोर एसपी ने कहा, "हम ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाएंगे।"यह दुखद घटना हमें याद दिलाती है कि जिंदगी की खुशियां कितनी नाजुक हैं। भाई की शादी की तैयारियां अब आंसुओं में डूब गईं, और एक परिवार का सपना चूर-चूर हो गया।  

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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