नागौर के मारवाड़ मूंडवा में मधुमक्खियों के हमले में 14 लोग घायल, दो की हालत गंभीर; अगरबत्ती के धुएं से भड़कीं मधुमक्खियां, PPE किट पहनकर बचाया गया
नागौर के मारवाड़ मूंडवा में एक परिवार हरिद्वार अस्थियां लेकर जा रहा था, रास्ते में अगरबत्ती जलाने से पेड़ पर बैठी मधुमक्खियां भड़क गईं और 14 लोगों पर हमला कर दिया। दो बुजुर्ग गंभीर घायल होकर नागौर रेफर, बाकी का प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी। 108 टीम ने PPE किट पहनकर घायलों को बचाया।
नागौर जिले के मारवाड़ मूंडवा में शनिवार को एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। यहां कामण्डा ढाणी के समीप एक परिवार के सदस्यों पर मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक हमला बोल दिया, जिसमें कुल 14 लोग घायल हो गए। इनमें से दो लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें नागौर के उच्चतर चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया है।
यह पूरी घटना एक दुखद संदर्भ में हुई, जब एक परिवार अपने परिजन की अस्थियां लेकर हरिद्वार जा रहा था। बेटे रामलाल मुंडेल के निधन के बाद परिवार सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार अस्थियां लेकर घर से निकला था। रास्ते में पथवारी (खेत की सिंचाई वाली जगह) का सींचन करने के लिए सभी रुक गए। इसी दौरान परिवार के किसी सदस्य ने अगरबत्ती जलाई, जिसके धुएं से पास के पेड़ पर बैठी मधुमक्खियों का झुंड उत्तेजित हो उठा।
अगरबत्ती का धुआं मधुमक्खियों के लिए खतरे का संकेत बन गया और पूरा झुंड परिवार के सदस्यों पर टूट पड़ा। मधुमक्खियों के हमले से वहां अफरा-तफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे, लेकिन मधुमक्खियां हर तरफ से हमला कर रही थीं। कई लोगों के शरीर पर मधुमक्खियां चिपक गईं और उन्होंने बार-बार डंक मारे।
घटना की सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवा 108 की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। 108 एम्बुलेंस टीम के सदस्य रामजस मुंडेल, राकेश काला और सुखवीर डारा ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए PPE किट (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) पहनकर घायलों को बचाने का काम किया। उन्होंने सावधानी से प्रभावित लोगों को एम्बुलेंस में बिठाया और उन्हें मूंडवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया।
अस्पताल पहुंचने पर पूरा वार्ड घायलों से भर गया। डॉ. सुरेंद्र डिडेल के नेतृत्व में नर्सिंग स्टाफ रामेश्वर मिर्धा, सुमन खुड़खुड़िया, सुभाष, अर्जुन चांगल, सुमेरसिंह सहित पूरी चिकित्सा टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया। घायलों के शरीर से चिपकी मधुमक्खियों को सावधानीपूर्वक हटाया गया और प्राथमिक उपचार दिया गया। ज्यादातर घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई, लेकिन दो बुजुर्गों की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें नागौर रेफर किया गया।
घायलों में शामिल हैं:सत्यनारायण पुत्र मदनलाल (78 वर्ष) – गंभीर, रेफर, घनश्याम पुत्र मांगीलाल (65 वर्ष) – गंभीर, रेफर,विमल पत्नी दिनेश (40 वर्ष),हेमलता पत्नी भुवान (22 वर्ष),सीमा पत्नी राकेश (30 वर्ष),बिदामी पत्नी भंवरराम (60 वर्ष),लीला पत्नी अर्जुनराम (45 वर्ष),योगेश पुत्र मोहनराम (10 वर्ष),मनसुख पुत्र अमरराम (7 वर्ष),कानाराम पुत्र प्रेमसुख (20 वर्ष),प्रेमसुख पुत्र मेहराम (50 वर्ष),शक्तिमान पुत्र मदनराम (25 वर्ष),अमरचंद पुत्र कैलाशराम (32 वर्ष),रणजीत पुत्र रामलाल (14 वर्ष)। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि प्रकृति के छोटे-छोटे जीव भी उकसाए जाने पर कितना बड़ा खतरा पैदा कर सकते हैं।