बाड़मेर में विश्व जल दिवस पर PHED कार्यालय में जल पूजन: भाजपा नेता दिलीप पालीवाल बोले- 'जल होगा तो कल होगा'; जल संरक्षण की दिलाई गई सामूहिक शपथ

22 मार्च को विश्व जल दिवस पर बाड़मेर के पीएचईडी कार्यालय में जल महोत्सव मनाया गया। जल का मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया, पानी की गुणवत्ता जांच की गई और लोगों को जल बचत की शपथ दिलाई गई। भाजपा नेता दिलीप पालीवाल ने कहा कि 'जल होगा तो कल होगा' और जल संरक्षण पर जोर दिया। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए, जहां जलजीवन मिशन और कुओं के रिचार्ज पर चर्चा हुई।

Mar 22, 2026 - 14:23
बाड़मेर में विश्व जल दिवस पर PHED कार्यालय में जल पूजन: भाजपा नेता दिलीप पालीवाल बोले- 'जल होगा तो कल होगा'; जल संरक्षण की दिलाई गई सामूहिक शपथ

बाड़मेर, 22 मार्च 2026: विश्व जल दिवस के अवसर पर बाड़मेर के महावीर नगर स्थित पीएचईडी (जलदाय विभाग) कार्यालय में 'जल महोत्सव' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जल के महत्व को समझने और संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। जल का पारंपरिक पूजन, पानी की गुणवत्ता जांच और जल बचत की शपथ ग्रहण मुख्य आकर्षण रहे। विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत जल पूजन से हुई, जिसमें मंत्रोच्चार के साथ जल की पूजा की गई। इसके बाद नल से निकलने वाले पानी का टेस्ट किया गया ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल की गुणवत्ता के बारे में अवगत कराया जा सके। यह गतिविधि जलजीवन मिशन के तहत चल रही जल संरक्षण प्रयासों का हिस्सा थी।

प्रमुख अतिथियों की मौजूदगी और स्वागत

कार्यक्रम में पीएचईडी के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (एसई) हजारी राम बालवां, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दिलीप पालीवाल, रमेश सिंह इंदा, धनसिंह मौसेरी सहित विभाग के अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अतिथियों का पारंपरिक तरीके से साफा बांधकर और माला पहनाकर स्वागत किया गया।

जल संरक्षण पर गहन चर्चा और शपथ

कार्यक्रम के दौरान जलजीवन मिशन की प्रगति, जल संरक्षण के उपायों और पानी के सही उपयोग पर विस्तृत चर्चा हुई। मौजूद लोगों को जल बचत के प्रति संकल्पित करने के लिए सामूहिक शपथ दिलाई गई। साथ ही, दैनिक जीवन में पानी की बर्बादी रोकने के व्यावहारिक सुझाव भी दिए गए, जैसे कुओं का रिचार्ज, वर्षा जल संचयन और अनावश्यक उपयोग से बचाव।

भाजपा नेता एवं पूर्व जिलाध्यक्ष दिलीप पालीवाल ने अपने संबोधन में कहा, "पानी प्रकृति की अमूल्य देन है। हमें कुओं के रिचार्ज पर विशेष ध्यान देना होगा। नदियां जैसे लूणी नदी बहती हैं, लेकिन पानी का जमीन में दोहन हो रहा है। जल के महत्व को हर व्यक्ति को समझना चाहिए क्योंकि जल ही जीवन है। हमारे पूर्वजों ने पानी की कमी देखी है, अब नई पीढ़ी को पानी मिल गया है इसलिए पुरानी बातें भूल गई हैं। हमें उन यादों को जीवित रखते हुए पानी का संचय करना चाहिए।" उन्होंने प्रसिद्ध उद्घोषणा भी दोहराई- 'जल होगा तो कल होगा', जो जल संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देती है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.