इंदौर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान भीषण आग: 7 लोगों की मौत, 3 घायल – डिजिटल लॉक और गैस सिलेंडर विस्फोट ने बढ़ाई त्रासदी

इंदौर के बृजेश्वरी एनेक्स कॉलोनी में बुधवार तड़के इलेक्ट्रिक कार की होम चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। आग तेजी से घर में फैली, गैस सिलेंडर फटे, धमाकों से मकान का हिस्सा ढह गया। बिजली कटने से डिजिटल लॉक नहीं खुले, अंदर फंसे लोग बाहर नहीं निकल सके। हादसे में 8 लोगों की मौत (जिनमें गर्भवती महिला और बच्ची शामिल), 3-4 घायल। ज्यादातर मृतक एक ही परिवार या रिश्तेदार थे। घटना ने EV घरेलू चार्जिंग की सुरक्षा पर सवाल उठाए।

Mar 18, 2026 - 12:18
इंदौर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान भीषण आग: 7 लोगों की मौत, 3 घायल – डिजिटल लॉक और गैस सिलेंडर विस्फोट ने बढ़ाई त्रासदी

इंदौर, 18 मार्च 2026: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में बुधवार तड़के एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। बृजेश्वरी एनेक्स कॉलोनी (ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी) के पास बंगाली चौराहे के निकट एक तीन मंजिला मकान में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) की चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई, जिसने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।

पुलिस और फायर ब्रिगेड की प्रारंभिक जांच के अनुसार, हादसा करीब 3:30 से 4:00 बजे के बीच हुआ। मकान के मालिक मनोज पुगलिया (पॉलिमर ट्रेडर/रबर कारोबारी) के घर के बाहर पार्क की गई इलेक्ट्रिक कार को चार्ज किया जा रहा था। चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट होने से कार में आग लग गई और यह तेजी से घर की ओर फैल गई। घर में रखे 10 से अधिक गैस सिलेंडर भी आग की चपेट में आ गए, जिससे एक के बाद एक जोरदार विस्फोट हुए। इन धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि पूरा इलाका दहल उठा और मकान का एक हिस्सा ढह गया।

मृतकों में मनोज पुगलिया (65), उनकी गर्भवती बहू सिमरन (30), विजय सेठिया (65), छोटू सेठिया (22), सुमन (60), राशि सेठिया (12 वर्षीय बच्ची) और टीनू (35) शामिल हैं। घायलों में सौरभ पुगलिया (30), आशीष (30) और हर्षित पुगलिया (25) हैं, जिनका इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। मृतकों में से अधिकांश मनोज पुगलिया के रिश्तेदार थे, जो हाल ही में बिहार के किशनगंज से मंगलवार को इंदौर आए थे।

हादसे की त्रासदी को और बढ़ा दिया घर में लगे डिजिटल लॉक ने। आग लगने के बाद बिजली सप्लाई बंद हो गई, जिससे डिजिटल दरवाजे खुल नहीं पाए। अंदर सो रहे लोग बाहर निकल नहीं सके और धुएं की वजह से दम घुटने से उनकी मौत हो गई। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने बताया कि इमारत में इलेक्ट्रॉनिक लॉक होने के कारण पावर कट के बाद दरवाजे लॉक हो गए, जिससे बचाव कार्य में देरी हुई।

आसपास के निवासियों ने बताया कि फायर ब्रिगेड को सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची। अग्निशमन दल ने पड़ोसी इमारत से रास्ता बनाकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। बचाव टीम ने धुएं और आग के बीच तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन बाकी लोग बेडरूम क्षेत्र में फंसे रहे।

इस घटना ने इलेक्ट्रिक वाहनों की घरेलू चार्जिंग की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मौके पर पहुंचकर इसे 'चेतावनी भरा' बताया और EV चार्जिंग के लिए सख्त SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, "EV युग में सुरक्षा प्रोटोकॉल फुलप्रूफ होने चाहिए। पुलिस कमिश्नर को विशेषज्ञ समिति गठित करने का आदेश दिया गया है।"

पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि घर में गैस सिलेंडरों के अलावा अन्य ज्वलनशील सामग्री भी हो सकती है, जिसने आग को और भयावह बना दिया। इमारत का मध्य तल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है और इसे असुरक्षित घोषित किया गया है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.