तीसरी आंख की निगरानी में "सूर्यनगरी" 900 से अधिक CCTV कैमरों से सुरक्षा को मजबूती.

जोधपुर शहर को 'तीसरी आंख' यानी 900 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में लाया गया है, जिनकी मॉनिटरिंग अभय कमांड कंट्रोल रूम से होती है। पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के निर्देशन में जनसहभागिता अभियान के जरिए और कैमरे लगाने की योजना है, ताकि शहर का हर कोना सुरक्षित रहे। डीसीपी ट्रैफिक साइन सी ने बताया कि अंदरूनी इलाकों में भी निगरानी बढ़ाने पर काम चल रहा है।

Aug 22, 2025 - 12:27
तीसरी आंख की निगरानी में "सूर्यनगरी" 900 से अधिक CCTV कैमरों से सुरक्षा को मजबूती.

जोधपुर शहर, अब अपराध नियंत्रण और सुरक्षा के लिए 'तीसरी आंख' यानी सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में है। शहर में 900 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी मॉनिटरिंग अत्याधुनिक अभय कमांड कंट्रोल रूम से की जा रही है। पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के निर्देशन में यह पहल अपराधों पर अंकुश लगाने और शहर को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। डीसीपी ट्रैफिक साइन सी ने बताया कि इन कैमरों को और बढ़ाने का कार्य प्रगति पर है, ताकि शहर का हर कोना निगरानी के दायरे में आए।

अभय कमांड कंट्रोल रूम: शहर की सुरक्षा का केंद्र

जोधपुर में अपराधों पर नजर रखने और त्वरित कार्रवाई के लिए अभय कमांड कंट्रोल रूम एक केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। यह सेंटर अत्याधुनिक तकनीकों से लैस है, जिसमें वीडियो सर्विलांस सिस्टम, वाहन डेटा सेंटर, डायल 100 सिस्टम और फॉरेंसिक जांच प्रयोगशाला शामिल हैं। इस सेंटर से 900 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग की जाती है, जिससे किसी भी आपराधिक घटना या हादसे के बाद तुरंत कार्रवाई संभव हो पाती है। सेंटर में तीन शिफ्टों में 40-40 जवान कार्यरत हैं, जो 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करते हैं।

CCTV कैमरों की स्थिति और विस्तार की योजना

वर्तमान में जोधपुर शहर के प्रमुख स्थानों, चौराहों और व्यस्त इलाकों में 900 से अधिक सीसीटीवी कैमरे सक्रिय हैं। डीसीपी ट्रैफिक साइन सी ने बताया कि शहर के मुख्य क्षेत्रों में कैमरे पहले ही लगाए जा चुके हैं, लेकिन अब उन अंदरूनी इलाकों में भी कैमरे लगाने का प्रयास किया जा रहा है, जहां अभी तक निगरानी की सुविधा नहीं है। इसके लिए जनसहभागिता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें नागरिकों, व्यापारियों और स्थानीय समुदायों को अपने प्रतिष्ठानों और घरों के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस अभियान का लक्ष्य है कि जोधपुर का हर कोना सीसीटीवी की नजर में हो, जिससे अपराधियों में भय पैदा हो और शहरवासियों को सुरक्षित माहौल मिले।

जनसहभागिता अभियान: सुरक्षा में नागरिकों की भागीदारी

पुलिस प्रशासन ने जनसहभागिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत व्यापारियों और स्थानीय लोगों को अपने-अपने क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के नेतृत्व में बीट कांस्टेबलों को भी जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक कैमरे लगवाएं। जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट ने पहले भी इस तरह के अभियान चलाए हैं, जिसमें बीट कांस्टेबलों को सबसे अधिक कैमरे लगवाने पर सम्मानित करने की योजना बनाई गई थी। 

डीसीपी ट्रैफिक साइन सी ने कहा, "हमारा प्रयास है कि जोधपुर का हर क्षेत्र सीसीटीवी की निगरानी में हो। इसके लिए जनता का सहयोग बहुत जरूरी है। हम व्यापारियों और नागरिकों से अपील करते हैं कि वे अपने प्रतिष्ठानों और घरों के बाहर कैमरे लगाएं, ताकि अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।"

CCTV कैमरों का प्रभाव: अपराध नियंत्रण में मदद

सीसीटीवी कैमरों ने जोधपुर में अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उदाहरण के लिए, पिछले वर्ष रॉय कॉलोनी रोड पर नर्सिंग छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटना में सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने अपराधियों को पकड़ा था। इसके अलावा, शहर में चोरी, लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं को रोकने में भी ये कैमरे कारगर साबित हुए हैं। कैमरों की मौजूदगी से अपराधियों में भय पैदा होता है और पुलिस को जांच में आसानी होती है। 

हालांकि, कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं। कुछ क्षेत्रों में पहले लगाए गए कैमरे खराब हो चुके हैं या उनकी मॉनिटरिंग प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन अब हाई-रेजोल्यूशन और नाइट विजन कैमरों पर जोर दे रहा है, ताकि रात के समय भी स्पष्ट फुटेज प्राप्त हो सके। 

भविष्य की योजना: हर कोने पर नजर

पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के निर्देशन में जोधपुर पुलिस का लक्ष्य है कि शहर को पूरी तरह से सीसीटीवी निगरानी के दायरे में लाया जाए। इसके लिए न केवल सरकारी स्तर पर कैमरे लगाए जा रहे हैं, बल्कि निजी क्षेत्रों में भी कैमरों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। वर्तमान में पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में लगभग 7,000 सीसीटीवी कैमरे हैं, जिनमें से 645 अभय कमांड कंट्रोल सेंटर के अधीन हैं। इसके अलावा, 6,000 से अधिक निजी कैमरे भी शहर की सुरक्षा में योगदान दे रहे हैं। 

पुलिस प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि बीट कांस्टेबलों की जानकारी अपडेट की जाए, ताकि आम जनता आसानी से उनसे संपर्क कर सके। बीट कांस्टेबलों के नाम, मोबाइल नंबर और पुलिस स्टेशन की जानकारी हर गली-मोहल्ले में प्रदर्शित की जा रही है।

जोधपुर शहर को सुरक्षित और अपराधमुक्त बनाने की दिशा में सीसीटीवी कैमरों और अभय कमांड कंट्रोल रूम की भूमिका अहम है। पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश और डीसीपी ट्रैफिक साइन सी के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान से शहरवासियों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है। जनसहभागिता के माध्यम से और अधिक कैमरे लगाने की योजना न केवल अपराध नियंत्रण में सहायक होगी, बल्कि जोधपुर को देश के सबसे सुरक्षित शहरों में से एक बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।