युवती से जबरन शादी करना चाहता था आरोपी, सेना के भगोड़े संग क्यों रची अपहरण की साजिश? जानिए
बालोतरा के रनियादेशीपुरा गांव में हुई सनसनीखेज फायरिंग और युवती के अपहरण की कोशिश मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया हैं...
बालोतरा जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के रनियादेशीपुरा गांव में 1 अप्रैल की शाम हुई दिनदहाड़े फायरिंग और अपहरण प्रयास की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और वारदात में इस्तेमाल की गई एसयूवी भी बरामद कर ली गई है। हालांकि, इस पूरे मामले का मुख्य साजिशकर्ता सहित अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
नकाबपोश बदमाशों ने मचाया था आतंक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल की शाम दो बिना नंबर की काली एसयूवी में सवार होकर 10-12 नकाबपोश बदमाश गांव में पहुंचे थे। बदमाशों ने पिस्टल से फायरिंग करते हुए और लाठी-डंडों से लैस होकर एक घर में जबरन घुसने की कोशिश की। आरोपियों का मकसद घर में मौजूद युवती का अपहरण करना था, लेकिन घर में अधिक लोगों की मौजूदगी के कारण उनकी योजना सफल नहीं हो सकी और वे मौके से फरार हो गए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रमेश के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरफूल सिंह और वृताधिकारी पचपदरा विकास कुमार के सुपरविजन में विशेष टीम गठित की गई। कल्याणपुर थानाधिकारी भंवर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और पारंपरिक पुलिसिंग के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई। मौके से फॉरेंसिक और एमओबी टीम ने महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जुटाए।
जांच में सामने आया कि आरोपी योजनाबद्ध तरीके से दो एसयूवी वाहनों में सवार होकर आए थे और वारदात को अंजाम देने से पहले पूरी तैयारी की गई थी।
जबरन विवाह की नीयत से रची गई साजिश
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड दिनेश पटेल है। बताया जा रहा है कि दिनेश पटेल युवती को पहले बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। बाद में युवती की गुमशुदगी दर्ज होने पर पुलिस ने उसे दस्तयाब कर परिजनों को सौंप दिया। युवती ने अपने परिवार के साथ रहने की इच्छा जताई थी, जिससे आहत होकर दिनेश पटेल ने कथित तौर पर जबरन विवाह कराने की नीयत से अपहरण की साजिश रची। इस साजिश में उसने सेना से भगोड़े नरपत सिंह को शामिल किया, जिसने अपने साथियों को पैसे का लालच देकर वारदात में शामिल किया।
हथियार, एसयूवी और फरार आरोपी
वारदात के दौरान आरोपियों ने पहचान छुपाने के लिए दोनों एसयूवी की नंबर प्लेट हटा दी थी। एक वाहन जोधपुर से किराए पर लिया गया था जबकि दूसरा वाहन अन्य आरोपी का बताया जा रहा है। घटना के दौरान पिस्टल से फायरिंग की कोशिश भी की गई, लेकिन गोली मिस हो गई और मैगजीन घटनास्थल पर गिर गई। भीड़ बढ़ने पर सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
चार आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
लगातार तकनीकी निगरानी और पीछा करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें चेलाराम उर्फ सिकीया सहित तीन अन्य बापर्दा आरोपी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है और वे पहले भी कई मामलों में संलिप्त पाए गए हैं। फिलहाल मुख्य साजिशकर्ता समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।