लॉरेंस गैंग का ‘विभीषण’ गिरफ्तार, खाटूश्यामजी में कांग्रेस नेता की रेकी कर गैंगस्टर्स तक पहुंचाता था हर मूवमेंट की खबर
सीकर में पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग को स्थानीय व्यापारियों की जानकारी देने वाले एक गुर्गे को गिरफ्तार किया है। आरोपी व्यापारियों की लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी गैंग तक पहुंचा रहा था।
राजस्थान के सीकर जिले में गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ा एक बड़ा खुलासा सामने आया है। खाटूश्यामजी पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) की संयुक्त कार्रवाई में एक ऐसे स्थानीय आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित रूप से लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग को इलाके के व्यापारियों और नेताओं की गतिविधियों की जानकारी पहुंचा रहा था।
2 करोड़ की रंगदारी से शुरू हुई जांच
यह पूरा मामला खाटूश्यामजी सहकारी समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस नेता श्याम सुंदर पूनिया को मिली धमकी से जुड़ा है। 26 सितंबर 2025 को उन्हें लॉरेंस गैंग के नाम पर वॉट्सऐप कॉल और मैसेज के जरिए 2 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। रकम न देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। इसके बाद 14 अक्टूबर को दोबारा धमकी भेजी गई।
पुलिस जांच में खुला अंदरूनी नेटवर्क
मामले की जांच में पुलिस को शक हुआ कि बिना किसी स्थानीय मदद के गैंगस्टर्स को इतनी सटीक जानकारी मिलना संभव नहीं है। इसी कड़ी में जांच तेज की गई और एक स्थानीय लिंक सामने आया।
लामिया गांव से आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने लामिया गांव के रहने वाले बिट्टू उर्फ महेंद्र जींजवारिया को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लगातार श्याम सुंदर पूनिया की रेकी कर रहा था और उनके आने-जाने, कारोबार और गतिविधियों की जानकारी गैंगस्टर्स को व्हाट्सऐप के जरिए भेज रहा था।
गैंगस्टर्स को देता था पूरी जानकारी
आरोप है कि आरोपी लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग के गुर्गों तक व्यापारियों की लोकेशन और उनकी निजी जानकारी पहुंचाता था। इस जानकारी के आधार पर ही धमकी और रंगदारी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा था।
दूसरा मामला भी जांच के घेरे में
पुलिस के अनुसार, श्री श्याम मंदिर कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष के बेटे मानवेंद्र सिंह चौहान को भी 2 करोड़ रुपये की फिरौती की धमकी मिली थी। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या इस मामले में भी आरोपी की कोई भूमिका थी और क्या उसने उनकी गतिविधियों की जानकारी गैंग तक पहुंचाई थी।
पुलिस की आगे की जांच
रींगस के एडिशनल एसपी दीपक गर्ग के अनुसार, आरोपी से गैंग के साथ उसके सीधे संपर्क और नेटवर्क को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसकी गैंगस्टर्स से कितनी गहरी सांठगांठ थी और क्या वह लंबे समय से इस नेटवर्क का हिस्सा था।
सीकर का यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि कैसे स्थानीय स्तर पर छोटे लिंक बड़े गैंगस्टर नेटवर्क को मजबूत कर सकते हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश में जुटी है।