सीकर में किसानों के खेतों के गेट चोरी का मामला: दो आरोपी गिरफ्तार, पांच लोहे के गेट बरामद
राजस्थान के सीकर जिले के दादिया थाना क्षेत्र में एक ही रात में पांच किसानों के खेतों से लोहे के गेट चोरी करने के मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से संदिग्ध गाड़ी ट्रेस कर आरोपियों तक पहुंची पुलिस ने चोरी के सभी पांच गेट बरामद कर लिए हैं।
राजस्थान के सीकर जिले में एक अनोखी चोरी की घटना सामने आई है, जहां चोरों ने एक ही रात में पांच अलग-अलग किसानों के खेतों से लोहे के गेट चुरा लिए। दादिया थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात ने इलाके के किसानों में दहशत पैदा कर दी थी। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मामले का खुलासा हो गया और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी के सभी पांच गेट भी बरामद कर लिए हैं।
घटना की पूरी जानकारी घटना 25-26 दिसंबर की रात की है। दादिया थाना इलाके में रहने वाले पांच किसानों – जिनमें बनवारीलाल प्रमुख हैं – ने 26 दिसंबर को थाने में संयुक्त शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने बताया कि रात के अंधेरे का फायदा उठाकर अज्ञात चोर उनके खेतों के मुख्य द्वार पर लगे लोहे के गेट चुराकर ले गए। ये गेट काफी भारी और महंगे होते हैं, जो खेतों की सुरक्षा के लिए लगाए जाते हैं। एक ही रात में पांच अलग-अलग खेतों को निशाना बनाना इस बात का संकेत था कि चोर संगठित तरीके से काम कर रहे थे और उनके पास कोई वाहन जरूर रहा होगा।किसानों की शिकायत मिलते ही दादिया थाना पुलिस हरकत में आ गई। थाना प्रभारी (SHO) बुद्धिप्रसाद के नेतृत्व में टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने सबसे पहले इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इन फुटेज में एक संदिग्ध वाहन नजर आया, जो रात के समय उन इलाकों से गुजरा था जहां चोरी हुई थी।
पुलिस की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध गाड़ी की पहचान की और उसके नंबर प्लेट व अन्य विवरणों के जरिए मालिक तक पहुंची। जांच आगे बढ़ाने पर पुलिस को दो युवकों पर शक हुआ। छानबीन के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी हैं: सुरेंद्र कुमार उर्फ राहुल (उम्र 20 वर्ष), पुत्र दानाराम जाट।दिनेश (पुत्र राकेश कुमार जाट)।दोनों आरोपी स्थानीय निवासी हैं। पुलिस पूछताछ में पता चला कि इन्होंने लोहे के गेट चुराकर उन्हें बेचने की योजना बनाई थी। आरोपियों के ठिकाने से पुलिस ने चोरी गए सभी पांच लोहे के गेट बरामद कर लिए। गेटों को किसानों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।SHO बुद्धिप्रसाद ने बताया कि आरोपियों पर पहले कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है, यानी यह उनका पहला मामला लगता है। फिलहाल दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उन्होंने पहले भी ऐसी वारदातें की हैं या कोई गिरोह शामिल है। अगर कोई और व्यक्ति इस मामले में जुड़ा पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
किसानों में राहत, पुलिस की सराहना इस गिरफ्तारी से इलाके के किसानों में राहत की लहर है। खेतों के गेट चोरी होने से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि खेतों में फसल और मवेशियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है। पुलिस की सीसीटीवी आधारित जांच को किसान सराह रहे हैं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि आधुनिक तकनीक जैसे सीसीटीवी का इस्तेमाल अपराधियों को पकड़ने में कितना प्रभावी हो सकता है।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को इस तरह की संदिग्ध गतिविधियां दिखें, तो तुरंत थाने में सूचना दें। साथ ही, अपने खेतों और घरों के आसपास सीसीटीवी लगवाने की सलाह भी दी गई है।