सऊदी अरब में भयानक सड़क हादसा: उमरा यात्रा पर निकले 42 भारतीय तीर्थयात्रियों की जली हुई मौत, सिर्फ ड्राइवर बचा

सऊदी अरब में मक्का से मदीना जा रही उमरा यात्रियों की बस डीजल टैंकर से टकराई और आग लगने से 42 भारतीयों की मौत हो गई, जिनमें 20 महिलाएं और 11 बच्चे शामिल; सिर्फ ड्राइवर बचा, ज्यादातर हैदराबाद के निवासी।

Nov 17, 2025 - 12:54
सऊदी अरब में भयानक सड़क हादसा: उमरा यात्रा पर निकले 42 भारतीय तीर्थयात्रियों की जली हुई मौत, सिर्फ ड्राइवर बचा

सऊदी अरब के पवित्र शहरों मक्का और मदीना के बीच का सफर आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है, लेकिन सोमवार देर रात यह यात्रा 42 भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए अंतिम साबित हो गई। उमरा पूर्ण करने के बाद मदीना जा रही एक बस डीजल टैंकर से टकरा गई, जिससे लगी आग ने पूरी बस को चपेट में ले लिया। हादसे में मरने वालों में 20 महिलाएं और 11 बच्चे शामिल हैं, जबकि सिर्फ बस ड्राइवर ही जिंदा बच पाया। ज्यादातर पीड़ित हैदराबाद (तेलंगाना) के निवासी बताए जा रहे हैं, जो इस दर्दनाक घटना से पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है।

हादसे का विवरण: आग की लपटों में लिपटी बस हादसा सऊदी अरब के मुहरास (मुफ्रिहात) इलाके में मदीना से लगभग 160 किलोमीटर दूर मक्का-मदीना राजमार्ग पर भारतीय समयानुसार रात 1:30 बजे के करीब हुआ। 43 यात्रियों से भरी बस मक्का से दोपहर 4 बजे मदीना के लिए रवाना हुई थी। यात्रियों ने उमरा के पवित्र अनुष्ठानों को पूरा कर लिया था और अब वे पैगंबर साहब की मस्जिद दर्शन के लिए जा रहे थे। रात के समय ज्यादातर यात्री सो रहे थे, जब अचानक बस का अगला हिस्सा एक तेज रफ्तार डीजल टैंकर से टकरा गया।टक्कर इतनी जोरदार थी कि टैंकर से रिसा डीजल फैल गया और चिंगारी लगते ही पूरे वाहन में भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि यात्रियों को बाहर निकालने का कोई मौका ही नहीं मिला। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बस के परखचे उड़ते हुए और घने काले धुएं का गुबार दिखाई दे रहा है। स्थानीय निवासियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन आग बुझाने और शवों को बाहर निकालने में घंटों लग गए। सऊदी सिविल डिफेंस और स्वास्थ्य मंत्रालय की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक ज्यादातर यात्री आग की चपेट में आ चुके थे।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस का अगला हिस्सा पूरी तरह जलकर राख हो गया, जबकि टैंकर भी क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में घायलों की संख्या स्पष्ट नहीं है, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कुछ यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौत का सटीक आंकड़ा अभी सत्यापित हो रहा है, लेकिन सऊदी मीडिया और भारतीय दूतावास के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार 42 भारतीयों की मौत हो चुकी है।

पीड़ितों की पहचान: ज्यादातर हैदराबाद के परिवार मृतकों में ज्यादातर तेलंगाना के हैदराबाद के निवासी हैं। ये यात्री 9 नवंबर को हैदराबाद से जेद्दा के रास्ते सऊदी अरब पहुंचे थे। ग्रुप में कुल 54 लोग थे, जिनमें से 4 मदीना पहले से कार से चले गए थे और 4 मक्का में ही रुक गए थे। बाकी 46 बस से मदीना जा रहे थे। यात्रा का आयोजन हैदराबाद की दो ट्रैवल एजेंसियों—अल मक्का टूर्स एंड ट्रैवल्स और एक अन्य—ने किया था।हादसे के बाद हैदराबाद में पीड़ितों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ट्रैवल एजेंसी के बाहर सैकड़ों लोग जमा हो गए, जो अपनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं। कुछ परिजनों ने बताया कि उनके परिवार के सभी सदस्य बस में थे। अब तक 12 मृतकों के नाम सामने आ चुके हैं:अब्दुल मोहब्बद ,मोहम्मद मौलाना ,सोहेल मोहम्मद ,मस्तान मोहम्मद ,परवीन बेगम ,जकिया बेगम ,शौकत बेगम ,फरहीन बेगम ,जहीन बेगम ,मोहम्मद मंजूर ,मोहम्मद अली ,गोसिया बेगम। ये नाम सऊदी अधिकारियों और भारतीय दूतावास द्वारा सत्यापित किए जा रहे हैं। शवों की पहचान डीएनए टेस्ट से हो रही है, क्योंकि आग के कारण कई शव जले हुए हैं। बाकी नामों की सूची जल्द जारी होने की उम्मीद है।

सरकारी सहायता: हेल्पलाइन नंबर जारी, शवों का प्रबंधन इस दुखद घटना पर भारत सरकार ने तुरंत संज्ञान लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, "इस हादसे से गहरा सदमा पहुंचा है। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। रियाद में दूतावास और जेद्दा में वाणिज्य दूतावास सभी संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।" विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, "मदीना में भारतीय नागरिकों से जुड़े हादसे से स्तब्ध हूं। हमारे दूतावास पूर्ण सहयोग दे रहे हैं। शोक संतप्त परिवारों को हार्दिक संवेदना।"भारतीय दूतावास रियाद और जेद्दा में 24x7 कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। जेद्दा में हेल्पलाइन नंबर हैं:टोल-फ्री: 8002440003 ,0122614093 ,0126614276 ,व्हाट्सएप: 0556122301

तेलंगाना सरकार ने भी त्वरित कार्रवाई की। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विदेश मंत्रालय और सऊदी दूतावास से समन्वय करें। हैदराबाद में तेलंगाना भवन पर कंट्रोल रूम खोला गया है। हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन से बात की और शवों को जल्द भारत लाने तथा घायलों के इलाज की मांग की।सऊदी हज और उमरा मंत्रालय तथा स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय जारी है। शवों को पोस्टमॉर्टम के बाद भारत भेजने का प्रबंध हो रहा है। ट्रैवल ऑपरेटरों से भी यात्रियों की पूरी सूची मांगी गई है।

प्रतिक्रियाएं: पूरे देश में शोक की लहर

हादसे की खबर फैलते ही हैदराबाद में मस्जिदों में फातिहा पढ़ी गई। भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "सभी प्रभावित भारतीय सुरक्षित लौटें, इसके लिए केंद्र सरकार सतर्क है।" उत्तर प्रदेश के मंत्री डेनिश आजाद अंसारी ने दुख व्यक्त किया और कहा कि विदेश मंत्रालय राहत कार्य कर रहा है। सोशल मीडिया पर #SaudiBusAccident और #IndianPilgrims ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग प्रार्थनाएं कर रहे हैं।यह हादसा उमरा यात्रा की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। सऊदी सड़कों पर भारतीय तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन ऐसे हादसे दर्दनाक याद दिलाते हैं। पीड़ितों की आत्मा को शांति मिले और परिवारों को धैर्य—यही प्रार्थना है।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.