साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत: जांच में जुटी एसआईटी, विधायक प्रतापपुरी बोले- सरकार संतों के प्रति संवेदनशील, न्याय मिलेगा
जोधपुर में 25 वर्षीय प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने सनसनी फैला दी है। मामूली सर्दी-खांसी में लगाए गए इंजेक्शन के बाद हालत बिगड़ी और मौत हो गई। मौत के घंटों बाद उनके इंस्टाग्राम पर सुसाइड नोट जैसा पोस्ट वायरल हुआ। पुलिस ने SIT गठित की, FSL और विसरा रिपोर्ट का इंतजार; जहर, आत्महत्या या साजिश के एंगल से जांच जारी। संत समाज में शोक, न्याय की मांग तेज।
राजस्थान के जोधपुर में प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे इलाके में शोक और चर्चाओं का माहौल बना दिया है। यह घटना 28 जनवरी 2026 को हुई, जब मात्र 25 वर्षीय साध्वी प्रेम बाईसा की जोधपुर स्थित अपने आश्रम में अचानक मौत हो गई। मौत के छठे दिन (लगभग 3 फरवरी 2026 तक) भी इस रहस्य की गुत्थी पूरी तरह सुलझी नहीं है, और पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) हर एंगल से गहन पड़ताल कर रही है।
घटना का विवरण
साध्वी प्रेम बाईसा को मामूली सर्दी-खांसी और हल्के बुखार की शिकायत थी। बताया जाता है कि आश्रम में ही एक इंजेक्शन लगाया गया, जिसके कुछ ही मिनटों बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की सटीक वजह स्पष्ट नहीं हुई है, हालांकि आंतों के लाल होने की बात सामने आई है, जो जहर की संभावना की ओर इशारा करती है। विसरा (अंतड़ियों) की रिपोर्ट और FSL (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की जांच के परिणाम आने के बाद ही मौत के असली कारण का पता चल पाएगा।
एसआईटी टीम ने आश्रम को अपने कब्जे में ले लिया है और वहां फॉरेंसिक टीम ने भी सघन जांच की है। साध्वी के पिता ब्रह्मनाथ सहित कई लोगों से लंबी पूछताछ की गई है। जांच में इंजेक्शन, संभावित जहर, सोशल मीडिया पर मौत के बाद पोस्ट हुए सुसाइड नोट (जो मौत के कुछ घंटे बाद उनके अकाउंट से आया), और अन्य पहलुओं पर फोकस है। कुछ रिपोर्ट्स में वायरल वीडियो और अन्य विवादास्पद मुद्दों का भी जिक्र है, जिससे मामला और जटिल हो गया है।
विधायक प्रतापपुरी का बयान
पोकरण के विधायक महंत प्रतापपुरी ने इस मामले पर मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार इस पूरे प्रकरण को बहुत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया:"जो भी चर्चाएं चल रही हैं, उसके लिए सरकार बहुत गंभीर है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद इसमें रुचि ले रहे हैं और जांच के लिए अच्छे अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं। अधिकारी निष्पक्ष जांच कर रहे हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि सबको न्याय मिलेगा।"विधायक ने साध्वी प्रेम बाईसा को बचपन से जानने का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पिता ही उनके गुरु थे, जिन्होंने उन्हें शिक्षा और संस्कार दिए। वह बाल्यकाल से ही संत मार्ग पर चल रही थीं और पूरे इलाके में कथाओं के माध्यम से धर्म का प्रचार करती थीं। उन्होंने कहा:"यह बहुत दुखद है कि अल्प आयु में ही हमें छोड़ गईं। ऐसी अच्छी साध्वियां बड़ी मुश्किल से आती हैं, जो धर्म का प्रचार करती हैं। संतों के प्रति मुख्यमंत्री बहुत संवेदनशील हैं, इसलिए न्याय अवश्य मिलेगा।"
जांच की स्थिति
जोधपुर पुलिस की एसआईटी टीम आश्रम में डेरा डाले हुए है और संदिग्ध व्यक्तियों से लगातार पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद विसरा रिपोर्ट का इंतजार है, जो मौत के पीछे की वजह स्पष्ट कर सकती है। पुलिस ने कई लोगों को जांच के दायरे में लिया है, और मामले में आत्महत्या, जहर या अन्य किसी साजिश के एंगल से जांच चल रही है।