बारां में मंत्री मदन दिलावर की बड़ी घोषणा: गाय चराओ और पाओ 10,000 रुपए महीना, जानें किसे मिलेगा लाभ।

शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने सोमवार को बारां जिले के कोयला गांव में एक धार्मिक कथा में भाग लिया जहां उन्होंने ग्रामीणों के सामने एक महत्वपूर्ण एलान किया।

Feb 3, 2026 - 17:55
बारां में मंत्री मदन दिलावर की बड़ी घोषणा: गाय चराओ और पाओ 10,000 रुपए महीना, जानें किसे मिलेगा लाभ।

राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने हाल ही में बारां जिले के कोयला गांव में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण अर्थव्यवस्था और गौ-संरक्षण को लेकर एक क्रांतिकारी घोषणा की है। मंत्री दिलावर ने सार्वजनिक मंच से एलान किया कि क्षेत्र के ग्वालों को अब गाय चराने के बदले 10,000 रुपए प्रति माह का वेतन दिया जाएगा। इस घोषणा का मुख्य उद्देश्य गौ-वंश की उचित देखभाल सुनिश्चित करना और उन लोगों को आर्थिक संबल प्रदान करना है जो पारंपरिक रूप से पशुपालन और चराई के कार्य से जुड़े हुए हैं। मंत्री ने इस पहल के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की है कि गौ-सेवा को अब एक सम्मानजनक आय के स्रोत के रूप में देखा जाना चाहिए।

हालांकि, इस योजना के साथ मंत्री ने एक अनिवार्य शर्त भी जोड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह 10,000 रुपए का मासिक वेतन केवल उन्हीं ग्वालों को देय होगा जो गायों को चरागाह भूमि (Pasture land) पर चराएंगे। इस शर्त के पीछे का तर्क चरागाहों के संरक्षण और उनके उचित उपयोग को बढ़ावा देना है, ताकि पशुओं को प्राकृतिक और पौष्टिक आहार मिल सके। मंत्री दिलावर का मानना है कि इस कदम से न केवल लावारिस घूमती गायों की समस्या का समाधान होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

इसी दौरे के दौरान मंत्री दिलावर का मानवीय चेहरा भी सामने आया जब वे बारां के मंडोला गांव स्थित गाड़िया लुहार कॉलोनी पहुंचे। वहां रहने वाले परिवारों ने मंत्री के समक्ष अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि आवास मिलने के बाद अब वहां सफाई व्यवस्था और प्रशासन की अनदेखी जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं। ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए और गाडूलीबाई सहित अन्य लुहार परिवारों को आश्वस्त किया कि उनकी देखभाल और कॉलोनी के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

Web Desk Web Desk The Khatak