राजस्थान पुलिस उप निरीक्षक (दूरसंचार) भर्ती परीक्षा 2024: पहली पारी में 39.68% उपस्थिति, सख्त सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण आयोजन

राजस्थान पुलिस उप निरीक्षक (दूरसंचार) भर्ती परीक्षा 2024 की पहली पारी में 39.68% उपस्थिति रही। 67,757 पंजीकृत उम्मीदवारों में से करीब 26,900 ने भाग लिया। 98 पदों के लिए 5 संभागों में 218 केंद्रों पर सख्त सुरक्षा के साथ परीक्षा संपन्न

Nov 9, 2025 - 16:36
राजस्थान पुलिस उप निरीक्षक (दूरसंचार) भर्ती परीक्षा 2024: पहली पारी में 39.68% उपस्थिति, सख्त सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण आयोजन

अजमेर,राजस्थान:

राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) द्वारा आयोजित उप निरीक्षक (दूरसंचार) भर्ती परीक्षा 2024 का पहला चरण आज सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह परीक्षा राज्य की पुलिस विभाग में तकनीकी पदों पर भर्ती के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। परीक्षा का आयोजन आज, 9 नवंबर 2025 को किया गया, जिसमें पहली पारी की उपस्थिति दर 39.68 प्रतिशत रही। कुल 98 पदों के लिए वैकेंसी निकाली गई थी, जबकि इसके लिए 67 हजार 757 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है। परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत चुस्त-दुरुस्त रही, जिससे कोई बड़ी अनियमितता की खबर नहीं आई।

परीक्षा का समय और प्रारूप;  आरपीएससी ने इस भर्ती परीक्षा को दो पालियों में विभाजित किया था। पहली पारी सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक चली, जबकि दूसरी पारी ठीक 12:00 बजे से प्रारंभ हुई। परीक्षा का उद्देश्य उम्मीदवारों की दूरसंचार क्षेत्र से जुड़ी तकनीकी ज्ञान, सामान्य ज्ञान और तर्कशक्ति की जांच करना है। प्रत्येक पारी की अवधि दो घंटे निर्धारित की गई थी।विशेष रूप से, परीक्षा केंद्रों पर चेकिंग प्रक्रिया को अत्यंत सख्त रखा गया। सभी उम्मीदवारों को प्रवेश से ठीक एक घंटे पहले, यानी सुबह 9:00 बजे से चेकिंग के बाद ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश की अनुमति दी गई। इस प्रक्रिया में आधार कार्ड, एडमिट कार्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की सघन जांच की गई, ताकि किसी भी प्रकार की नकल या अनधिकृत प्रवेश को रोका जा सके।

उपस्थिति और उम्मीदवारों की संख्या;  पहली पारी में कुल पंजीकृत 67,757 उम्मीदवारों में से लगभग 39.68 प्रतिशत, यानी करीब 26,900 उम्मीदवारों ने भाग लिया। यह आंकड़ा परीक्षा की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर जारी किया गया है। बाकी उम्मीदवारों की अनुपस्थिति के कारणों में व्यक्तिगत कारण, यात्रा संबंधी समस्याएं या अन्य प्रतिबद्धताएं शामिल हो सकती हैं। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि दूसरी पारी में भी इसी तरह की सतर्कता बरती जा रही है।यह भर्ती परीक्षा राज्य पुलिस विभाग में 98 पदों—जिनमें मुख्य रूप से उप निरीक्षक (दूरसंचार) के पद शामिल हैं—के लिए आयोजित की गई है। इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों को वायरलेस संचार, नेटवर्किंग और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। पंजीकरण प्रक्रिया में राज्य भर से बड़ी संख्या में युवाओं ने रुचि दिखाई, जो राजस्थान में तकनीकी शिक्षा के प्रति बढ़ते रुझान को दर्शाता है।

परीक्षा केंद्रों का विस्तार;  परीक्षा का आयोजन राजस्थान के पांच संभागीय मुख्यालयों—अजमेर, उदयपुर, जयपुर, जोधपुर और बीकानेर—में किया गया। इन संभागों में कुल 218 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए, जिनमें 152 सरकारी भवन और 66 निजी संस्थानों के भवन शामिल हैं। यह विस्तार राज्य के विभिन्न जिलों में फैले उम्मीदवारों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया था।जयपुर संभाग में सबसे अधिक केंद्र स्थापित किए गए, जहां करीब 30 प्रतिशत उम्मीदवारों का पंजीकरण था। इसी तरह, जोधपुर और बीकानेर जैसे दूरस्थ संभागों में भी पर्याप्त सुविधाएं सुनिश्चित की गईं। प्रत्येक केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे, जेबल सिग्नल जामर और अन्य आधुनिक उपकरण लगाए गए थे, ताकि नकल की किसी भी कोशिश को तत्काल पकड़ा जा सके।

सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम;  परीक्षा के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया। राज्य पुलिस, स्थानीय प्रशासन और आरपीएससी की संयुक्त टीमों ने केंद्रों के आसपास पुख्ता बंदोबस्त किया। प्रत्येक केंद्र पर कम से कम 10-15 सुरक्षाकर्मी तैनात थे, जबकि संवेदनशील केंद्रों पर यह संख्या दोगुनी कर दी गई। इसके अलावा, ड्रोन निगरानी और क्विक रिस्पॉन्स टीमों की तैनाती भी की गई।आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है। पहली पारी में किसी प्रकार की बड़ी घटना की सूचना नहीं मिली है। हम उम्मीद करते हैं कि दूसरी पारी भी बिना किसी बाधा के संपन्न हो।" परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावकों और अन्य लोगों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था, जिससे केंद्रों का वातावरण परीक्षा के अनुकूल रहा।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.