भाटी vs रावणा: ‘धमकी’ के आरोपों से गरमाई मारवाड़ की सियासत, गायक ने जताई सुरक्षा की चिंता
बाड़मेर-जैसलमेर क्षेत्र में भजन गायक छोटू सिंह रावणा और शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के बीच विवाद ने तूल पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर एक बच्चे के वीडियो से शुरू हुआ मामला तब बढ़ गया जब रावणा ने कमेंट किया। इसके बाद रावणा ने आरोप लगाया कि भाटी ने फोन पर उन्हें धमकाया और कड़ा रुख अपनाने की चेतावनी दी। गायक ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है, जबकि विधायक की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
मारवाड़ की सरजमीं से एक ऐसा विवाद सामने आया है, जिसने राजनीति और सामाजिक जगत दोनों में हलचल मचा दी है। बाड़मेर-जैसलमेर क्षेत्र में चर्चित भजन गायक छोटू सिंह रावणा और शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के बीच शुरू हुआ विवाद अब गंभीर आरोप-प्रत्यारोप की जंग में बदल चुका है।
दरअसल, इस पूरे विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो से हुई। वीडियो में एक बच्चा कथित तौर पर पत्थर के “फोन” से विधायक रविंद्र सिंह भाटी को कॉल करता नजर आता है। यह वीडियो भाटी तक पहुंचा, जिसके बाद उन्होंने बच्चे से बातचीत भी की।लेकिन इसी बीच एक कैंसर पीड़ित बच्चे का मामला सामने आया, जिसने कई दिनों तक विधायक से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। इस बच्चे ने अपनी बात सोशल मीडिया के जरिए सामने रखी।
यहीं से विवाद ने नया मोड़ लिया। भजन गायक छोटू सिंह रावणा ने उस बच्चे के वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा “बेटा आप रील स्टार होते तो सारे नेता आपके पास होते”यह टिप्पणी तेजी से वायरल हुई और मामला सीधे विधायक तक पहुंच गया।
गायक का आरोप: फोन पर दी गई ‘कड़ी चेतावनी’
कुछ समय बाद छोटू सिंह रावणा ने एक वीडियो जारी कर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने उन्हें फोन कर कड़े लहजे में बात की और अप्रत्यक्ष रूप से धमकाया।रावणा के मुताबिक, बातचीत के दौरान उन्हें कहा गया“पहले तो तुम्हें नजरअंदाज किया, लेकिन अब कड़ा रुख अपनाया जाएगा।”गायक का आरोप है कि यह केवल चेतावनी नहीं, बल्कि उन्हें डराने और दबाव बनाने की कोशिश थी। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिर की और पूरे मामले को सार्वजनिक कर दिया।
राजनीति या निजी रंजिश?
इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह केवल सोशल मीडिया पर हुई टिप्पणी का परिणाम है? या फिर इसके पीछे कोई राजनीतिक या व्यक्तिगत रंजिश छिपी है? मारवाड़ की राजनीति में रविंद्र सिंह भाटी अपनी बेबाक शैली के लिए जाने जाते हैं, वहीं छोटू सिंह रावणा का क्षेत्र में बड़ा जनाधार और लोकप्रियता है। ऐसे में यह विवाद केवल दो व्यक्तियों तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि यह साख और प्रभाव की लड़ाई बनता नजर आ रहा है।
भाटी की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस पूरे मामले पर विधायक रविंद्र सिंह भाटी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन जैसे-जैसे यह विवाद तूल पकड़ रहा है, पूरे राजस्थान की नजर अब उनकी सफाई पर टिकी हुई है।
साख की जंग बनी ‘सुरों की लड़ाई’
एक तरफ लोकप्रिय भजन गायक, दूसरी तरफ चर्चित युवा विधायक—दोनों के बीच का यह टकराव अब केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा। यह विवाद मारवाड़ में सामाजिक प्रभाव, राजनीतिक ताकत और सार्वजनिक छवि की सीधी टक्कर बन चुका है।