कर्ज से परेशान रतलाम के प्रॉपर्टी व्यापारी ने बांसवाड़ा में माही नदी में कूदकर आत्महत्या की कोशिश की, पुलिस ने बचाया

मध्य प्रदेश के रतलाम के प्रॉपर्टी व्यापारी संतोष (45) प्रॉपर्टी बिजनेस में भारी नुकसान और कर्ज के बोझ से परेशान होकर राजस्थान के बांसवाड़ा में माही नदी के गेमन पुल पर नदी में कूद गए। कूदने से पहले उन्होंने अपने बेटे को 7 मिनट का भावुक वीडियो भेजा, जिसमें परिवार का ध्यान रखने और कुछ संपत्ति संबंधी सलाह दी। बेटे की सूचना पर रतलाम और बांसवाड़ा पुलिस की त्वरित कार्रवाई से घने कोहरे में सर्च ऑपरेशन कर उन्हें बेसुध हालत में बचाया गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

Jan 7, 2026 - 15:56
कर्ज से परेशान रतलाम के प्रॉपर्टी व्यापारी ने बांसवाड़ा में माही नदी में कूदकर आत्महत्या की कोशिश की, पुलिस ने बचाया

मध्य प्रदेश के रतलाम शहर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां प्रॉपर्टी बिजनेस में भारी नुकसान और कर्ज के बोझ से त्रस्त एक व्यापारी ने राजस्थान की माही नदी में कूदकर आत्महत्या की कोशिश की। घटना मंगलवार रात की है, जब व्यापारी संतोष (45) पुत्र मोहनलाल तेली ने अपने 20 वर्षीय बेटे को एक भावुक वीडियो संदेश भेजा और फिर नदी में कूद गए। सौभाग्य से, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से उन्हें बचा लिया गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। यह मामला बांसवाड़ा जिले के आंबापुरा थाना क्षेत्र में माही नदी के गेमन पुल पर हुआ।

घटना का पूरा विवरण

संतोष रतलाम के मानक चौक इलाके के निवासी हैं और प्रॉपर्टी कारोबार में लंबे समय से सक्रिय थे। हाल के वर्षों में उनके बिजनेस में भारी घाटा हुआ, जिससे कर्ज का बोझ बढ़ता गया। इससे परेशान होकर उन्होंने आत्मघाती कदम उठाने का फैसला किया। मंगलवार रात करीब 11 बजे, संतोष रतलाम से बांसवाड़ा पहुंचे और माही नदी के गेमन पुल पर पहुंचकर नदी में कूद गए। कूदने से पहले उन्होंने अपने बेटे को एक 7 मिनट का वीडियो बनाकर भेजा, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूरी, परिवार के प्रति चिंता और आर्थिक संकट का जिक्र किया।

वीडियो देखते ही बेटे ने तुरंत रतलाम पुलिस को सूचित किया। रतलाम पुलिस ने तत्काल राजस्थान पुलिस से संपर्क किया और लोकेशन साझा की। बांसवाड़ा पुलिस की टीम ने घने कोहरे और सर्द रात के बीच एक घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया। पुल पर संतोष का मोबाइल फोन और जूते पड़े मिले, जो घटना की गंभीरता को दर्शाते थे। पुलिस ने दो रेस्क्यू बोट्स की मदद से नदी में खोजबीन की। पुल से करीब 800 मीटर दूर संतोष बेसुध हालत में पानी में तैरते नजर आए, उनका मुंह पानी से बाहर था। उन्हें तुरंत बाहर निकाला गया और बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल (MGH) में भर्ती कराया गया। रात करीब 12 बजे उन्हें वार्ड में शिफ्ट किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत स्थिर है, लेकिन मानसिक तनाव के कारण इलाज जारी है।

वीडियो संदेश: पिता की मजबूरी और परिवार को अंतिम सलाह

संतोष ने अपने बेटे को भेजे वीडियो में अपनी पीड़ा को खुलकर बयां किया। वीडियो की शुरुआत में उन्होंने कहा, "बेटा, मैं बहुत दूर चला जाऊंगा। प्रॉपर्टी में बहुत लॉस हो गया है। अपनी मम्मी का ध्यान रखना। अब एडजस्टमेंट नहीं हो पा रहा है। रोज 1-2 हजार के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। मकान बेचकर मम्मी के गहने छुड़वा लेना बेटा। अब मेरे को ढूंढना मत। मेरे कर्म खराब थे, इसलिए मजबूरी में जाना पड़ रहा है। मेरी इच्छा नहीं थी जाने की।"वीडियो में संतोष ने आगे कहा, "बेटा, मैं बहुत दूर जा चुका हूं। बेटा, मुझ पर बहुत कर्ज हो गया है और अब उस कर्ज की दुनिया छोड़नी पड़ेगी। मम्मी का ध्यान रखना, दीदी का ध्यान रखना। बेटा, मैं बहुत परेशान हूं। बहुत ज्यादा टूट चुका हूं। मैं रोज मेहनत करता हूं। रोज करीब 2000 रुपए कमाने की कोशिश करता हूं, लेकिन प्रॉपर्टी में बहुत नुकसान हो गया है। बेटा, बस उसकी रजिस्ट्री करवा देना। शर्मा जी के पास जाकर रजिस्ट्री का काम करवा लेना। पैसे किसी को मत देना।"

उन्होंने परिवार को आर्थिक सलाह देते हुए कहा, "मुकेश और लोकेश भैया से बात कर लेना, वो रजिस्ट्री करवा देंगे। शर्मा जी के यहां कागजात तैयार हैं। समय मिले तो रजिस्ट्री करवा लेना। ज्वेलर के पास कुछ रुपए रखे हुए हैं। मुकेश सोनी उसे जानता है, उसने पहले भी वहां पैसे रखवाए थे। उससे बोलना कि वह वहां से पैसे छुड़वा ले। इसके अलावा सोनू के पास भी मेरे गहने हैं। पालीवाल मार्केट में एसके बुलियन नाम की छोटी सी दुकान है। वहां करीब साढ़े तीन लाख रुपए के गहने रखे हैं, उन्हें भी छुड़वा लेना।"

वीडियो के अंत में संतोष ने अपनी थकान जाहिर की: "बेटा, मैं बहुत थक गया हूं, पूरी तरह टूट चुका हूं। सुबह-शाम यही सोचता रहता हूं कि पैसे कहां से आएंगे। अब और सहन नहीं हो पा रहा। मैं यह वीडियो बांसवाड़ा बस स्टैंड पर बनाकर जा रहा हूं। गाड़ी की चाबी एक्टिवा में ही छोड़ दी है। मम्मी को संभाल लेना, जीजी को भी संभाल लेना। मुझे माफ कर देना। किसी की कोई गलती नहीं है। मैं अपनी मर्जी से जा रहा हूं। अगर पुलिस पूछे तो कहना कि मैंने अपनी मर्जी से यह फैसला लिया है। किसी को परेशान करने का इरादा नहीं है। मैंने कोई लोन नहीं लिया है, इसलिए किसी से कुछ कहना नहीं है। सब मुझे माफ कर देना।"यह वीडियो न केवल संतोष की मानसिक स्थिति को दर्शाता है, बल्कि छोटे व्यापारियों पर आर्थिक दबाव की हकीकत को भी उजागर करता है।

पुलिस की भूमिका और सर्च ऑपरेशन

आंबापुरा थाने के SHO रमेश मीणा ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया, "मंगलवार देर रात रतलाम थाना पुलिस से सूचना मिली थी कि रतलाम के मानक चौक निवासी संतोष (45) पुत्र मोहनलाल तेली प्रॉपर्टी कारोबारी हैं। सुसाइड अटेम्प्ट की बात कहने का एक वीडियो उनके बेटे के पास आया है। कृपया सर्च करें। रतलाम पुलिस ने माही नदी के गेमन पुलिया के पास की लोकेशन बताई थी।"

SHO ने आगे कहा, "इसके बाद तुरंत गेमन पुलिया पर पहुंचे। वहां संतोष का मोबाइल और जूते पड़े मिले। दो रेस्क्यू बोट पानी में उतारी गई। पुलिया के आसपास लाइट नहीं थी। सर्दी के कारण कोहरा भी था। ऐसे में रेस्क्यू टीम ने टॉर्च के जरिए सर्च ऑपरेशन चलाया। नदी का चप्पा-चप्पा छाना। इस दौरान पुलिया से लगभग 800 मीटर की दूरी पर संतोष बेसुध हालत में पानी में नजर आ गए। उनका मुंह पानी से बाहर था।"पुलिस की मुस्तैदी से संतोष की जान बच गई। SHO ने बताया कि मामले की जांच जारी है और परिवार से पूछताछ की जा रही है। रतलाम पुलिस भी इस मामले में सहयोग कर रही है।

बैकग्राउंड और सामाजिक संदेश

संतोष का परिवार रतलाम में रहता है, जहां उनका प्रॉपर्टी बिजनेस था। हाल के समय में रियल एस्टेट मार्केट में उतार-चढ़ाव और महामारी के प्रभाव से कई छोटे व्यापारियों को नुकसान हुआ है। संतोष का मामला इसी का एक उदाहरण है, जहां कर्ज और दैनिक कमाई की जद्दोजहद ने उन्हें टूटने पर मजबूर कर दिया।यह घटना आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों के लिए एक चेतावनी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में परिवार और दोस्तों से बातचीत, काउंसलिंग और सरकारी सहायता योजनाओं का सहारा लेना चाहिए। यदि कोई मानसिक तनाव में है, तो हेल्पलाइन नंबरों जैसे 9152987821 (मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन) पर संपर्क करें।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.