डमी कैंडिडेट्स पर अब AI की ‘नजर’? राजस्थान में SOG का नया सिस्टम चेहरा देखते ही खोल देगा पूरा राज
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में नकल और डमी कैंडिडेट रोकने के लिए SOG ने AI आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम तैयार किया है। यह तकनीक अभ्यर्थियों का पूरा रिकॉर्ड तुरंत सामने लाने में सक्षम है।
राजस्थान में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में होने वाली धांधली और डमी कैंडिडेट के खेल पर रोक लगाने के लिए स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने एक नई और आधुनिक तकनीक विकसित की है। इस AI आधारित सिस्टम के आने से अब फर्जी अभ्यर्थियों के बचने के रास्ते लगभग बंद माने जा रहे हैं।
क्या है नया AI सिस्टम?
SOG द्वारा तैयार किया गया यह “फेस सर्च सॉफ्टवेयर” आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पर आधारित है। इसे सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (DoIT) के सहयोग से विकसित किया गया है। इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसी भी अभ्यर्थी की फोटो डालते ही उसका पूरा रिकॉर्ड स्क्रीन पर आ जाएगा, जिसमें नाम, पता और अब तक दी गई परीक्षाओं का इतिहास शामिल होगा।
कैसे पकड़े जाएंगे डमी कैंडिडेट?
पहले कई बार ऐसा देखा गया था कि असली अभ्यर्थी की जगह डमी कैंडिडेट परीक्षा में बैठ जाते थे। यह सिस्टम जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती था। लेकिन अब अगर कोई व्यक्ति अलग-अलग नाम या पहचान से परीक्षा देता है, तो AI तकनीक चेहरे के मिलान से उसे तुरंत पहचान लेगी और अलर्ट जारी कर देगी।
50 लाख अभ्यर्थियों का डेटा शामिल
इस सिस्टम में फिलहाल लगभग 50 लाख उम्मीदवारों का डेटा फीड किया जा चुका है। इसके अलावा नए रजिस्ट्रेशन करने वाले अभ्यर्थियों का डेटा भी लगातार इसमें जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य हर भर्ती परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकल मुक्त बनाना है।
आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आएगा
इस तकनीक की एक और खास बात यह है कि यदि किसी उम्मीदवार का आपराधिक रिकॉर्ड है या वह पहले किसी मामले में गिरफ्तार हो चुका है, तो वह जानकारी भी तुरंत सामने आ जाएगी। इससे न सिर्फ परीक्षा में गड़बड़ी रोकने में मदद मिलेगी, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।
पहले भी पकड़े गए हैं डमी कैंडिडेट
SOG के अनुसार, इस तकनीक के इस्तेमाल से अब तक कई डमी कैंडिडेट पकड़े जा चुके हैं। आने वाली सभी भर्ती परीक्षाओं में इसी सिस्टम को लागू करने की तैयारी है।