केंद्रीय मंत्री ने क्यों छोड़ा काफिला, ई-रिक्शा में सफर कर बढ़ाई हलचल... PM मोदी की अपील का असर फिर?
बीकानेर में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सरकारी काफिला छोड़कर ई-रिक्शा से सफर किया। पीएम मोदी की अपील के बाद उनका यह कदम चर्चा में है और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
बीकानेर में गुरुवार को एक अलग ही नजारा देखने को मिला जब केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सरकारी गाड़ियों के काफिले को छोड़कर ई-रिक्शा से सफर किया। उनका यह कदम न सिर्फ चर्चा में है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।
स्टेशन पर बदला पूरा प्रोटोकॉल
जानकारी के अनुसार, मंत्री मेघवाल जब बीकानेर रेलवे स्टेशन पहुंचे, तो वहां पर सामान्य वीआईपी प्रोटोकॉल और लग्जरी गाड़ियों की व्यवस्था थी। लेकिन उन्होंने सभी सुविधाओं को दरकिनार करते हुए ई-रिक्शा का विकल्प चुना। इसके बाद वे स्टेशन से सीधे अपने निवास तक ई-रिक्शा से पहुंचे।
पीएम मोदी की अपील से जोड़ा जा रहा कदम
मंत्री के इस फैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की बात कही थी। मेघवाल पहले भी साइकिल से संसद पहुंचकर सुर्खियां बटोर चुके हैं, जिसे खुद प्रधानमंत्री ने भी सराहा था।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें
ई-रिक्शा में सफर करते मंत्री की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई लोग इसे “सादगी और संदेश” का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे एक राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देख रहे हैं।
विकास कार्यों में भी व्यस्त रहा दौरा
बीकानेर दौरे के दौरान मंत्री मेघवाल कई विकास कार्यों में भी शामिल हुए। उन्होंने स्कूलों में डिजिटल कक्षाओं का उद्घाटन किया और अस्पताल में नई चिकित्सा सुविधा का लोकार्पण भी किया। इसके अलावा उन्होंने सांसद निधि से जुड़े कई विकास कार्यों की भी शुरुआत की।
सादगी या संदेश?
मंत्री का यह कदम एक बार फिर सादगी और पर्यावरण संरक्षण की बहस को आगे ले आया है। समर्थक इसे प्रेरणादायक बता रहे हैं, जबकि राजनीतिक हलकों में इसे एक संदेशात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल, यह घटना बीकानेर में चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है।