NEET-2026 पेपर लीक का मास्टर प्लान किसने रचा? चार आरोपी दिल्ली पहुंचते ही खुलने लगे बड़े राज… ‘ क्या बड़े लोगों को बचाया जा रहा है’

NEET-2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों को CBI दिल्ली ले गई है, जहां उनसे आमने-सामने पूछताछ होगी। इस बीच ‘बड़े लोगों को बचाया जा रहा है’ वाले बयान ने केस को और गंभीर बना दिया है।

May 14, 2026 - 14:41
NEET-2026 पेपर लीक का मास्टर प्लान किसने रचा? चार आरोपी दिल्ली पहुंचते ही खुलने लगे बड़े राज… ‘ क्या बड़े लोगों को बचाया जा रहा है’

NEET-2026 पेपर लीक मामले ने अब एक बड़ा मोड़ ले लिया है। राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार चार आरोपियों को CBI टीम दिल्ली लेकर पहुंच गई है, जहां अब उनसे मुख्यालय में आमने-सामने बैठाकर गहन पूछताछ की जाएगी। इस पूछताछ में पूरे नेटवर्क, पैसे के लेन-देन और कोचिंग संस्थानों की भूमिका पर सवाल खड़े होने की संभावना है। इन चार आरोपियों में जयपुर से पकड़े गए दो भाई दिनेश और मांगीलाल, मांगीलाल का बेटा विकास और हरियाणा का यश यादव शामिल हैं। सभी को बुधवार रात एसीजेएम-4 कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर CBI को सौंप दिया गया।

‘बड़े लोगों को बचाया जा रहा है’ बयान से बढ़ा विवाद

कोर्ट से बाहर निकलते समय मांगीलाल ने मीडिया से कहा कि इस मामले में “बड़े लोगों को बचाया जा रहा है।” इस बयान ने जांच एजेंसियों के साथ-साथ राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में भी हलचल बढ़ा दी है। अब CBI इस बयान की भी जांच के एंगल से पड़ताल कर सकती है।

मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त

SOG की शुरुआती जांच में कई संदिग्धों के मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए थे, जिन्हें अब CBI अपने साथ दिल्ली ले गई है। इसके अलावा करीब 150 अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से पूछताछ के आधार पर भी महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। सूत्रों के अनुसार जांच में यह भी सामने आया है कि परीक्षा से 15 दिन से एक महीने पहले तक लगभग 150 पन्नों का “गेस पेपर” छात्रों में सर्कुलेट किया गया था, जिसमें से कई प्रश्न असली पेपर से मेल खाते पाए गए।

कोचिंग संस्थानों की भूमिका भी रडार पर

अब जांच का दायरा सिर्फ आरोपियों तक सीमित नहीं है। कई बड़े कोचिंग संस्थान भी CBI के रडार पर आ सकते हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे नेटवर्क में किन लोगों ने आर्थिक मदद की और किस स्तर पर पेपर लीक को सपोर्ट मिला।

10 राज्यों तक फैला नेटवर्क

सूत्रों के मुताबिक यह पूरा रैकेट सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के कम से कम 10 राज्यों तक फैला हुआ था। करीब 900 से अधिक युवा इस नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है, जिनमें से 60 अकेले राजस्थान से हैं।

नासिक प्रिंटिंग प्रेस से जुड़ा कनेक्शन

जांच में यह भी सामने आया है कि पेपर लीक का मास्टरमाइंड नासिक की एक प्रिंटिंग प्रेस से जुड़ा हो सकता है। दावा है कि वहीं से पेपर लीक कर उसे “गेस पेपर” के नाम पर बेचा गया, ताकि जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके।

अब CBI की नजर इन सवालों पर

CBI अब इन अहम बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है—

  • देशभर में इस नेटवर्क से कौन-कौन जुड़ा है?
  • पेपर के बदले कितनी रकम ली गई?
  • कोचिंग संस्थानों की क्या भूमिका रही?
  • “गेस पेपर” किसने तैयार किया और कैसे सर्कुलेट हुआ?
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