राजस्थान में सड़क सुरक्षा अभियान: 11 से 25 दिसंबर तक प्रदेशव्यापी जागरूकता और नियमों का सख्त पालन
राजस्थान में 11 से 25 दिसंबर तक सड़क सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है। जयपुर के अमर जवान ज्योति पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसका शुभारंभ किया। पोस्टर विमोचन, रिफ्लेक्टिव स्टीकर लगवाने, शपथ दिलाने और जागृति रथ रवाना करने जैसे कार्यक्रम हुए। अभियान में यातायात नियमों का पालन, दुर्घटना में मदद और सुरक्षित ड्राइविंग पर जोर दिया जा रहा है।
जयपुर। राजस्थान में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 11 दिसंबर से 25 दिसंबर तक एक विशेष सड़क सुरक्षा अभियान शुरू किया है। इस अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ शनिवार को जयपुर के प्रतिष्ठित अमर जवान ज्योति स्थल पर हुआ, जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वयं उपस्थित होकर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की।
कार्यक्रम का शुभारंभ और मुख्य गतिविधियां कार्यक्रम की शुरुआत रंग-बिरंगे गुब्बारों को आकाश में उड़ाकर की गई, जो सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता का प्रतीक था। मुख्यमंत्री ने सड़क यातायात नियमों के पालन पर आधारित अभियान के आकर्षक पोस्टर का विमोचन किया। इसके बाद वाहनों पर रिफ्लेक्टिव स्टीकर लगाए गए, जिनका मुख्य उद्देश्य रात के समय वाहनों की दृश्यता बढ़ाना है ताकि दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आए।मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मौके पर उपस्थित सैकड़ों लोगों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई। उन्होंने यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया। विशेष रूप से दिव्यांगजनों से अपील की कि वे तिपहिया वाहनों (स्कूटर) पर भी हेलमेट पहनकर चलें, क्योंकि सुरक्षा सभी के लिए जरूरी है।इसके अलावा, सड़क सुरक्षा जन जागृति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह रथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में घूमकर लोगों को यातायात नियमों, सुरक्षित ड्राइविंग और दुर्घटना में घायलों की मदद करने के बारे में जागरूक करेगा। कार्यक्रम में सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की त्वरित मदद करने वाले नागरिकों को सम्मानित भी किया गया, जो अभियान के 'गुड समारिटन' पहलू को रेखांकित करता है।
अभियान की अवधि और उद्देश्य परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि अभियान 11 दिसंबर से शुरू होकर 25 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान पूरे प्रदेश में लोगों को निम्नलिखित बिंदुओं पर जागरूक किया जाएगा:सभी यातायात नियमों का अनिवार्य पालन (जैसे हेलमेट, सीट बेल्ट, स्पीड लिमिट)। ओवरलोडिंग, शराब पीकर ड्राइविंग और लापरवाही से बचाव। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की तुरंत मदद करना। सुरक्षित ड्राइविंग की आदतें अपनाना, विशेषकर रात के समय और हाईवे पर।अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जयपुर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ-साथ राजस्थान के सभी जिलों में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इससे अधिकतम लोगों तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचेगा।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति समारोह में उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, जयपुर शहर की सांसद मंजू शर्मा, परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
पृष्ठभूमि: क्यों जरूरी है यह अभियान? राजस्थान में सड़क दुर्घटनाएं एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। हाल के वर्षों में ब्लैक स्पॉट्स, ओवरस्पीडिंग और नियमों की अवहेलना के कारण कई जानलेवा हादसे हुए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है, और यह अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अभियान के माध्यम से न केवल जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।