राजस्थान में बजरी माफिया से पुलिस की मिलीभगत पर बड़ा एक्शन: 5 SHO सस्पेंड, 6 लाइन हाजिर, 15 पुलिसकर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई

राजस्थान पुलिस मुख्यालय की विजिलेंस ब्रांच ने अवैध बजरी खनन और परिवहन में लापरवाही एवं माफिया से मिलीभगत के आरोप में बड़ा एक्शन लिया है। 18-19 दिसंबर को चलाए गए डिकॉय ऑपरेशन में दोषी पाए जाने पर 5 SHO को सस्पेंड किया गया, 6 को लाइन हाजिर किया गया और 15 पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए गए। यह अवैध खनन के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई बताई जा रही है।

Dec 23, 2025 - 15:56
राजस्थान में बजरी माफिया से पुलिस की मिलीभगत पर बड़ा एक्शन: 5 SHO सस्पेंड, 6 लाइन हाजिर, 15 पुलिसकर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई

जयपुर। राजस्थान में अवैध बजरी खनन और परिवहन को रोकने के लिए पुलिस मुख्यालय ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की है। बजरी माफिया से कथित मिलीभगत और ड्यूटी में गंभीर लापरवाही के आरोप में 5 थाना प्रभारियों (SHO) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि 6 अन्य SHO को लाइन हाजिर किया गया है। इसके अलावा, 11 थानों के 15 पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय की विजिलेंस ब्रांच (सतर्कता शाखा) द्वारा 18 और 19 दिसंबर को चलाए गए विशेष डिकॉय ऑपरेशन के आधार पर की गई है।

डिकॉय ऑपरेशन में क्या हुआ सामने? एडीजी (विजिलेंस) एस. सेंगाथिर के नेतृत्व में पुलिस मुख्यालय ने 11 विशेष टीमों का गठन किया था। इन टीमों ने 18-19 दिसंबर को राज्य के विभिन्न जिलों में गुप्त तरीके से डिकॉय ऑपरेशन चलाया। टीम के सदस्य सादे कपड़ों में आम नागरिक बनकर थानों की कार्यप्रणाली, नाकाबंदी, गश्त और ड्यूटी व्यवस्था का जायजा ले रहे थे। इस दौरान कई थानों में अवैध बजरी से लदे वाहनों के परिवहन को पूरी तरह नजरअंदाज करने के सबूत मिले। कुछ जगहों पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी लापरवाही बरतते पाए गए, जबकि बजरी माफिया बेरोकटोक अपनी गतिविधियां चला रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी बजरी माफिया की मदद कर रहे थे या कम से कम उनकी गतिविधियों पर आंखें मूंदे हुए थे। एडीजी सेंगाथिर ने कहा, "यह अवैध खनन के खिलाफ पुलिस मुख्यालय की अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई है। हमने साफ संदेश दिया है कि बजरी माफिया के मददगारों के लिए राजस्थान पुलिस में कोई जगह नहीं है। किसी भी स्तर पर मिलीभगत या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"

किन थानों के SHO पर गिरी गाज? 21 दिसंबर को पुलिस मुख्यालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित SHO को सस्पेंड किया:जयपुर (साउथ) के शिवदासपुरा थाना,टोंक के पीपलू थाना,टोंक के बरौनी थाना,अजमेर के पीसांगन थाना,धौलपुर के कोतवाली थाना।इसके अलावा, इन SHO को लाइन हाजिर किया गया और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए:भीलवाड़ा के गुलाबपुरा थाना,कोटा के कुन्हाड़ी थाना,कोटा के नांता थाना,दौसा के लालसोट थाना,चित्तौड़गढ़ के गंगरार थाना,जोधपुर (वेस्ट) के लूणी थाना।

अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई डिकॉय ऑपरेशन में दोषी पाए गए 11 थानों के कुल 15 पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। इनके लिए जयपुर, कोटा, भरतपुर और अजमेर रेंज के आईजी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। संबंधित जिलों के एसपी को सख्त हिदायत दी गई है कि वे दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें।

बजरी माफिया पर लगातार सख्ती का संदेश यह कार्रवाई राजस्थान में अवैध बजरी खनन की बढ़ती समस्या को देखते हुए की गई है। बजरी माफिया नदियों और खदानों से अवैध रूप से बजरी निकालकर ऊंचे दामों पर बेचते हैं, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता है और सरकारी राजस्व की हानि होती है। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन, परिवहन और भंडारण में किसी भी पुलिसकर्मी की संलिप्तता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।इससे पहले नवंबर महीने में भी विजिलेंस ब्रांच ने थानों की कार्यशैली पर डिकॉय ऑपरेशन चलाया था, जिसमें जीरो FIR न दर्ज करने, शिकायतकर्ताओं से दुर्व्यवहार और महिला डेस्क पर संवेदनहीनता जैसे मुद्दों पर फोकस था। अब बजरी माफिया पर यह कार्रवाई पुलिस विभाग की आंतरिक सुधार और जवाबदेही की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.