“निकाय चुनाव पर बड़ा ‘ट्विस्ट’! क्या फिर टलेंगे इलेक्शन? मंत्री के बयान ने बढ़ाई हलचल—जानिए पूरा मामला”

राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर स्थिति अभी भी साफ नहीं… मंत्री के नए बयान ने संकेत दिए हैं कि चुनाव में देरी हो सकती है। आखिर कब होंगे चुनाव और क्या है अड़चन?

Apr 10, 2026 - 22:08
“निकाय चुनाव पर बड़ा ‘ट्विस्ट’! क्या फिर टलेंगे इलेक्शन? मंत्री के बयान ने बढ़ाई हलचल—जानिए पूरा मामला”

राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति के बीच अब सरकार की ओर से बड़ा बयान सामने आया है। इससे चुनाव की तारीखों को लेकर एक बार फिर सस्पेंस गहरा गया है।

मंत्री का साफ संदेश

राज्य के नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने स्पष्ट किया है कि ओबीसी आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निकाय चुनाव कराए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि जब तक अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की सटीक जनसंख्या के आंकड़े उपलब्ध नहीं होते, तब तक चुनाव संभव नहीं हैं।

हाईकोर्ट में अटका मामला

यह पूरा मुद्दा फिलहाल राजस्थान उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

मंत्री ने कहा कि:

कोर्ट के फैसले का पूरा सम्मान किया जाएगा

उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई तय होगी

क्यों जरूरी हैं सही आंकड़े?

मंत्री खर्रा ने बताया कि:

आरक्षण देने के लिए सटीक जनसंख्या डेटा जरूरी है

बिना उचित प्रक्रिया के आरक्षण देना कानूनी रूप से संभव नहीं

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि: पिछड़ा वर्ग आयोग की त्रिस्तरीय जांच के बाद ही आरक्षण लागू किया जा सकता है

विपक्ष को दिया जवाब

मंत्री ने इस मुद्दे पर विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा:

अगर विपक्ष बिना OBC आरक्षण के चुनाव चाहता है

तो उसे लिखित में अपनी मांग देनी होगी

सरकार की प्राथमिकता फिलहाल आरक्षण के साथ चुनाव करवाने की है।

क्या फिर टल सकते हैं चुनाव?

मौजूदा हालात को देखते हुए:

चुनाव की तारीखें अभी तय नहीं हैं

आरक्षण प्रक्रिया और कोर्ट के फैसले पर सब कुछ निर्भर है

इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि निकाय चुनाव में और देरी संभव है।

भीलवाड़ा दौरे पर मंत्री

भीलवाड़ा दौरे के दौरान मंत्री खर्रा शिव महापुराण कथा में भी शामिल हुए, जहां उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

Kashish Sain Bringing truth from the ground