राजस्थान: शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की सादगी ने जीता दिल, नरेगा महिलाओं के टिफिन से खाई बाजरे की रोटी, बोले- 'घणी चौकी साग बनाई री बाई'

राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कोटा जिले में नरेगा कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ जमीन पर बैठकर संवाद किया और उनके टिफिन से बाजरे की रोटी व सब्जी खाई। ठेठ राजस्थानी अंदाज में सब्जी की तारीफ करते हुए कहा, "घणी चौकी साग बनाई री बाई"। इस सादगी भरे पल की सोशल मीडिया पर खूब सराहना हो रही है, जो मंत्री के जनता से जुड़ाव को दर्शाता है।

Dec 17, 2025 - 14:03
राजस्थान: शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की सादगी ने जीता दिल, नरेगा महिलाओं के टिफिन से खाई बाजरे की रोटी, बोले- 'घणी चौकी साग बनाई री बाई'

राजस्थान की भजनलाल सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर का एक अनूठा और जनसरोकारों से जुड़ा अंदाज सामने आया। कोटा जिले में नरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के कार्यस्थल पर पहुंचे मंत्री दिलावर ने वहां काम कर रही महिलाओं के बीच सीधे जमीन पर बैठकर उनसे संवाद किया और योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के टिफिन से बाजरे की रोटी और सब्जी खाकर अपनी सादगी का परिचय दिया, जिसकी सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर खूब सराहना हो रही है।

कार्यस्थल पर महिलाओं से सीधा संवादमंत्री मदन दिलावर नरेगा साइट पर पहुंचे और महिलाओं के साथ जमीन पर बैठ गए। उन्होंने महिलाओं से विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बातचीत की। सबसे पहले उन्होंने पूछा कि क्या सभी को मुफ्त गेहूं मिल रहा है या नहीं। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनने की स्थिति और मुफ्त शौचालय निर्माण की प्रगति के बारे में जानकारी ली।मंत्री ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं की इज्जत और सम्मान के लिए 'घर-घर इज्जत घर' (उज्ज्वला योजना और शौचालय निर्माण) जैसी योजनाएं चलाई हैं, ताकि हर महिला को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं का जीवन आसान बनाना है।

टिफिन से खाया खाना, ठेठ राजस्थानी अंदाज में की तारीफसंवाद के दौरान मंत्री दिलावर ने ठेठ देशी और राजस्थानी अंदाज में महिलाओं से कहा, "अरी बणा, मुंह तो रोटी खाबा आयो छू, री रोटी खुआओगी के?" (अरे बहनों, मैं तो रोटी खाने आया हूं, रोटी खिलाओगी क्या?)। इस पर महिलाओं ने हंसते-हंसते अपना टिफिन खोला और मंत्री को बाजरे की गर्मागर्म रोटी, आलू-पालक की सब्जी और अन्य देशी व्यंजन खिलाए।महिलाएं इस दौरान उत्साहित हो गईं और गीत गुनगुनाने लगीं। 

उन्होंने पारंपरिक राजस्थानी गीत गाया: "बाजरा की रोटी खा लो श्याम, चूरमा भूल जावेला..." और मंत्री को भोजन कराया। मंत्री दिलावर ने भी जमीन पर बैठकर मजदूरों के साथ मिलकर भोजन किया। पानी पीते हुए उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "घणी चौकी साग बनाई री बाई, मारी घरवाली ने भी सिखाओगी के!" (बहुत अच्छी सब्जी बनाई है बहन, मेरी घरवाली को भी सिखाओगी क्या?)।यह पल बेहद भावुक और हृदयस्पर्शी था, जिसमें मंत्री की सादगी और जनता से जुड़ाव साफ झलक रहा था। महिलाएं भी मंत्री के इस व्यवहार से खुश नजर आईं और उन्होंने अपनी समस्याओं को खुलकर साझा किया।

सादगी का संदेश और राजनीतिक महत्व मदन दिलावर लंबे समय से भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और रामगंज मंडी से विधायक हैं। वे पहले भी अपनी सादगी और जनता से सीधे जुड़ाव के लिए जाने जाते हैं। इस घटना से भजनलाल सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का प्रयास भी दिखता है, जहां मंत्री खुद जमीनी स्तर पर जाकर योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.