गुरु गोलवलकर आकांक्षी विकास योजना: राजस्थान के 41 पिछड़े ब्लॉकों में 1.5 करोड़ रुपये के विकास कार्य

राजस्थान सरकार ने 41 सबसे पिछड़े ब्लॉकों के लिए 'गुरु गोलवलकर आकांक्षी विकास योजना' शुरू की। प्रति ब्लॉक 1.5 करोड़ रुपये से सड़क, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार पर खर्च होगा। योजना भरतपुर से शुरू, कुल 82 करोड़ का निवेश।

Nov 8, 2025 - 11:23
गुरु गोलवलकर आकांक्षी विकास योजना: राजस्थान के 41 पिछड़े ब्लॉकों में 1.5 करोड़ रुपये के विकास कार्य

भरतपुर, 8 नवंबर 2025:

राजस्थान सरकार ने सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों के समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से 'गुरु गोलवलकर आकांक्षी विकास योजना' की शुरुआत की है। इस योजना के तहत प्रदेश भर में 41 सबसे पिछड़े विकास खंडों (ब्लॉकों) की पहचान की गई है, जहां हर ब्लॉक में 1.5 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया जाएगा। इन धनराशि से सड़क निर्माण, जल संरक्षण, शिक्षा सुविधाओं का विस्तार, स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन, रोजगार सृजन और अन्य बुनियादी विकास कार्य कराए जाएंगे। योजना का नाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के दूसरे सरसंघचालक श्री मधावराव सदाशिवराव गोलवलकर (गुरुजी) के नाम पर रखा गया है, जो सामाजिक समरसता और ग्रामीण विकास के प्रबल समर्थक थे। यह पहल राज्य सरकार की 'आकांक्षी जिलों' और 'आकांक्षी ब्लॉकों' पर केंद्रित विकास रणनीति का हिस्सा है, जो केंद्र सरकार की आकांक्षी विकास कार्यक्रम से प्रेरित है।

योजना के तहत चिह्नित ब्लॉकों का चयन विभिन्न मानदंडों जैसे गरीबी दर, शिक्षा स्तर, स्वास्थ्य संकेतक, बुनियादी ढांचे की कमी और आर्थिक पिछड़ेपन के आधार पर किया गया है। इन ब्लॉकों में ज्यादातर ग्रामीण और आदिवासी बहुल क्षेत्र शामिल हैं, जहां विकास की गति धीमी रही है। प्रत्येक ब्लॉक में 1.5 करोड़ रुपये के व्यय से स्थानीय जरूरतों के अनुरूप परियोजनाएं शुरू की जाएंगी, जिससे लगभग 82 करोड़ रुपये का कुल निवेश होगा। इससे न केवल बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। विकास कार्यों की निगरानी जिला कलेक्टरों और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से की जाएगी, ताकि पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित हो सके।इस योजना को लागू करने का निर्णय हाल ही में राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया था, और इसका शुभारंभ भरतपुर जिले से किया जा रहा है। भरतपुर के जिला कलेक्टर ने बताया कि योजना से इन ब्लॉकों में रहने वाले लाखों ग्रामीणों का जीवन स्तर ऊंचा उठेगा। यह योजना राजस्थान के असंतुलित विकास को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, खासकर उन क्षेत्रों में जहां सूखा, बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं ने विकास को प्रभावित किया है।

चिह्नित 41 पिछड़े ब्लॉकों की सूची:नीचे दिए गए ब्लॉकों को उनके संबंधित जिलों के साथ सूचीबद्ध किया गया है (कुछ ब्लॉकों के लिए जिला स्पष्ट रूप से उल्लिखित है, जबकि अन्य में जिला संदर्भित है):दोसा का सिकंदरा,  ब्यावर का मसूदा,  अलवर का रामगढ़, बांसवाड़ा का गढ़ी,  बारां का शाहाबाद,  बाड़मेर का चौहटन, भरतपुर का भुसावर,  भीलवाड़ा का करेड़ा,  बीकानेर ,बूंदी का तालेड़ा,  चित्तौड़गढ़ का गंगरार, चूरू ,  धौलपुर का सैंपऊ,  डूंगरपुर का गलियाकोट,  हनुमानगढ़ का भादरा,  जयपुर का चाकसू,  जैसलमेर का सम,  जालौर ,  फलोदी का आऊ,  झालावाड़ का झालरापाटन,  झुंझुनू ,  करौली,  कोटा का लाडपुरा,  नागौर का मेड़ता,  पाली का बाली,  प्रतापगढ़ का धमोत्तर,  राजसमंद का कुंभलगढ़,  सवाई माधोपुर का खंडार,  सीकर का खंडाला,  सिरोही का पिंडवाड़ा,  श्री गंगानगर का सादुल शहर,  टोंक का उनियारा,  सलूंबर का सराडा,  उदयपुर का कोटडा,  बालोतरा का सिणधरी, अजमेर का भिनाय,  जोधपुर का सेखाला,  डीडवाना का कुचामन-नावा,  डीग का पहाड़ी,  खैरथल का तिजारा,  कोटपूतली बहरोड़ का बानसूर। 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.