कोटा: ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने निर्माणाधीन पॉलिटेक्निक कॉलेज का औचक निरीक्षण किया, गुणवत्ता पर जताई नाराजगी - एक्सईएन को दी कड़ी फटकार

राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कोटा के कनवास में 9 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पॉलिटेक्निक कॉलेज के निर्माण का औचक निरीक्षण किया। क्रेशर डस्ट और बिना छनी रेत के उपयोग पर नाराजगी जताते हुए एक्सईएन को फटकार लगाई और गुणवत्ता में कमी मिलने पर पूरा स्ट्रक्चर तुड़वाने की चेतावनी दी। मंत्री ने सामग्री की जांच, लेबोरेट्री स्थापना और थर्ड पार्टी जांच के निर्देश दिए, साथ ही कहा कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
December 15, 2025 • 3:40 PM  11
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कोटा: ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने निर्माणाधीन पॉलिटेक्निक कॉलेज का औचक निरीक्षण किया, गुणवत्ता पर जताई नाराजगी - एक्सईएन को दी कड़ी फटकार
“कोटा: ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने निर्माणाधीन पॉलिटेक्निक कॉलेज का औचक निरीक्षण किया, गुणवत्ता पर जताई नाराजगी - एक्सईएन को दी कड़ी फटकार”
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15 Dec 2025
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कोटा: ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने निर्माणाधीन पॉलिटेक्निक कॉलेज का औचक निरीक्षण किया, गुणवत्ता पर जताई नाराजगी - एक्सईएन को दी कड़ी फटकार

कोटा (राजस्थान), 15 दिसंबर 2025 राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने रविवार शाम कोटा जिले के कनवास क्षेत्र में निर्माणाधीन राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कई कमियां सामने आने पर मंत्री ने सख्त नाराजगी जताई और राजस्थान कृषि विपणन बोर्ड के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) रामप्रसाद जाटव को फोन पर तलब कर कड़ी फटकार लगाई। मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्माण में किसी तरह की गुणवत्ता की कमी पाई गई, तो पूरी संरचना (स्ट्रक्चर) को तुड़वा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विकास रथ यात्रा के दौरान पहुंचे निर्माण स्थल पर मंत्री हीरालाल नागर कनवास क्षेत्र में आयोजित विकास रथ यात्रा में भाग लेने पहुंचे थे। इस दौरान वे विभिन्न विकास कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रमों में शामिल हुए। कार्यक्रमों के बाद शाम करीब 4 बजे वे दुधियाखेड़ी माताजी मंदिर के पास स्थित निर्माणाधीन पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थल पर पहुंचे। यहां निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि कॉलम में क्रेशर डस्ट का उपयोग किया जा रहा था, जबकि बनास नदी की रेत बिना छाने ही इस्तेमाल की जा रही थी। इन कमियों पर मंत्री ने तुरंत नाराजगी व्यक्त की और एक्सईएन रामप्रसाद जाटव को फोन कर मौके पर बुलाया।

मंत्री ने उठाए गुणवत्ता से जुड़े गंभीर सवाल निरीक्षण के दौरान मंत्री नागर ने निर्माण कार्य की बारीकी से जांच की। उन्होंने कहा कि इतने बड़े आरसीसी (रिइनफोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट) स्ट्रक्चर का कार्य चल रहा है, ऐसे में जूनियर इंजीनियर (जेईएन) की मौके पर उपस्थिति अनिवार्य है। साथ ही, निर्माण स्थल पर ऑटो मिक्सचर प्लांट लगाया जाना चाहिए ताकि सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।मंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि किस ब्रांड का सीमेंट और किस रेट की रेत का उपयोग हो रहा है, इसके प्रमाण मंगवाए। उन्होंने ड्राइंग डिजाइन मंगाकर उसे मौके पर उपलब्ध निर्माण सामग्री से मिलान किया। सरिए (स्टील बार) की मोटाई और वजन मापने के भी सख्त निर्देश दिए। विशेष रूप से, उन्होंने जोर दिया कि निर्माण में जोन-2 की मानक रेत का उपयोग होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। मंत्री ने क्यूब टेस्टिंग (कंक्रीट की मजबूती जांच) के लिए सैंपल भरवाने और पूरे निर्माण कार्य की थर्ड पार्टी जांच कराने के आदेश दिए।इसके अलावा, मंत्री ने निर्माण स्थल पर एक लेबोरेटरी स्थापित करने के निर्देश दिए, जहां निर्माण सामग्री की नियमित टेस्टिंग हो सके। निरीक्षण से पहले उन्होंने सुपरवाइजर को बुलाकर कार्य की विस्तृत जानकारी ली।

"बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देंगे" मंत्री नागर ने एक्सईएन और अन्य अधिकारियों से साफ शब्दों में कहा, "यह कॉलेज क्षेत्र के हजारों बच्चों के भविष्य से जुड़ा है। गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं चलेगा। यदि जांच में कोई कमी मिली, तो पूरा स्ट्रक्चर ध्वस्त करवा दिया जाएगा।" उनकी यह सख्ती क्षेत्र में सराहनीय मानी जा रही है, क्योंकि मंत्री पिछले कुछ समय से सरकारी निर्माण कार्यों, विशेषकर स्कूलों और अन्य शैक्षणिक भवनों में गुणवत्ता को लेकर सक्रिय रहे हैं।

9 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा पॉलिटेक्निक कॉलेज कनवास में यह राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज तकनीकी शिक्षा निदेशालय की ओर से स्वीकृत है, जिसके लिए 9 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी जारी की गई है। निर्माण कार्य राजस्थान कृषि विपणन बोर्ड द्वारा कराया जा रहा है। कॉलेज पूरा होने पर कनवास के अलावा देवली, सांगोद और बपावर क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को तकनीकी शिक्षा का बड़ा लाभ मिलेगा। यह कॉलेज क्षेत्र में उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

 

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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