मासूम बेटे को बचाने टांके में कूदी मां, पीछे-पीछे दूसरा बच्चा भी गिरा: डूबने से मां और दोनों बेटों की मौत, बालोतरा के निम्बा की ढाणी में हुआ दर्दनाक हादसा
राजस्थान के बालोतरा जिले के निम्बा की ढाणी में एक दर्दनाक हादसे में 29 वर्षीय देवी ने 6 साल के बेटे अर्जुन को पानी के टांके में गिरते देख उसे बचाने के लिए कूद गईं। पीछे-पीछे 3 साल का छोटा बेटा धर्मेंद्र भी गिर गया। तीनों के डूबने से मौके पर मौत हो गई। खेत में काम के दौरान हुआ यह हादसा मां की ममता की मिसाल है, लेकिन परिवार को पूरी तरह उजाड़ गया। पुलिस ने इसे दुर्घटना माना है।
राजस्थान के बालोतरा जिले में बुधवार दोपहर एक ऐसा हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी। एक मां ने अपने बड़े बेटे को पानी के टांके में गिरते देख उसकी जान बचाने के लिए खुद कूद गई, लेकिन पीछे-पीछे छोटा बेटा भी गिर गया। तीनों के डूबने से मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना बालोतरा जिले के गिड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली निम्बा की ढाणी गांव में दोपहर करीब 4 बजे की है।
हादसे का पूरा विवरण
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, निम्बा की ढाणी निवासी 29 वर्षीय देवी पत्नी प्रेम कुमार खेत में काम कर रही थीं। उनके दो मासूम बेटे—6 वर्षीय अर्जुन और 3 वर्षीय धर्मेंद्र—पास ही खेल रहे थे। खेलते-खेलते बड़ा बेटा अर्जुन अचानक खेत में बने पानी से भरे टांके में गिर गया।
देवी ने बेटे को गिरता देख बिना एक पल गंवाए उसे बचाने के लिए टांके में छलांग लगा दी। ममता के इस प्रयास में छोटा बेटा धर्मेंद्र भी मां के पीछे-पीछे टांके में जा गिरा। चिल्लाने और छीछालेदार की आवाज सुनकर सास-ससुर और आसपास के लोग दौड़े आए। लोगों ने किसी तरह तीनों को टांके से बाहर निकाला और तुरंत गिड़ा अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच और बयान
गिड़ा थानाधिकारी दलतपसिंह ने बताया कि परिजनों ने किसी भी तरह का संदेह नहीं जताया और इसे स्पष्ट हादसा बताया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया गया है। रात होने के कारण पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका, लेकिन सुबह आगे की औपचारिकताएं पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर ली है और जांच जारी है।
परिवार की पृष्ठभूमि
मृतका देवी की शादी करीब 10 साल पहले प्रेम कुमार से हुई थी। प्रेम कुमार प्लास्टर का काम करते हैं और मजदूरी के सिलसिले में ज्यादातर बाहर रहते हैं। देवी अपने दो छोटे बेटों के साथ सास-ससुर के साथ गांव में रहती थीं। इस हादसे ने परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है। पति जोधपुर या बाहर काम पर थे, और घटना की सूचना मिलते ही वे भी सदमे में हैं। गांव में हर तरफ मातम पसरा हुआ है।