राजस्थान हाईकोर्ट को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी: दोपहर 1:30 बजे 18 बम ब्लास्ट का दावा, जांच में कुछ नहीं मिला; इस महीने 5वीं बार धमकी
राजस्थान हाईकोर्ट (जयपुर पीठ) को 25 फरवरी 2026 को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसमें दोपहर 1:30 बजे 18 बम ब्लास्ट का दावा किया गया। हाईकोर्ट को 11 बजे तक खाली करने की चेतावनी दी गई। पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड ने पूरे परिसर की तलाशी ली, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। यह फरवरी में 5वीं और कुल 11वीं (31 अक्टूबर 2025 से) ऐसी फर्जी धमकी है, जिससे सुनवाई पर आज कोई असर नहीं पड़ा।
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट (जयपुर पीठ) को बुधवार (25 फरवरी 2026) को एक बार फिर बम से उड़ाने की गंभीर धमकी मिली है। यह धमकी ई-मेल के माध्यम से दी गई, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि हाईकोर्ट परिसर को दोपहर 1:30 बजे तक 18 बम धमाकों से उड़ा दिया जाएगा। धमकी भरे ई-मेल में लिखा था- "हाईकोर्ट को 11 बजे तक खाली कर दो। दोपहर 1:30 बजे हाईकोर्ट परिसर में 18 बम धमाके होंगे।"
यह धमकी जयपुर कोर्ट, जजों और स्टाफ के नाम से भेजी गई थी। सूचना मिलते ही हाईकोर्ट प्रशासन ने तुरंत पुलिस, बम निरोधक दस्ता (बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड) और डॉग स्क्वॉड को सूचित किया। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे हाईकोर्ट परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया। कोर्ट रूम, जजों के चैंबर, गलियारे और अन्य सभी हिस्सों की गहन जांच की गई, लेकिन कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। जांच पूरी होने के बाद परिसर को सुरक्षित घोषित कर दिया गया।
इस महीने की यह पांचवीं धमकी
हाईकोर्ट प्रशासन के अनुसार, फरवरी 2026 में यह अब तक की पांचवीं बम धमकी है। इस महीने की पिछली धमकियां निम्नलिखित तारीखों पर मिली थीं:6 फरवरी, 17 फरवरी,19 फरवरी, 20 फरवरी। ये सभी धमकियां भी ई-मेल के जरिए आई थीं और हर बार जांच में फर्जी साबित हुईं।
कुल 11वीं बार धमकी का सिलसिला
31 अक्टूबर 2025 से अब तक राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर पीठ को कुल 11 बार ऐसी बम धमकियां मिल चुकी हैं। इनमें से अधिकांश दिसंबर 2025 में आईं थीं। हर बार धमकी फर्जी निकलती है, लेकिन इससे कोर्ट परिसर में हड़कंप मच जाता है और सुरक्षा प्रक्रिया चलानी पड़ती है। इन बार-बार मिलने वाली धमकियों के कारण हाईकोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है।
सुनवाई पर आज कोई असर नहीं
आज सुबह जल्दी ही धमकी भरा ई-मेल मिल गया था, जिसके कारण हाईकोर्ट प्रशासन ने कोर्ट शुरू होने से पहले ही तलाशी पूरी कर ली। नतीजतन, सभी कोर्ट्स अपने निर्धारित समय सुबह 10:30 बजे से ही सामान्य रूप से चलने लगे। किसी भी तरह से न्यायिक कार्यवाही प्रभावित नहीं हुई।