जयपुर : दिल्ली की ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ महारैली में राजस्थान कांग्रेस को मिला सबसे बड़ा टार्गेट, 50 हजार कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटाने का लक्ष्य

14 दिसंबर को दिल्ली में होने वाली कांग्रेस की ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ महारैली के लिए राजस्थान कांग्रेस को 50 हजार कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटाने का सबसे बड़ा टार्गेट मिला है। PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा फुल एक्शन में हैं, बूथ लेवल तक संगठन को एक्टिव किया जा रहा है। 10 दिसंबर को केसी वेणुगोपाल और अजय माकन जयपुर आएंगे। आलाकमान अब दूसरे राज्यों को भी राजस्थान मॉडल अपनाने की नसीहत दे रहा है।

Dec 9, 2025 - 12:48
जयपुर : दिल्ली की ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ महारैली में राजस्थान कांग्रेस को मिला सबसे बड़ा टार्गेट, 50 हजार कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटाने का लक्ष्य

जयपुर।  राजस्थान कांग्रेस इन दिनों देशभर में एक मिसाल बनकर उभर रही है। पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों ने न सिर्फ प्रदेश में नई जान फूंकी है, बल्कि अब दिल्ली स्थित आलाकमान की नजर भी पूरी तरह राजस्थान इकाई पर टिकी हुई है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि 14 दिसंबर 2025 को दिल्ली केन्द्रीय दिल्ली में होने वाली कांग्रेस की बड़ी महारैली “वोट चोर गद्दी छोड़” के लिए राजस्थान को सबसे बड़ा टार्गेट मिला है – पूरे प्रदेश से कम से कम 50 हजार कार्यकर्ताओं-समर्थकों की भीड़ दिल्ली पहुंचाने का जिम्मा।

डोटासरा फुल एक्शन मोड में, बूथ लेवल तक मशीनरी सक्रिय प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पिछले कई दिनों से इस मिशन में पूरी तरह जुटे हुए हैं। ब्लॉक से लेकर बूथ स्तर तक संगठन की पूरी मशीनरी को एक्टिव कर दिया गया है। सभी 200 विधानसभाओं में विधायकों, पूर्व विधायकों, पिछले चुनाव के प्रत्याशियों, जिला कांग्रेस अध्यक्षों, प्रकोष्ठों-विभागों और फ्रंटल संगठनों को व्यक्तिगत तौर पर टार्गेट दे दिया गया है।हर जिले से बसें, टेम्पो ट्रैवलर और निजी वाहनों का इंतजाम किया जा रहा है। डोटासरा खुद रोजाना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और फील्ड विजिट के जरिए “मिशन महारैली” की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक अभी तक 40 हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है और बाकी 10 हजार का लक्ष्य अगले तीन-चार दिनों में पूरा करने का दावा किया जा रहा है।

10 दिसंबर को जयपुर आएंगे केसी वेणुगोपाल और अजय माकन राजस्थान कांग्रेस की इस स्पेशल वर्किंग को देखने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के शीर्ष नेता भी अब जयपुर आ रहे हैं। 10 दिसंबर को संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और AICC कोषाध्यक्ष अजय माकन जयपुर पहुंच रहे हैं। दोनों नेता PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के साथ विस्तृत बैठक करेंगे। इस बैठक में दिल्ली रैली की तैयारियों की पूरी समीक्षा होगी और जरूरी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

आलाकमान क्यों दे रहा राजस्थान मॉडल को तरजीह? पार्टी सूत्र बता रहे हैं कि पिछले कुछ महीनों में राजस्थान कांग्रेस ने जो संगठनात्मक सक्रियता दिखाई है – सदस्यता अभियान, ब्लॉक-मंडल सम्मेलन, बूथ सशक्तिकरण, पदयात्राएं और जनसंपर्क अभियान – उसने दिल्ली में बैठे आलाकमान को काफी प्रभावित किया है। यही वजह है कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सहित तमाम बड़े नेता अब दूसरे राज्यों की प्रदेश इकाइयों को बार-बार “राजस्थान की तर्ज पर काम करो” की नसीहत दे रहे हैं।14 दिसंबर की दिल्ली रैली में राजस्थान से सबसे बड़ी भीड़ आने की उम्मीद के साथ आलाकमान यह संदेश भी देना चाहता है कि 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने का जो मॉडल राजस्थान ने अपनाया है, वही पूरे देश में लागू किया जाए।