‘बेटा पॉलिटिक्स’ पर घमासान: अविनाश गहलोत का अशोक गहलोत पर पलटवार, सचिन पायलट के बेटे को लेकर साधा निशाना

अजमेर में अविनाश गहलोत ने ‘बेटा पॉलिटिक्स’ पर अशोक गहलोत के बयान का पलटवार करते हुए सचिन पायलट के बेटे को लेकर सवाल उठाए।

Mar 28, 2026 - 13:24
‘बेटा पॉलिटिक्स’ पर घमासान: अविनाश गहलोत का अशोक गहलोत पर पलटवार, सचिन पायलट के बेटे को लेकर साधा निशाना
‘बेटा पॉलिटिक्स’ पर घमासान: अविनाश गहलोत का अशोक गहलोत पर पलटवार, सचिन पायलट के बेटे को लेकर साधा निशाना

अजमेर। अजमेर से राजस्थान की राजनीति में ‘बेटा पॉलिटिक्स’ को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। अशोक गहलोत के बयान पर कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत ने तीखा पलटवार किया है।

‘पहले अपने घर में झांके कांग्रेस’

अजमेर में माली सैनी प्रीमियर लीग के दौरान मीडिया से बातचीत में अविनाश गहलोत ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दूसरों को नसीहत देने से पहले पार्टी को अपने भीतर झांकना चाहिए।
उन्होंने सचिन पायलट के बेटे आरन पायलट की वायरल तस्वीरों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि क्या यह चिंता का विषय नहीं है।

गहलोत के बयान पर जवाब

दरअसल, पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने हाल ही में भाजपा सरकार पर आरोप लगाया था कि मंत्रियों और नेताओं के बेटे सरकारी कामकाज में दखल दे रहे हैं। उन्होंने सलाह दी थी कि नेताओं को अपने बेटों को सत्ता और प्रशासनिक कार्यों से दूर रखना चाहिए। इस पर पलटवार करते हुए अविनाश गहलोत ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भी कई नेताओं के परिवारजनों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे, लेकिन उस समय कोई नियंत्रण नहीं था।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर ‘ब्रेक’ लगाना है, तो इसकी शुरुआत कांग्रेस नेताओं के परिवार से होनी चाहिए।

पायलट के बेटे की तस्वीरों पर सियासत

मंत्री ने जिन तस्वीरों का जिक्र किया, उनमें आरन पायलट को एनएसयूआई कार्यक्रमों और रैलियों में सक्रिय रूप से भाग लेते देखा गया था। भाजपा इसे ‘परिवारवाद’ और नई पीढ़ी की राजनीति में एंट्री के रूप में पेश कर रही है।

OBC आरक्षण पर भी दिया बयान

सियासी बयानबाजी के बीच अविनाश गहलोत ने ओबीसी आरक्षण पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ‘ट्रिपल टेस्ट’ प्रक्रिया के आधार पर ही आगे बढ़ेगी। मंत्री के मुताबिक, ओबीसी आयोग सर्वे का कार्य कर रहा है और रिपोर्ट के बाद ही चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान में 50% से अधिक ओबीसी आबादी है और उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलना जरूरी है। राजस्थान की राजनीति में ‘परिवारवाद’ और ‘बेटा पॉलिटिक्स’ का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है, जो आने वाले समय में और तेज हो सकता है।

Kashish Sain Bringing truth from the ground