राजस्थान विधानसभा में रोडवेज बसों को लेकर तीखी बहस, कांग्रेस विधायक बोले- "इसे बंद कर दीजिए", मंत्री ने पलटवार में कहा- "भट्ठा तो कांग्रेस ने ही बैठाया था"
राजस्थान विधानसभा के प्रश्नकाल में रोडवेज बसों की खराब हालत पर कांग्रेस विधायक घनश्याम मेहर ने टोडाभीम-नादौती क्षेत्र में बस न चलने का मुद्दा उठाया और कंडक्टरों की प्राइवेट बसों से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि रोडवेज का भट्ठा बैठ गया है, तो इसे बंद कर दीजिए। उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा ने जवाब दिया कि यात्री भार कम होने से बसें नहीं चल रही हैं और भट्ठा कांग्रेस के समय में ही बैठा दिया गया था। साथ ही परवन सिंचाई परियोजना में घटिया पाइप और घोटाले के आरोप पर कांग्रेस विधायक प्रमोद जैन भाया ने सरकार को घेरा, जबकि मंत्री ने कहा कि जांच पहले कांग्रेस सरकार में ही हुई थी। शाम को 2026-27 का बजट पास होने वाला है, जिसमें सीएम भजनलाल शर्मा कई घोषणाएं कर सकते हैं।
राजस्थान विधानसभा के मौजूदा सत्र में 27 फरवरी 2026 को प्रश्नकाल के दौरान रोडवेज बसों की खराब हालत और संचालन को लेकर सत्तापक्ष व विपक्ष के बीच जोरदार तनातनी देखने को मिली। कांग्रेस और भाजपा ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए, जबकि परवन सिंचाई परियोजना में कथित घोटाले और देरी के मुद्दे पर भी विपक्ष ने सरकार को घेरा। साथ ही, शाम को राज्य का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पारित होने वाला है, जिसमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कई नई घोषणाएं कर सकते हैं।
रोडवेज बसों पर हंगामा: "बंद कर दीजिए" vs "भट्ठा कांग्रेस ने बैठाया"
कांग्रेस विधायक घनश्याम मेहर (टोडाभीम) ने अपने क्षेत्र में रोडवेज बसों के न चलने का मुद्दा उठाया। परिवहन मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने जवाब देते हुए कहा कि नादौती-टोडाभीम क्षेत्र में यात्री भार (पैसेंजर लोड) कम होने के कारण रोडवेज बसें नहीं चलाई जा रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके कार्यकाल में राजस्थान रोडवेज पहली बार मुनाफे में आया है, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 800 नई बसें दी हैं और और भी बसें आने वाली हैं।
इस पर कांग्रेस विधायक घनश्याम मेहर ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि रोडवेज कंडक्टर प्राइवेट बस ऑपरेटरों से मिले हुए हैं। कंडक्टर टिकट नहीं काटते और प्राइवेट बसों को सवारियां छोड़ देते हैं। मेहर ने कहा, "रोडवेज का भट्ठा बैठा दिया गया है, तो फिर इसे बंद ही कर दीजिए।"
उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने तुरंत जवाब दिया, "रोडवेज का भट्ठा तो इन्होंने (कांग्रेस ने) बैठा दिया था।" नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सवाल उठाया कि यदि यात्री भार कम है तो इस रूट पर प्राइवेट बसों को कितने परमिट दिए गए हैं? उन्होंने कहा कि प्राइवेट बसें पहले चलती हैं और सवारियां उठा लेती हैं। बैरवा ने मिलीभगत के आरोप पर जांच करवाने की बात कही।
परवन सिंचाई परियोजना: घोटाले के आरोप, मंत्री ने कहा- आपके ही विधायक ने शिकायत की थी
कांग्रेस विधायक प्रमोद जैन भाया ने परवन सिंचाई परियोजना में देरी और घटिया पाइप लगाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि एचडीपीआई पाइप की क्वालिटी घटिया रखी गई, जिससे ठेकेदारों को करोड़ों का फायदा हुआ। किसानों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। भाया ने कहा कि राहुल गांधी ने इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था, इसलिए राजनीतिक द्वेष से भाजपा सरकार ने 5 साल तक काम नहीं किया। उन्होंने अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने पलटवार करते हुए कहा कि 2018 में तत्कालीन कांग्रेस विधायक पानाचंद मेघवाल की शिकायत पर ही जिम्मेदार इंजीनियरों को सस्पेंड किया गया था। उस समय कांग्रेस के ही मुख्यमंत्री जल संसाधन मंत्री थे। रावत ने बताया कि एसडीपीआई पाइप के अनुचित उपयोग पर 2021 में जांच हुई, कमेटी बनी और दोषी अफसर सस्पेंड हुए (बाद में बहाल)। उन्होंने घोषणा की कि घटिया पाइप के मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
बजट सत्र: आज पारित होगा 2026-27 का बजट, सीएम कई घोषणाएं कर सकते हैं
विधानसभा में आज शाम वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट (एप्रोप्रिएशन बिल) पारित हो जाएगा। शून्यकाल के बाद दिन भर बहस चली। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के भाषण के बाद शाम 5 बजे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बहस का जवाब देंगे। इस दौरान सीएम कई नई घोषणाएं कर सकते हैं, जैसे नई नौकरियां, जिलेवार विकास कार्य, सड़कें, पुल, ग्रामीण विकास, निकाय-पंचायत चुनावों को देखते हुए स्थानीय मांगों पर फोकस आदि। मुख्य बजट में छूटी घोषणाओं को पूरा करने की संभावना है।