नरेश मीणा पर हमला: प्रमोद भाया के लोगों ने की साजिश, जान को खतरा- चुनावी रंजिश का बदला?

बारां में पूर्व विधायक नरेश मीणा पर शनिवार शाम को हमला हुआ। मीणा ने इसे योजनाबद्ध साजिश बताते हुए कांग्रेस नेता प्रमोद जैन भाया के करीबियों पर आरोप लगाया। यह रंजिश अंता उपचुनाव के दौरान पोस्टर लगाने को लेकर हुई मारपीट से जुड़ी है। हमलावरों ने कार के शीशे तोड़े, मीणा ने एसपी कार्यालय के बाहर धरना दिया और जान को खतरा बताते हुए हाड़ौती के प्रमुख नेताओं को जिम्मेदार ठहराया। पुलिस ने हमलावरों को हिरासत में लिया और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।

Dec 21, 2025 - 13:57
नरेश मीणा पर हमला: प्रमोद भाया के लोगों ने की साजिश, जान को खतरा- चुनावी रंजिश का बदला?

बारां, राजस्थान: राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर हंगामा मचा हुआ है। पूर्व विधायक और चर्चित नेता नरेश मीणा पर शनिवार शाम को बारां जिले में हमला किया गया। मीणा ने इस हमले को पूरी तरह योजनाबद्ध बताते हुए कांग्रेस नेता प्रमोद जैन भाया के करीबियों पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनकी जान को खतरा है और यदि कुछ अनहोनी होती है, तो इसके लिए पुलिस-प्रशासन के साथ-साथ हाड़ौती क्षेत्र के प्रमुख नेता जिम्मेदार होंगे। यह घटना चुनाव के दौरान पोस्टर लगाने को लेकर हुई पुरानी रंजिश से जुड़ी बताई जा रही है।

घटना का पूरा विवरण शनिवार शाम को बारां जिले के आखेड़ी गांव के पास यह घटना घटी। नरेश मीणा एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते में वे एक बैठक में रुके और वापसी के दौरान अचानक 10-12 लोगों ने उनकी कार पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने लाठियों से कार के शीशे तोड़ दिए। मीणा के अनुसार, हमलावरों में से एक के पास पिस्टल भी थी, हालांकि हमला लाठी से किया गया। कार की स्पीड थोड़ी तेज होने के कारण ड्राइवर सीट पर हमला हुआ, जिससे कांच टूट गए। मीणा ने बताया कि वे कार से करीब 100 मीटर दूर जाकर बैठ गए और सोशल मीडिया पर हमले की जानकारी साझा की।

हमले के बाद मीणा के समर्थक बड़ी संख्या में इकट्ठे हो गए। आरोप है कि हमलावरों ने अपनी ही कार में आग लगा ली और तोड़फोड़ की, ताकि दोष मीणा के समर्थकों पर डाला जा सके। पुलिस मौके पर पहुंची और हमलावरों को हिरासत में लिया। हालांकि, मीणा को डर था कि पुलिस उन्हें थाने लाकर छोड़ देगी, इसलिए वे अपने समर्थकों के साथ बारां एसपी कार्यालय पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। उन्होंने भूख हड़ताल की धमकी भी दी। पुलिस अधिकारियों से चर्चा के बाद आश्वासन मिलने पर धरना समाप्त किया गया। पुलिस ने कहा कि सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नरेश मीणा का साक्षात्कार: प्रमुख अंश बातचीत में नरेश मीणा ने घटना को विस्तार से बताया। यहां उनके बयानों के प्रमुख अंश हैं:

घटना का ब्योरा: "मैं धार्मिक कार्यक्रम में जा रहा था। आखेड़ी गांव में बैठक में शामिल हुआ। वापसी पर मकान के सामने लोग आए और हमला किया। एक के पास पिस्टल थी, लेकिन लाठी से हमला किया। मैं फ्रंट सीट पर था। गाड़ी थोड़ी स्पीड में थी, इसलिए ड्राइवर सीट पर हमला हुआ। कांच टूट गए। मैं 100 मीटर दूर बैठ गया। सोशल मीडिया पर बताया, तो समर्थक इकट्ठे हुए। आरोपियों ने अपनी कार में आग लगा ली। पुलिस आई और उन्हें हिरासत में लिया।"

रंजिश की वजह: मीणा ने हमलावरों को प्रमोद जैन भाया के खास लोग बताया। "हमलावर प्रमोद जैन भाया के करीबी हैं। तोलाराम और उसके बेटे शामिल हैं। अंता चुनाव के समय मेरे कार्यकर्ता पोस्टर लगा रहे थे, तब इन लोगों ने मारपीट की। मैंने विरोध किया, तब से रंजिश है। अब हमला करवा दिया। मेरे आक्रामक अंदाज से नेता परेशान हैं। वे मुझे रोकना चाहते हैं।"

जान को खतरा: "यह हमला योजनाबद्ध था। मुझे मारने की साजिश रची जा रही है। यदि मुझे कुछ होता है, तो पुलिस-प्रशासन और हाड़ौती के चार नेता- प्रमोद जैन भाया, ओम बिरला, शांति धारीवाल, प्रताप सिंघवी जिम्मेदार होंगे। भाया के इर्द-गिर्द बदमाश घूम रहे हैं। पुलिस से मिलीभगत है।"

क्षेत्र की समस्याएं: मीणा ने बारां में बढ़ते अपराध पर चिंता जताई। "सट्टा-जुआ चल रहा है। हथियारों की खेपें पड़ी हैं। अपराधी पनप रहे हैं। किसानों के मुद्दे अनदेखे हैं। थर्मल प्लांट में रोजगार के नाम पर ठेकेदार पैसे काटते हैं। हम जल्द अराजकता के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे।"

'काला सांप' वाला बयान: "कांग्रेस-बीजेपी नेताओं ने मुझे चुनाव हराने का काम किया। मेरा समय आएगा, तो जैसे को तैसा करूंगा। यही मतलब था।"

भ्रष्टाचार पर विचार: हाल ही में तीन विधायकों के भ्रष्टाचार के वीडियो पर मीणा ने कहा, "तुरंत सस्पेंड करो, जेल भेजो। 90% नेता ऐसे हैं। सांसद तक निधि से पैसे लेते हैं। सरपंच तक भ्रष्ट हैं।"

चुनावी हार पर: अंता से चुनाव लड़ने पर मीणा ने कहा, "नतीजे खिलाफ नहीं थे। अनजान जगह से लड़ा, फिर भी 55 हजार वोट मिले। लोग पैसे के लोभ में आए। भाया भ्रष्टाचार के पैसे से जीते। मैं हार नहीं माना। गांव-गांव जा रहा हूं। लोगों में जागरूकता आ रही है।"

व्यक्तिगत लड़ाई?: "भाया से व्यक्तिगत लड़ाई नहीं। हाड़ौती के चार धन्नासेठों से है- ओम बिरला, प्रमोद भाया, शांति धारीवाल, प्रताप सिंघवी। ये गठजोड़ की राजनीति करते हैं। पार्टी और कार्यकर्ताओं को धोखा देते हैं। भाया पर ईडी-सीबीआई क्यों नहीं? वसुंधरा राजे रोक रही हैं, वरना बीजेपी जॉइन कर लेते।"

व्यवहार में नरमी?: "आज शांति से मामला हैंडल किया। समर्थकों को समझाया। गाड़ी हमने नहीं जलाई, खुद ने तोड़फोड़ की। भाया के लोग हैं, जिन्होंने उर्मिला पर हमला करवाया, अपनी गाड़ी पर गोली चलाई।"

पृष्ठभूमि और संबंधित घटनाएं नरेश मीणा राजस्थान की राजनीति में किसान और सामाजिक मुद्दों पर मुखर हैं। वे हाल ही में अंता विधानसभा उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़े थे, लेकिन हार गए। प्रमोद जैन भाया कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और क्षेत्र में प्रभावशाली हैं। यह हमला चुनावी रंजिश से जुड़ा लगता है। ईटीवी भारत की रिपोर्ट के अनुसार, घटना में नरेश मीणा की गाड़ी को टक्कर मारी गई, जिसके बाद उनके समर्थकों ने थामली सरपंच की गाड़ी फूंक दी। दोनों पक्षों में मारपीट हुई। मीणा संवेदना जताने किसी के घर जा रहे थे। सरपंच तोलाराम मीणा पर हमला करने का आरोप है। पुलिस ने हमलावरों को गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं, जहां मीणा एसपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं मौत से नहीं डरता, मुझे तो पहले पता था। जनवरी में बड़ा आंदोलन होगा।"

पुलिस की कार्रवाई और आगे की संभावनाएं पुलिस ने हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। मीणा ने चेतावनी दी कि यदि सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़ा आंदोलन होगा। क्षेत्र में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। हाड़ौती के नेता इस पर चुप्पी साधे हुए हैं।यह घटना राजस्थान की राजनीति में गुंडागर्दी और रंजिश की समस्या को उजागर करती है। मीणा जैसे नेता जो भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ आवाज उठाते हैं, उन्हें सुरक्षा की जरूरत है। आगे की जांच से सच्चाई सामने आएगी।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.