नागौर में आवारा कुत्तों का आतंक: बच्चे का पैर पकड़ा, युवक को जमीन पर गिराकर नोचने की कोशिश; कई महीनों से मचा है दहशत
नागौर शहर के गिनानी गर्ल्स स्कूल के पास आवारा कुत्तों ने दो लगातार दिनों में हमले किए। 6 मार्च की रात एक बच्चे का पैर पकड़ लिया गया, जबकि 7 मार्च को तीन कुत्तों ने एक युवक को घेरकर जमीन पर गिराकर नोचने की कोशिश की। स्थानीय लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों की जान बचाई। इलाके में कई महीनों से कुत्तों का आतंक है, पिछले दो दिनों में 24 से अधिक लोग घायल हुए। नगर परिषद ने आवारा पशुओं पर अभियान चलाया है, लेकिन कुत्तों के लिए दूसरे चरण की कार्रवाई का इंतजार है।
नागौर शहर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। हाल ही में गिनानी गर्ल्स स्कूल के पास दो लगातार घटनाओं ने इलाके के निवासियों में खौफ पैदा कर दिया है। इन हमलों में एक बच्चे और एक युवक पर कुत्तों ने जानलेवा अटैक किया, जिसमें उनकी जान बाल-बाल बची। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई महीनों से ये कुत्ते लोगों पर अचानक हमला कर रहे हैं, लेकिन नगर परिषद की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
पहली घटना: बच्चे पर पीछे से हमला (6 मार्च की रात)
6 मार्च की रात करीब 10:30 बजे, गिनानी गर्ल्स स्कूल के पास की एक गली से घर लौट रहा एक बच्चा आवारा कुत्तों के हमले का शिकार हो गया। कुत्ते ने अचानक पीछे से आकर बच्चे का पैर मुँह में पकड़ लिया। डर के मारे बच्चा जोर-जोर से चिल्लाने लगा। उसकी चीख सुनकर उसी समय वहाँ से गुजर रहे एक बाइक सवार ने हस्तक्षेप किया। बाइक की आवाज और व्यक्ति के आने से कुत्ते बच्चे को छोड़कर भाग गए। इस हादसे में बच्चे की जान तो बच गई, लेकिन वह सदमे में था और पैर पर चोट आई।
दूसरी घटना: युवक को घेरकर किया हमला, जमीन पर गिरते ही नोचा (7 मार्च की रात)
अगले ही दिन, 7 मार्च की रात करीब 10:22 बजे, उसी इलाके में तीन आवारा कुत्तों ने एक युवक को घेर लिया। युवक ने बचाव के लिए हाथ-पैर मारे, लेकिन संघर्ष में वह जमीन पर गिर पड़ा। जैसे ही वह गिरा, कुत्ते उसके ऊपर टूट पड़े और नोचने-काटने की कोशिश करने लगे। युवक बुरी तरह घायल हो गया। मौके पर पास के घरों से निकले स्थानीय लोगों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने कुत्तों को डराकर भगाया और युवक को बचाया। अगर लोग समय पर नहीं पहुँचते तो मामला और गंभीर हो सकता था।
इलाके में कई महीनों से मचा आतंक
गिनानी क्षेत्र के निवासी वजाहत अली ने बताया कि ये कुत्ते कई महीनों से इलाके में दहशत फैला रहे हैं। बड़े-बच्चे, कोई भी सुरक्षित नहीं है। जो भी गली से गुजरता है, उन पर अचानक हमला हो जाता है। नगर परिषद में दर्जनों शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पिछले दो दिनों में ही इन कुत्तों ने 24 से ज्यादा लोगों को घायल कर दिया है। लोग अब रात में घर से निकलने से डरने लगे हैं।
नगर परिषद का जवाब और अभियान
नागौर नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त एवं एसडीएम गोविंद सिंह भींचर ने बताया कि आवारा पशुओं को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पहले चरण में आवारा गोवंश को पकड़कर कांजी हाउस में सुरक्षित स्थान पर भेजा जा रहा है। अब तक 350 से अधिक गोवंश को वहाँ रखा जा चुका है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दूसरे चरण में आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान शुरू किया जाएगा, ताकि शहर में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।