कोटा में डेढ़ सौ बीघा गेहूं की फसल जलकर खाक: खेतों में शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग, किसानों का लाखों का नुकसान

कोटा जिले के दीगोद उपखंड के सुल्तानपुर इलाके में शुक्रवार सुबह खेतों में बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग ने डेढ़ सौ बीघा गेहूं की पकी फसल को चपेट में ले लिया। 10 से ज्यादा किसानों की फसल जलकर राख हो गई, जिसमें जगदीश मीणा की 50 बीघा (15 लाख से अधिक नुकसान) और महावीर मीणा की 6 बीघा (3-4 लाख नुकसान) शामिल है। दमकल की 4 गाड़ियों ने 2 घंटे में आग पर काबू पाया। किसान प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

Mar 27, 2026 - 17:23
कोटा में डेढ़ सौ बीघा गेहूं की फसल जलकर खाक: खेतों में शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग, किसानों का लाखों का नुकसान

कोटा, राजस्थान। शुक्रवार सुबह कोटा ग्रामीण क्षेत्र के दीगोद उपखंड अंतर्गत सुल्तानपुर इलाके में गेहूं की खड़ी फसल में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और एक खेत से दूसरे खेत में तेजी से फैल गई। इस हादसे में लगभग डेढ़ सौ बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह जलकर राख हो गई, जिससे आसपास के 10 से अधिक किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

आग कैसे लगी और कैसे फैली?

सुबह करीब 11 बजे खेतों में आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय किसानों में हड़कंप मच गया। आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं और घना धुआं आसमान में फैल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि किसान कुछ समझ पाते, उससे पहले ही कई खेतों को अपनी चपेट में ले चुकी थी।आग लगने का मुख्य कारण बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट या स्पार्किंग होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अभी तक आधिकारिक रूप से कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। कुछ खेतों में कटी हुई फसल भी पड़ी थी, जिसे भी आग ने नष्ट कर दिया।

दमकल विभाग की कार्यवाही

आग की सूचना मिलते ही दीगोद से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग की तेज रफ्तार को देखते हुए सीएफसीएल (CFCL) से भी अतिरिक्त दमकलें बुलाई गईं। कुल 4 दमकल गाड़ियों ने लगभग 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी कोटा राकेश व्यास ने बताया कि सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की गई, लेकिन आग की तेज फैलाव के कारण काफी नुकसान हो चुका था।

किसानों को हुआ भारी नुकसान

इस घटना में सबसे ज्यादा नुकसान कचोलिया निवासी किसान जगदीश मीणा को हुआ। उनकी 50 बीघा गेहूं की पकी हुई फसल पूरी तरह जल गई। जगदीश मीणा ने बताया, “मेरी 50 बीघा में गेहूं की फसल थी। कटाई नहीं हुई थी। एक-दो दिन में मशीन बुलाकर कटवाने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही आग लग गई। पकी फसल की अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये से अधिक है।”

इसी तरह जालिमपुरा (जालीमपुरा) निवासी किसान महावीर मीणा की 6 बीघा फसल जलकर खाक हो गई। महावीर ने बताया कि उनका नुकसान करीब 3 से 4 लाख रुपये का है। कुछ खेतों में कटी फसल भी आग की भेंट चढ़ गई।कुल मिलाकर डेढ़ सौ बीघा क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जिसमें 10 से ज्यादा किसानों की फसल शामिल है। किसान अपनी मेहनत की राख होते देख बेबस रह गए और अब प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

प्रशासनिक कार्रवाई

घटना के बाद इलाके के पटवारी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा ले रहे हैं। राजस्व विभाग जल्द ही सर्वे पूरा करके रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसके आधार पर मुआवजे का प्रस्ताव भेजा जाएगा।

हालिया पृष्ठभूमि

बता दें कि कोटा ग्रामीण क्षेत्र में हाल के दिनों में ऐसी आग की घटनाएं बढ़ी हैं। कुछ दिन पहले (19 मार्च को) मांदलिया खेड़ी गांव और जगदीशपुरा रोड पर भी गेहूं की फसल में आग लगी थी, जिसे दमकल विभाग ने काबू किया था।यह घटना किसानों के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि गेहूं की कटाई का समय नजदीक था और फसल अच्छी थी। किसान संगठन और स्थानीय नेता भी मुआवजे और बिजली लाइनों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.